रांची : तकनीकी शिक्षा के लिए विवि खोलेगा आइइटीइ
Updated at : 20 Jan 2020 9:26 AM (IST)
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रांची : राज्य में इंस्टीट्यूट अॉफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियर (आइइटीइ) विश्वविद्यालय खोला जायेगा. इसके लिए डीपीआर बना कर झारखंड के उच्च, तकनीकी व कौशल विकास विभाग में जमा किया गया है. देश व विदेश में काम कर रही इस संस्था की स्थापना 1953 में हुई है. इस विवि का मुख्य उद्देश्य राज्य में उच्च […]
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रांची : राज्य में इंस्टीट्यूट अॉफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियर (आइइटीइ) विश्वविद्यालय खोला जायेगा. इसके लिए डीपीआर बना कर झारखंड के उच्च, तकनीकी व कौशल विकास विभाग में जमा किया गया है. देश व विदेश में काम कर रही इस संस्था की स्थापना 1953 में हुई है. इस विवि का मुख्य उद्देश्य राज्य में उच्च तकनीकी शिक्षा व शोध कार्य को बढ़ावा देना है. तकनीक के क्षेत्र में नये-नये आइडियाज पर काम किया जायेगा. राज्य के आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र से जोड़ने के लिए भी प्रावधान होगा. विभाग को सौंपे गये प्रस्ताव के मुताबिक, इस विवि में बीटेक/एमटेक/डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई होगी. इसके अलावा वोकेशनल व स्किल कोर्स भी चलाये जायेंगे. एमबीए, एमसीए की भी पढ़ाई होगी.
भविष्य में मास कम्यूनिकेशन (डिजिटल), मेडिकल से संबंधित कोर्स भी चलाने की योजना है. झारखंड में इस संस्था ने पूर्व में ही बीएसएनएल के साथ एमअोयू किया है. बीएसएनएल के बूटी स्थित जुमार पुल के पास स्थित एडवांस कंप्यूटिंग सेंटर के प्रशासनिक भवन में आइइटीइ पिछले कई वर्ष से कार्य कर रहा है. झारखंड में इसके संरक्षक रांची विवि के पूर्व कुलपति डॉ एए खान हैं, जबकि अध्यक्ष बीएसएनएल के सीजीएम केके ठाकुर हैं. इस संस्था का वर्तमान में विश्वस्तरीय 12 संस्थाअों के साथ एमअोयू है. इनमें जीआइएसएफआइ, इएसएसआइ, कॉसमॉक, एकेजीइसी स्किल फाउंडेशन आदि शामिल हैं.
मुख्य रूप से पांच विभाग के साथ इसे आरंभ किया जायेगा. इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्यूनिकेशन, कंप्यूटर साइंस, साइबर सिक्यूरिटी, सिविल आदि शामिल हैं. विवि के सभी कोर्स व नामांकन यूजीसी व एआइसीटीइ के मापदंड के अनुरूप होंगे.
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