झारखंड के दर्जन भर पूर्व मंत्री व विधायक भ्रष्टाचार के आरोपी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Nov 2019 6:22 AM

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शकील अख्तर रांची : राज्य गठन के बाद झारखंड के दर्जन भर नेता भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे. इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक शामिल हैं. भ्रष्टाचार के इन मामलों में कई दलों के नेता शामिल हैं. चुनावी जंग में अप्रत्यक्ष रूप से हाॅर्स ट्रेडिंग की चर्चा तो हर जगह होती है. झारखंड […]

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शकील अख्तर
रांची : राज्य गठन के बाद झारखंड के दर्जन भर नेता भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे. इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक शामिल हैं. भ्रष्टाचार के इन मामलों में कई दलों के नेता शामिल हैं. चुनावी जंग में अप्रत्यक्ष रूप से हाॅर्स ट्रेडिंग की चर्चा तो हर जगह होती है. झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना, जहां सीबीआइ ने हाॅर्स ट्रेडिंग में दो प्राथमिकी दर्ज की.
भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे इन नेताओं ने खुद को बचाने के लिए कई तरीके अपनाये. एक मंत्री ने अपनी पत्नी को ब्यूटीशियन बताया. एक ने पत्नी द्वारा मछली बेच कर लाखों कमाने का दावा किया, तो किसी ने पत्नी को अपने ही विभाग में ठेकेदार बना दिया. जांच पड़ताल के इस पूरे प्रकरण का सबसे रोचक पहलू यह कि एक विधायक ने तो सीबीआइ अधिकारी से ही पूछ लिया, कुछ चाहिए तो ….?
वर्ष 2009 में आयकर अनुसंधान शाखा के तत्कालीन अधिकारियों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा व अन्य के ठिकानों पर की गयी छापामारी में मंत्रियों के बीच फैले भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए. हाॅर्स ट्रेडिंग का मामला भी 2012 के राज्यसभा चुनाव में आयकर की अनुसंधान शाखा द्वारा एक करोड़ रुपये पकड़े जाने के बाद उजागर हुआ. सीबीआइ ने भ्रष्टाचार के मामले में राज्य के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. राज्यसभा चुनाव 2010 व 2012 में सीबीआइ ने दो प्राथमिकी दर्ज की.
प्रवर्तन निदेशालय का कार्यालय खोला गया रांची में : झारखंड में राजनीतिक भ्रष्टाचार के मामले इतने चर्चित हुए कि केंद्र सरकार ने मनी लाउंड्रिंग के मामले की जांच के लिए रांची में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) का कार्यालय खोला.
पीएमएलए का विशेष कोर्ट बनाया गया. इस बीच सभी मामलों की जांच भी चलती रही. भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे इन नेताओं में से पूर्व पर्यटन मंत्री हरिनारायण राय को सीबीआइ द्वारा दायर आय से अधिक संपत्ति के मामले में पांच साल की सजा हो चुकी है.
इडी द्वारा की गयी जांच के आधार पर इस पूर्व मंत्री को मनी लाउंड्रिंग के आरोप में सात साल की सजा हो चुकी है. जांच पड़ताल के दौरान इस मंत्री ने अपनी पत्नी को ब्यूटीशियन का काम कर लाखों रुपये कमाने की बाद साबित करने की नाकाम कोशिश की.
भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे नेता
मधु कोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री
कमलेश सिंह, पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री
एनोस एक्का, पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री
हरिनारायण राय, पूर्व पर्यटन मंत्री
भानु प्रताप शाही, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री
बंधु तिर्की, पूर्व शिक्षा मंत्री
दुलाल भुइंया, पूर्व राजस्व मंत्री
साइमन मरांडी, पूर्व मंत्री
योगेंद्र साव, पूर्व कृषि मंत्री
सीता सोरेन, विधायक
उमाशंकर अकेला, विधायक
राजेश रंजन, विधायक
अपने ही विभाग में ठेकेदार बना दिया था पत्नी को : राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनायी जा चुकी है. इन्होंने अपने ही विभाग में पत्नी को ठेकेदार बना दिया था.
फिलहाल मधु कोड़ा, एनोस, भानु प्रताप शाही, कमलेश कुमार सिंह, दुलाल भुइयां और बंधु तिर्की भ्रष्टाचार के आरोपों में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं. सीता सोरेन हॉर्स ट्रेडिंग मामले में 2012 से न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रही हैं. पूर्व मंत्री साइमन मरांडी, योगेंद्र साव, विधायक उमाशंकर अकेला और राजेश रंजन हाॅर्स ट्रेडिंग मामले में 2010 से न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं.
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