झारखंड में जल्द बनेगी रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी, गांव के 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Published at :03 Oct 2019 12:56 PM (IST)
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झारखंड में जल्द बनेगी रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी, गांव के 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनायेगी. लघु व कुटीर उद्योग से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है. इनके नियमों को सरल करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ा जा रहा है. […]

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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनायेगी. लघु व कुटीर उद्योग से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है. इनके नियमों को सरल करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रूरल इंडस्ट्री पॉलिसी में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की तर्ज पर ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जायेगा. उन्हें रोजगार देने वाली कंपनियों को रियायतें भी दी जायेंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बांस, खजूर आदि का उत्पादन बहुतायत में होता है. इससे जुड़े उत्पादों को बढ़ावा दें. इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों को भी लाभ होगा. संथाल के सभी छह जिलों व कोल्हान के तीन जिलों में इनका उत्पादन होता है. इन जिलों के सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण सह उत्पादन इकाई लगाने का काम करें. इससे स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में बदलाव आयेगा.

मुख्यमंत्री ने ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक के पॉल थॉमस से मुलाकात के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि संथाल के सभी जिलों के साथ ही कोल्हान के चाकुलिया, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में बांस व खजूर होते हैं. इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं. इन जिलों में प्रशिक्षण का काम जल्द से जल्द शुरू करें. सरकार स्किल डेवलपमेंट के जरिये सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड के कर्मियों, सखी मंडलों को भी इससे जोड़ें.

देश-दुनिया में है बांस के उत्पादों की मांग

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार चाहती है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद हो जाये. बांस से बने उत्पाद कैसे प्लास्टिक की जगह ले सकते हैं, इस पर फोकस करें. गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनायें. बांस के उत्पादों की मांग देश-दुनिया में है. अभी भी विदेशों में झारखंड के उत्पादों की मांग है. दुर्गा पूजा समेत अन्य मेलों में रांची, जमशेदपुर, धनबाद समेत अन्य प्रमुख शहरों में स्टॉल लगायें, ताकि यहां भी उत्पादों की बिक्री हो सके. इसी प्रकार, देश-दुनिया में लगने वाले प्रमुख मेलों में भी झारखंड का स्टॉल रहे.

राज्य में लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होगी

बैठक में कंपनी के प्रबंध निदेशक के पॉल थॉमस ने बताया कि अभी राज्य के 9 प्रखंडों में प्रशिक्षण व उत्पादन केंद्र चल रहे हैं. जल्द ही 24 और शुरू किये जायेंगे. इनके शुरू होते ही राज्य में लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. धीरे धीरे उनकी संख्या और बढ़ेगी. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, उद्योग सचिव के रविकुमार, स्किल डेवलपमेंट के सीइओ कृपानंद झा, कंपनी के निदेशक आलोक पी थॉमस, अजित सेन, जयवंत होरो उपस्थित थे.

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