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70 साल से 30 लाख घर अंधेरे में थे, हमने 5 साल में यहां बिजली पहुंचायी, यही सच्ची दिवाली : रघुवर दास

Updated at : 17 Oct 2019 10:45 PM (IST)
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70 साल से 30 लाख घर अंधेरे में थे, हमने 5 साल में यहां बिजली पहुंचायी, यही सच्ची दिवाली : रघुवर दास

रांची : हम जो दीपावली में दीप जलाते हैं. वह प्रकाश और ज्ञान का संदेश देता है. हमें ऐसी जगह दिया जलाना चाहिए, जहां प्रकाश व ज्ञान का अभाव है. सरकार ने 5 साल में ऐसे ही 30 लाख घरों में बिजली पहुंचाकर उनकी दिवाली को सार्थक कर दिया. जहां आजादी के बाद से बिजली […]

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रांची : हम जो दीपावली में दीप जलाते हैं. वह प्रकाश और ज्ञान का संदेश देता है. हमें ऐसी जगह दिया जलाना चाहिए, जहां प्रकाश व ज्ञान का अभाव है. सरकार ने 5 साल में ऐसे ही 30 लाख घरों में बिजली पहुंचाकर उनकी दिवाली को सार्थक कर दिया. जहां आजादी के बाद से बिजली नहीं पहुंची थी. बिजली पहुंचते ही उनके लिए दिवाली हो गयी. वे सभी प्रकाश और ज्ञान से आच्छादित हो गये. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) द्वारा आयोजित दीवाली मेला- 2019 के उद्घाटन समारोह में कही.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली दीपों का त्यौहार है. सदियों से हम दीपावली के दिन दीपों से अपने घरों को रोशन करते आ रहे हैं. प्राचीनकाल से चली आ रही इस संस्कृति को हमें सहेजना है. साथ ही मैं झारखंडवासियों से अनुरोध करता हूं कि आप शिल्पकारों के दीयों को अवश्य खरीदें. शिल्पकारों के घरों को भी रोशन करें. उनके घर समृद्धि लाने में लाने के वाहक बनें. तभी हमारा राज्य भी आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ेगा. साथ ही शिल्पकारों को उनकी कला सार्थक प्रतीत होगी. वे और भी बेहतर ढंग से अपनी कला को प्रदर्शित कर सकेंगे.

यहां आप झारखंड की कला को देख सकते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेसोवा का यह प्रयास सराहनीय है. 2005 में जिस बीज को बोया गया था. वह विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है. इस आयोजन के माध्यम से शिल्पकारों, छोटे बड़े उद्यमियों को अवसर मिलता है और वे अपने कला और उत्पाद को प्रदर्शित करते हैं. इस दिवाली मेला में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अपने उत्पाद और हस्तशिल्प का प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां आने वाले लोग झारखंड के कलाकारों के इन उत्पादों को अवश्य देखें. ताकि ऐसे कलाकारों का मनोबल बढ़ सके.

इस मौके पर जेसोवा की सचिव मनु झा ने स्वागत संबोधन कर जेसोवा की उपलब्धियों और संस्था के कार्यों के बारे में बताया. संस्था की मीडिया प्रभारी ऋचा संचिता ने कहा कि इस मेले का स्वरूप अब बड़ा हो गया है. 300 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं. लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पॉलीथिन मुक्त रखा गया है. हम राज्य को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में पहल कर रहे हैं. सखी मंडल के लिए अलग से जगह की व्यवस्था की गयी है जहां वे अपने उत्पाद को प्रदर्शित कर रही हैं. बांस से बने उत्पाद को भी मेले में जगह दी गयी है.

अनूठा संदेश, प्लास्टिक मुक्त हो अपना झारखंड

मुख्यमंत्री ने झारखंड को प्लास्टिक मुक्त करने हेतु संथाल परगना के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आयी महिलाओं को कपड़ा का थैला उपहार स्वरूप दिया. ताकि ये महिलाएं अपने गांव जाकर प्लास्टिक मुक्त झारखंड के निर्माण में अपना सहयोग दे सकें. इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण, राज्य निर्वाचन आयोग के एन एन पांडे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, जेसोवा की ऋचा संचिता, मिली सरकार, अमिता खंडेलवाल, मंजू सरकार, डॉ स्टेफी टरेसा मुर्मू व अन्य उपस्थित थे.

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