एसबीआइ की कार्रवाई : एचइसी का खाता फ्रीज, उत्पादन पर पड़ेगा असर
Updated at : 29 Dec 2019 6:08 AM (IST)
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राजेश झा भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय ने दिया था नोटिस रांची : एचइसी (भारी अभियंत्रण निगम) के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगा दी गयी है. भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, रांची द्वारा दिये गये नोटिस के बाद एसबीआइ की हटिया शाखा द्वारा यह कार्रवाई की गयी है. बताया गया कि एचइसी प्रबंधन द्वारा समय […]
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राजेश झा
भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय ने दिया था नोटिस
रांची : एचइसी (भारी अभियंत्रण निगम) के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगा दी गयी है. भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, रांची द्वारा दिये गये नोटिस के बाद एसबीआइ की हटिया शाखा द्वारा यह कार्रवाई की गयी है. बताया गया कि एचइसी प्रबंधन द्वारा समय पर पीएफ राशि जमा नहीं करने को लेकर भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, रांची ने एचइसी पर 95 करोड़ रुपये का विलंब शुल्क लगाते हुए भुगतान करने का नोटिस दिया था.
इस मामले में पूर्व में एचइसी प्रबंधन हाइकोर्ट गया था, लेकिन एक माह पहले एचइसी हाइकोर्ट में हार गया. हाइकोर्ट के फैसले के बाद भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय ने एचइसी को राशि भुगतान के लिए नोटिस दिया था, लेकिन नोटिस को एचइसी प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया और न ही समय पर हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया. नतीजा यह हुआ कि एचइसी का बैंक खाता फ्रीज हो गया.
बताया जाता है कि एचइसी द्वारा कर्मियों के पीएफ मद में वर्ष 1976 से लेकर वर्ष 1999 तक निर्धारित समय पर पैसा जमा नहीं किया गया था. इस संबंध में भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय ने वर्ष 2003 में एचइसी प्रबंधन को बकाया पीएफ राशि के साथ ब्याज एवं विलंब शुल्क का भुगतान करने का नोटिस दिया था, लेकिन उस समय कंपनी के पास पैसा नहीं था.
इसलिए एचइसी प्रबंधन ने वर्ष 2007 में कंपनी के पुनरुद्धार पैकेज में उक्त राशि की मांग की थी. इस पर वर्ष 2007 में एचइसी का पुनरुद्धार पैकेज मंजूर हुआ, जिसमें केंद्र सरकार ने बकाया एवं ब्याज की राशि ही दी. एचइसी प्रबंधन ने पीएफ बकाया एवं ब्याज की राशि का भुगतान वर्ष 2007 में ही कर दिया था, लेकिन विलंब शुल्क की राशि जमा नहीं की. साथ ही इस मामले को लेकर एचइसी प्रबंधन न्यायालय में चला गया, लेकिन वहां से एचइसी को राहत नहीं मिली.
पीएफ कार्यालय के सू़त्रों के अनुसार, भविष्य निधि कार्यालय ने 14 बी के तहत 80 करोड़ रुपये एवं 7 क्यू के तहत 15 करोड़ रुपये का भुगतान करने का नोटिस दिया था.
नोटिस तीन दिसंबर 2019 को एचइसी को भेजा गया था, लेकिन उच्च अधिकारियों के आपसी तालमेल नहीं रहने एवं प्रभारी सीएमडी के एचइसी में समय नहीं देने के कारण इस पर समय पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. मालूम हो कि भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, रांची ने वित्तीय वर्ष 2005-06 में भी एचइसी के बैंक खाता के संचालन पर रोक लगवा चुका है.
95 करोड़ का विलंब शुल्क लगाया गया था एचइसी पर, समय पर पीएफ का भुगतान नहीं किया गया था
क्या होगी परेशान : पहले से ही वित्तीय संकट झेल रहे एचइसी के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगने से परेशानी और बढ़ जायेगी. इससे कार्यशील पूंजी की कमी होगी. इसका असर कच्चे माल की सप्लाई पर पड़ेगा.
कर्मियों का वेतन भुगतान समय पर नहीं होगा, उत्पादन प्रभावित होगा, कंपनी की साख ग्राहकों के बीच खराब होगी व समय पर कार्यादेश पूरा नहीं होगा. मालूम हो कि एचइसी में वर्तमान में इसरो के लिए कई महत्वपूर्ण उपकरण बनाये जा रहे हैं. एचइसी के पास वर्तमान में 700 करोड़ रुपये से अधिक का कार्यादेश है.
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