गड़बड़ झाला : 28 दिन के फरवरी माह में प्रोफेसर साहेब की जन्म तिथि 29, पूरी कर ली नौकरी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सुनील कुमार झा
रांची : रांची विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ महाराज सिंह के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद उनकी जन्म तिथि में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. डॉ सिंह इस वर्ष फरवरी में एसएस मेमोरियल कॉलेज से हिंदी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. डॉ सिंह की पहली प्रतिनियुक्ति मांडर कॉलेज में हुई थी.
इसके बाद वे रांची कॉलेज, जेएन कॉलेज धुर्वा और एसएस मेमोरियल कॉलेज में शिक्षक रह चुके हैं. सेवानिवृत्ति के बाद सेवा संबंधित लाभ के लिए उन्होंने अपने कागजात विश्वविद्यालय में जमा किये. कागजात की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ. डॉ महाराज सिंह ने अपनी जन्मतिथि 29 फरवरी 1954 बतायी है, जबकि 1954 में फरवरी 29 दिन का नहीं, बल्कि 28 दिन का था.
इस मामले में विश्वविद्यालय ने शिक्षक को मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र समेत अन्य आवश्यक कागजात जमा करने को कहा है. उनके भविष्य निधि की राशि का भुगतान कर दिया गया है. जन्म तिथि में गड़बड़ी के कारण पेंशन का निर्धारण नहीं हुआ है. इसके अलावा ग्रेच्युटी व लीव इन कैशमेंट की राशि का भुगतान नहीं किया गया है. अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय को दी. कुलपति ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा. उल्लेखनीय है कि डॉ महाराज सिंह वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय के सीनेट के सदस्य भी हैं.
गलत जन्म तिथि पर ही पूरी कर ली नौकरी, रिटायर हुए तब पकड़ी गयी गड़बड़ी
रांची विवि के शिक्षक डॉ महाराज सिंह की जन्म तिथि 29 फरवरी 1954 है, जबकि उस साल फरवरी 28 दिन का ही था
जन्मतिथि में गड़बड़ी के कारण पेंशन का निर्धारण नहीं हो पाया
विश्वविद्यालय ने शिक्षक को मैट्रिक का मूल प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कहा
वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय के सीनेट के सदस्य भी हैं डॉ महाराज सिंह
क्या कहते हैं डॉ महाराज सिंह
इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ महाराज सिंह ने कहा कि अभिभावक द्वारा गलती से स्कूल में जन्मतिथि 29 फरवरी दर्ज करा दी गयी होगी. उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि यह गड़बड़ी कैसे हुई. विश्वविद्यालय द्वारा उनसे किसी कागजात की मांग नहीं की गयी है. प्रमाण पत्र छोड़कर अन्य कागजात में उनकी जन्म तिथि 28 फरवरी है.
छह शिक्षकों का प्रमाण पत्र निकला है फर्जी
रांची विश्वविद्यालय के नवांगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की अब तक विधिवत जांच नहीं हुई है. रांची विश्वविद्यालय के दो नवांगीभूत कॉलेजों के छह शिक्षकों के प्रमाण पत्र अब तक जांच में फर्जी निकल चुके हैं. इनमें से तीन शिक्षक मांडर कॉलेज व तीन केसीबी कॉलेज बेड़ो के हैं. मांडर कॉलेज के शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है, जबकि बेड़ो कॉलेज के तीन शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. जांच हुई, तो कई मामले सामने आ सकते हैं.
जिस वर्ष फरवरी 28 दिन का था, उस माह में 29 फरवरी को जन्मतिथि होने का मामला सामने आया है. अधिकारियों को मामले की जांच के लिए कहा गया है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
डॉ रमेश पांडेय,कुलपति, रांची विवि
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