पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के मामले में केंद्र को नोटिस
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jul 2019 12:48 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : सुप्रीम कोर्ट ने पांचवीं अनुसूची वाले राज्यों में राज्यपाल की भूमिका मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. इस संबंध में आदिवासी महासभा की सचिव बबीता कच्छप की अोर से दायर याचिका (रिट पिटिशन(सिविल)-649/2019) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट […]
विज्ञापन
रांची : सुप्रीम कोर्ट ने पांचवीं अनुसूची वाले राज्यों में राज्यपाल की भूमिका मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. इस संबंध में आदिवासी महासभा की सचिव बबीता कच्छप की अोर से दायर याचिका (रिट पिटिशन(सिविल)-649/2019) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अपील की थी वह इस संबंध में निर्देश जारी करे कि पांचवीं अनुसूची वाले राज्यों में राज्यपालों को संविधान की धारा 163 (1),जो राज्यपाल के स्वविवेक से संबंधित है, के प्रावधान के तहत तथा जनजातीय सलाहकार परिषद (ट्राइलब एडवाइजरी काउंसिल या टीएसी) की सलाह पर काम करना चाहिए न कि कैबिनेट की सलाह पर.
याचिका में कहा गया है कि जनजातीय आबादी को स्वायत्तता प्रदान करने तथा उनसे जुड़े मुद्दों पर उन्हें आवाज देने के लिए यह जरूरी है. पर पांचवीं अनुसूची वाले सभी राज्यों के राज्यपालों ने अनुसूचित इलाके के मामलों में अपने अधिकार का त्याग कर दिया है, जो उन्हें संविधान के तहत प्राप्त है. याचिका में टीएसी के गैर जनजातीय सदस्यों को इससे बाहर करने की अपील भी की गयी है.
जनजातीय लोगों की किसी संसदीय क्षेत्र में कम आबादी तथा इस मामले में इनके अल्पसंख्यक होने का जिक्र करते हुए याचिका में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दलों द्वारा आबादी के आधार पर टिकट दिये जाने के कारण जनजातीय लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता. इसलिए पांचवी अनुसूची वाले राज्यों में जनजाजीय लोगों के संदर्भ में आबादी की बहुलता का आधार खारिज होना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा है.
राजनीतिक दलों द्वारा आबादी के आधार पर टिकट दिये जाने के कारण जनजातीय लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता
इसलिए पांचवी अनुसूची वाले राज्यों में जनजाजीय लोगों के संदर्भ में आबादी की बहुलता का आधार खारिज होना चाहिए
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










