बिरसा कृषि विवि के 11 कॉलेजों में अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों को मिला सेवा विस्तार

Updated at : 02 Jan 2020 3:40 AM (IST)
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बिरसा कृषि विवि के 11 कॉलेजों में अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों को मिला सेवा विस्तार

रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी 11 कॉलेजों में अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को अगले आदेश तक के लिए सेवा विस्तार दे दिया गया है. कुलपति डॉ आरएस कुरील ने वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया है. इन कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों का अनुबंध 31 दिसंबर 2019 […]

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रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी 11 कॉलेजों में अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को अगले आदेश तक के लिए सेवा विस्तार दे दिया गया है. कुलपति डॉ आरएस कुरील ने वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया है.

इन कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों का अनुबंध 31 दिसंबर 2019 को समाप्त हो गया था. विवि प्रशासन ने विवि में अनुबंध पर नियुक्त कंप्यूटर सहायकों को भी सेवा विस्तार दे दिया है. कुलपति डॉ आरएस कुरील ने बताया कि छात्रहित में शिक्षकों को अगले आदेश तक के लिए सेवा विस्तार दे दिया गया है.
विवि अंतर्गत जिन कॉलेजों के शिक्षकों का अनुबंध विस्तार दिया गया है, उनमें रांची एग्रीकल्चर कॉलेज, रांची वेटनरी कॉलेज, रांची फॉरेस्ट्री कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज गढ़वा, तिलका मांझी कॉलेज गोड्डा, रवींद्रनाथ टैगोर कॉलेज देवघर, हॉर्टिकल्चर कॉलेज खूंटपानी, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज कांके, बायोटेक्नोलॉजी कॉलेज, डेयरी व टेक्नोलॉजी कॉलेज, फिशरी कॉलेज गुमला शामिल हैं.
मालूम हो कि बीएयू अंतर्गत 11 में से सात कॉलेज दो से तीन वर्ष पूर्व खुले हैं. छात्रों का नामांकन भी हो गया है. लेकिन शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं हो पायी है. फलस्वरूप, विवि प्रशासन ने अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति कर पठन-पाठन आरंभ कर दिया था.
इन कॉलेजों में होना था साक्षात्कार : बिरसा कृषि विवि प्रशासन ने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए चार जनवरी से साक्षात्कार लेने की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया.
जिन कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार होना था, उनमें गुमला में खुले मत्स्य कॉलेज में शिक्षकों के 12 पद, हंसडीहा स्थित डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज में नौ पद, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज कांके में 12 पद, हॉर्टिकल्चर कॉलेज खूंटपानी (चाईबासा) में 20 पद अौर एग्रीकल्चर कॉलेज गोड्डा में शिक्षकों के 88 पद शामिल हैं.
बीएयू स्वरोजगार कार्यक्रमों को देगा बढ़ावा
रांची : बिरसा कृषि विवि में बुधवार को नववर्ष समारोह का आयोजन किया गया. कुलपति डॉ आरएस कुरील ने विवि परिवार के सभी लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य की करीब 76 फीसदी आबादी गांवों में रहती है. कुल श्रमशक्ति का लगभग 67 फीसदी कृषि पर आश्रित है. कृषि कार्य को लाभकारी स्वरूप देने, ग्रामीण युवक व युवतियों के लिए स्वरोजगार सृजन आधारित कार्यक्रम, ग्रामीण आबादी की आजीविका एवं पोषण सुरक्षा आदि विवि की प्रमुख चुनौतियां हैं.
कुलपति ने कहा कि राज्य में करीब 75-80 लाख टन खाद्यान की आवश्यकता है. इसकी जगह करीब 50-55 लाख टन खाद्यान का उत्पादन होता है. 20-25 लाख टन खाद्यान की कमी को पूरा करने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है.
किसान एवं राज्य हित में लघु एवं दीर्घकालीन शोध कार्य को प्राथमिकता, सोयाबीन, मड़ुआ, तीसी एवं संकर धान की दो किस्मों का विकास, टांड़ भूमि में धान की जगह रागी, सोयाबीन एवं उड़द की खेती को बढ़ावा, धान की परती करीब 14.60 लाख हेक्टेयर भूमि में सरसों, तीसी एवं चना की खेती को बढ़ावा, उलीहातु गांव में 27 लाभकारी कार्यक्रमों का कार्यान्वयन तथा राज्य के अन्य 40 आदिवासी बहुल गांवों में लाभकारी तकनीकों को बढ़ावा प्रमुख उपलब्धियां है.
उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा को बढ़ावा, नये कॉलेजों में सुविधाओं का विस्तार, सेमेस्टर कैलेंडर का पालन, छात्राओं की सुरक्षा, कॉलेज अॉफ ट्राइबल एग्रीकल्चर कल्चर की स्थापना, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में स्नातक शिक्षा, उलीहातु गांव का मॉडल विलेज के रूप में विकास, लाभकारी कृषि तकनीकी माध्यम से आदिवासी एवं दलित किसानों को आजीविका एवं पोषण सुरक्षा एवं आय में वृद्धि, केवीके के माध्यम से मीठी क्रांति, किसानों की दुगुनी आय एवं बीज उत्पादन को देने का संकल्प लेने की जरूरत है. इससे पूर्व एग्रीकल्चर डीन डॉ एमएस यादव आगंतुकों का स्वागत किया. शशि सिंह ने संचालन व डॉ नरेंद्र कुदादा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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