ePaper

राज्य के स्कूल व कॉलेजों में इंटर की दो लाख सीटें खाली

Updated at : 10 Sep 2019 1:04 AM (IST)
विज्ञापन
राज्य के स्कूल व कॉलेजों में इंटर की दो लाख सीटें खाली

रांची : राज्य के प्लस टू स्कूल व कॉलेजों में इंटर में प्रति वर्ष लगभग दो लाख सीटें रिक्त रह जाती हैं. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से राज्य भर में इंटर की कुल सीटों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी. जैक की ओर से विभाग को भेजी गयी रिपोर्ट […]

विज्ञापन

रांची : राज्य के प्लस टू स्कूल व कॉलेजों में इंटर में प्रति वर्ष लगभग दो लाख सीटें रिक्त रह जाती हैं. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से राज्य भर में इंटर की कुल सीटों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी.

जैक की ओर से विभाग को भेजी गयी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में प्लस टू स्कूल, स्थायी प्रस्वीकृत प्राप्त इंटर कॉलेज, संबद्ध डिग्री कॉलेज, अंगीभूत कॉलेज व स्थापना अनुमति प्राप्त इंटर कॉलेज में कुल पांच लाख दो हजार सीटें हैं, जबकि राज्य में नियमित विद्यार्थी के रूप में इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या लगभग तीन लाख है. ऐसे में राज्य में प्रति वर्ष इंटर में दो लाख सीटें रिक्त रह जाती हैं.
राज्य के शहरी क्षेत्र के प्लस टू स्कूल व कॉलेजों में भी सीटें रिक्त रह जाती हैं. राजधानी में भी लगभग आधा दर्जन कॉलेजों को छोड़ सभी कॉलेजों में सभी संकाय की सीटें नहीं भरती हैं. राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में राज्य में 280 नये प्लस टू उच्च विद्यालय खोले. राज्य में प्लस टू उच्च विद्यालयों की संख्या बढ़ कर 510 हो गयी.
प्लस टू विद्यालय में एक संकाय में इंटर में नामांकन के लिए 128 सीटें स्वीकृत हैं. विज्ञान, वाणिज्य व कला संकाय मिला कर एक विद्यालय में 384 सीटें हैं.
वर्ष 2016 से पहले राज्य के प्लस टू उच्च विद्यालयों में 88320 सीटें थीं. 280 प्लस टू विद्यालय खुलने से सीटों की संख्या बढ़ कर 1,95,840 हो गयी. राज्य में इंटर की पढ़ाई चार स्तर पर होती है. सरकार ने प्लस टू विद्यालय तो खोले, पर उस अनुपात में मैट्रिक में परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई. इस कारण इंटर में सीटें रिक्त रह जाती हैं.
प्रति वर्ष इंटर में तीन लाख नियमित परीक्षार्थी परीक्षा में होते हैं शामिल
राज्य गठन के समय थे 59 प्लस टू विद्यालय, अब बढ़ कर हुए 510
इंटर में कुल परीक्षार्थी
वर्ष विद्यार्थियों की संख्या
2015 309594
2016 322000
2017 320492
2018 314648
2019 315902
कॉमर्स में सबसे अधिक सीटें रिक्त
राज्य में इंटर में कॉमर्स संकाय में सबसे अधिक सीटें रिक्त हैं. कॉमर्स संकाय से परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. पिछले पांच वर्ष में लगभग 15 हजार परीक्षार्थी कम हुए. साइंस में भी परीक्षार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है. वर्ष 2011 व 2012 को छोड़ दिया जाये, तो विज्ञान संकाय में परीक्षार्थियों की संख्या कभी एक लाख नहीं पहुंच पायी.
अंगीभूत कॉलेजों में इंटर की 98304 सीटें
अंगीभूत कॉलेजों में इंटर की 98304 सीटें हैं. कॉलेजों में जैक की ओर से एक संकाय में 512 सीटें स्वीकृत हैं. अंगीभूत कॉलेजों के अलावा स्थायी प्रस्वीकृति प्राप्त इंटर कॉलेज व 103 स्थापना अनुमति प्राप्त इंटर कॉलेजों में इंटरकी पढ़ाई होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola