सिल्ली : हिंडाल्को प्लांट खुलने के आसार बढ़े
Updated at : 01 Sep 2019 6:51 AM (IST)
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सिल्ली : मुरी स्थित बंद पड़ा हिंडाल्को अल्युमिनियम कारखाना कभी भी चालू हो सकता है. कंपनी प्रबंधन की ओर से इसे चालू किये जाने संबंधी सारी तैयारी की जानकारी सरकार को दे दी गयी है. अब प्रबंधन को सिर्फ सरकार की ओर से सीटीअो (कंसेंट टू अॉपरेट) दिये जाने का इंतजार है. ज्ञात हो कि […]
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सिल्ली : मुरी स्थित बंद पड़ा हिंडाल्को अल्युमिनियम कारखाना कभी भी चालू हो सकता है. कंपनी प्रबंधन की ओर से इसे चालू किये जाने संबंधी सारी तैयारी की जानकारी सरकार को दे दी गयी है. अब प्रबंधन को सिर्फ सरकार की ओर से सीटीअो (कंसेंट टू अॉपरेट) दिये जाने का इंतजार है. ज्ञात हो कि नौ अप्रैल को हिंडाल्को के रेड मड पौंड के धंसने की घटना के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से इस कारखाने का सीटीअो रद्द कर इसे बंद करने का आदेश दिया था.
कंपनी के सीनियर मैनेजर सैबल सरकार ने बताया कि कंपनी ने घटना के बाद से सरकार के निर्देश के मुताबिक सारी तैयारी कर सरकार को जानकारी दे दी है. अब हम सरकार की ओर से इसकी समीक्षा कर सीटीओ दिये जाने का इंतजार कर रहे हैं. प्लांट का आवश्यक मेंटेनेंस कर लिया गया है. यह कभी भी खोले जा सकने के लिए पूरी तरह तैयार है.
रेड मड पौंड धंसने की घटना के बाद सरकार ने सीटीअो रद्द कर प्लांट बंद करने का दिया था आदेश
प्लांट को सरकार जल्द खोलने का कर रही है प्रयास : सांसद
हिंडाल्को के मामले में सांसद संजय सेठ ने बताया कि मामले को देख रहीं कमिश्नर ने हिंडाल्को की ताजा स्थिति की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. हमारी भी इस मामले में लगातार बात हो रही है. मुरी का कारखाना राज्य की आर्थिक धुरी है. सरकार इसे जल्द से जल्द चालू करने के प्रयास में है. जल्द ही अच्छे परिणाम आयेंगे.
क्या है कमिश्नर की जांच रिपोर्ट
दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की आयुक्त शुभ्रा वर्मा की अध्यक्षता में हिंडाल्को के हादसे की जांच कमेटी गठित की गयी थी. आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है. उन्होंने रिपोर्ट में लिखा है कि हादसे के अबतक के अनुसंधान में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है. रेड मड पौंड हादसे के मलबे में किसी के दबे या किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है.
उन्होंने रिपोर्ट में जिक्र किया है कि हादसे के बाद आसपास के गांवों में पांच जगह पर जल के नमूने जांच के लिए संग्रह किये गये थे. जांच के बाद इसे सुरक्षित बताया गया है. गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए पेयजल विभाग ने सुविधा उपलब्ध करायी है.
उन्होंने रिपोर्ट में जिक्र किया है कि भू-स्खलन के कारण 44 रैयतों के 17.9 एकड़ भूमि प्रभावित होने की सूचना दी गयी है. हालांकि केवल 26 रैयत सामने आये हैं. जिन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया उपायुक्त रांची के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जायेगा. 225 मरीजों की जांच की गयी थी. जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या सामने नहीं अायी है. आयुक्त ने लिखा है कि कारखाना के संबंध में सभी विभागों को अलर्ट में रहना चाहिए. समय-समय पर संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण करते रहें.
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