दुर्गा पूजा की धूम : मां अंबे का दर्शन कर श्रद्धालु हो रहे निहाल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Oct 2019 12:55 AM

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चान्हो : चान्हो व मांडर प्रखंड में दुर्गा पूजा की धूम है. महाअष्टमी को पंडालों में मां अंबे के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही. चान्हो में सोंस, चान्हो बाजार टांड़, पतरातू, रघुनाथपुर, सिलागाईं, बीजूपाड़ा, ताला, चोरेया व चामा चौक में तथा मांडर में शिव दुर्गा मंदिर परिसर, मुड़मा, ब्रांबे, टीको, बुढ़ाखुखरा सेल, […]

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चान्हो : चान्हो व मांडर प्रखंड में दुर्गा पूजा की धूम है. महाअष्टमी को पंडालों में मां अंबे के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही. चान्हो में सोंस, चान्हो बाजार टांड़, पतरातू, रघुनाथपुर, सिलागाईं, बीजूपाड़ा, ताला, चोरेया व चामा चौक में तथा मांडर में शिव दुर्गा मंदिर परिसर, मुड़मा, ब्रांबे, टीको, बुढ़ाखुखरा सेल, सकरा व सोसई आश्रम में पंडाल बनाया गया है. दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर स्थानीय प्रशासन मुस्तैद है. कई पंडालों मे सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं.

बेड़ो. श्री दुर्गा पूजा महासमिति द्वारा महादानी मंदिर स्थित दुर्गाबाड़ी में बनाये गये पंडाल में अष्टमी की पूजा की गयी. पुजारी सुबल देवघरिया के नेतृत्व में आचार्य निवास अधिकारी ने बांग्ला पद्धति से पूजा करायी. यजमान मनोरंजन देवघरिया व गौतम देवघरिया थे. पूजा के बाद संधि बलि दी गयी. इधर, तुको, खत्रीखटंगा, पाकलमेढ़ी, घाघरा, ईटा चिल्द्री, मुरतो में दुर्गा पूजा की धूम है.
अनगड़ा. अनगड़ा, गोंदलीपोखर, जोन्हा, गेतलसूद, हेसल, चिलदाग, हाहे, साल्हन, तुरूप, मिलन चौक, सिमलिया व बरवादाग सहित अन्य जगहों पर बने पूजा पंडालों में रविवार को महाअष्टमी की पूजा की गयी. दोपहर सवा दो बजे संधि बलि दी गयी. विधायक रामकुमार पाहन, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष जैलेंद्र कुमार, जिप सदस्य रंथा महली ने पंडालों में जाकर व्यवस्था की निरीक्षण किया.
रातू किला परिसर में लगा मेला
रातू. शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि को पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. ऐतिहासिक रातू किला में अपराह्न 2.15 बजे संधि बलि प्रदान की गयी. इसके उपरांत महिलाओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की. नवमी को दोपहर एक बजे शाक्त बलि दी जायेगी. पूजा को लेकर किला के सामने मेला का आयोजन किया गया है.
मेला में मिठाई, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन व चाट-चाउमिन की दुकानें लगायी गयी है. विजयादशमी को शाम पांच बजे प्रतिमा का विसर्जन कर किला का मुख्य द्वार आम जनों के लिए बंद कर दिया जायेगा. पूजा को लेकर रातू थाना में कंट्रोल रूम बनाया गया गया है. वहीं विधि व्यवस्था हेतु दंडाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती की गयी है. डीएसपी हरिश्चंद्र सिंह, थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार पंडाल का जायजा लेते रहे.
लालू यादव व राबड़ी की प्रतिमा आकर्षण
नामकुम. नवयुवक संघ नामकुम स्टेशन के पंडाल में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव व राबड़ी देवी की प्रतिमा लगायी गयी है, जो आकर्षण का केंद्र है. प्रतिमा में लालू व राबड़ी हाथ में तख्ती लिये हुए हैं. तख्ती में लालू को गरीबों का मसीहा व राबड़ी देवी को राजमाता बताया गया है. वहीं पंडाल के अंदर लालटेन लगाये गये हैं, जिसकी रोशनी से अंदर उजाला है. समिति के अध्यक्ष सह आरजेडी के प्रदेश महासचिव विनोद सिंह ने बताया कि महानवमी को गरीबों के बीच वस्त्र का वितरण किया जायेगा.
ओरमांझी में कई जगहों पर हो रही पूजा. पूजा समिति ओरमांझी, एलबीएस क्लब दुर्गा पूजा समिति दड़दाग, कुच्चू, चकला, आनंदी, सिलदिरी, कुकुई, बारीडीह, चुटुपालू, रुक्का, हुटुप में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गयी है.
राजसी रीति रिवाज से दशहरा की है परंपरा
इटकी. इटकी में दुर्गा पूजा के दौरान विजयादशमी को राजसी रीति रिवाज के साथ दशहरा मनाने की परंपरा आज भी कायम है. दो सौ वर्षों से भी अधिक समय की इस परंपरा की शुरुआत जमींदार के वंशज द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के बाद से होती है. प्रतिमा विसर्जन के बाद यहां नीलकंठ के दर्शन को लेकर भगवान शंकर का दर्शन किया जाता है. बाद में त्रिबिंधा नामक स्थल पर तीर चलाकर शिकार खेले जाने का उपक्रम किया जाता है.
वापस आने पर महिलाओं द्वारा उत्तराधिकारी की आरती उतारी जाती है व पुरोहित द्वारा राज्याभिषेक किया जाता है. राज दरबार लगाने का भी उपक्रम किया जाता है. श्रद्धालु ग्रामीण राज दरबार पहुंचकर सलामी के रूप में द्रव्य देते हैं. बदले में उन्हें पान दिया जाता है. इसके बाद ग्रामीण एक-दूसरे के घर जाकर बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं. यह सिलसिला देर रात तक जारी रहता है.
इस परंपरा की जानकारी देते हुए जमींदार के वर्तमान उत्तराधिकारी लाल रामेश्वर नाथ शाहदेव व लाल बद्रीनाथ शाहदेव बताते हैं कि इसकी शुरुआत का श्रेय उनके सातवें पूर्वज मंगलनाथ साय को जाता है. शाहदेव के अनुसार स्व साय ने पुत्र प्राप्ति के उपलक्ष्य में दशहरा मनाने की शुरुआत की थी.
सिल्ली के पंडालों में उमड़े श्रद्धालु
सिल्ली. महाअष्टमी को पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. सिल्ली बाजार में दुर्गा मंदिर महावीर चौक, राधिका मैदान दुर्गा मंदिर, आदिशक्ति दुर्गा पंडाल सिल्ली, लगाम पूजा पंडाल, हिंडालको पूजा पंडाल, सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति रामनगर, सरजमडीह, मां वैष्णवी पूजा समिति मुरी, रेलवे नॉर्थ सेटलमेंट मुरी रेलवे कॉलोनी, बी टाइप पंडाल मुरी में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
बारिश में भी उत्साह में कमी नहीं : रविवार की दोपहर हुई हल्की बारिश से पंडालों में व्यवस्था में थोड़ी परेशानी हुई पर पूजा समितियों के स्वयंसेवकों के उत्साह में कमी नहीं आयी. वे मुस्तैद नजर आये. पुलिस पदाधिकारी भी आवागमन सुगम बनाये रखने को लेकर प्रयासरत रहे. दिन में सिल्ली मेन रोड में भीड़ के कारण कुछ समय तक जाम की स्थिति रही. बाद में गश्त कर रहे जवानों ने आवागमन सुचारु करने में मदद की.
सिदरौल बाजारटांड़ में 65 फीट का रावण जलेगा
नामकुम. विजयादशमी के दिन सिदरौल बाजारटांड़ में 65 फीट का रावण व 60-60 फीट के कुंभकरण व मेघनाद का पुतला दहन किया जायेगा. रावण दहन आयोजन समिति के अध्यक्ष दिलीप मुंडा ने बताया कि बोकारो से आये कलाकार आकर्षक आतिशबाजी दिखायेंगे. इधर रातू के महादेव टंगरा व झखराटांड़ में भी रावण दहन की तैयारी चल रही है.
यहां 30 फीट के रावण व 25 फीट के मेघनाद का पुतला बनाया जा रहा है. प्रतिमा विसर्जन के उपरांत शाम छह बजे आतिशबाजी के बाद पुतला दहन किया जायेगा. वहीं चारीहुजीर मैदान व बीआइटी केदल मंडाटांड़ में भी रावण दहन कार्यक्रम होगा. चारीहुजीर मैदान में रावण का पुतला 50 फीट का होगा. वहीं बेड़ो के महादानी मैदान में रावण के 35 फीट के पुतला का दहन आतिशबाजी के बीच होगा.
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