रांची : रिम्स में एसीबी जांच के खिलाफ बढ़ा आक्रोश, डॉ विद्यापति ने भी दिया वीआरएस का आवेदन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Jul 2019 8:38 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : राज्य सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों पर एसीबी की जांच कराने की घोषणा के बाद से रिम्स के डॉक्टरों में भारी आक्रोश है. कई सीनियर डॉक्टर रिम्स छोड़ने का मन बना चुके हैं. मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डाॅ संजय कुमार पहले ही वीअारएस का आवेदन दे चुके हैं. इधर, प्रोफेसर डाॅ विद्यापति […]
विज्ञापन
रांची : राज्य सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों पर एसीबी की जांच कराने की घोषणा के बाद से रिम्स के डॉक्टरों में भारी आक्रोश है.
कई सीनियर डॉक्टर रिम्स छोड़ने का मन बना चुके हैं. मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डाॅ संजय कुमार पहले ही वीअारएस का आवेदन दे चुके हैं. इधर, प्रोफेसर डाॅ विद्यापति ने भी बुधवार को विभागाध्यक्ष डाॅ जेके मित्रा को वीआरएस का आवेदन दे दिया. डॉ मित्रा ने उनका आवेदन प्रबंधन को भेज दिया है.
डॉ विद्यापति ने अपने आवेदन में कहा है कि वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं, जिसके कारण रिम्स को समय नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे में वे वीअारएस लेना चाहते हैं. सूत्रों की मानें, तो फार्माकोलॉजी के एक डॉक्टर ने भी वीआरएस लेने का मन बना लिया है. वहीं, सर्जरी विभाग के कुछ डॉक्टर भी वीआरएस लेने पर विचार कर रहे हैं.
तो मेडिसिन विभाग में कम हो जायेंगे डॉक्टर : रिम्स के मेडिसिन विभाग में अगर इसी तरह डाॅक्टराें के छोड़ने का सिलसिला जारी रहा, तो डॉक्टरों की संख्या अचानक कम हो जायेगी.
मेडिसिन विभाग में अाठ प्रोफेसर हैं, जिसमें से एक डॉक्टर की पिछले दिनों मृत्यु हो गयी. वहीं, डाॅ उमेश प्रसाद को प्रबंधन ने संटिंग में डाल रखा है. विभाग के दो डाॅक्टरों ने वीअारएस का आवेदन दे दिया है. ऐसे में सरकार द्वारा वीआरएस की स्वीकृति पर प्रोफेसर की संख्या चार हो जायेगी. विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर की संख्या नौ है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर एक भी नहीं है.
डॉक्टर वीआरएस देते हैं, तो उसे सरकार के पास भेज दिया जायेगा. अगर वह रिम्स से नियुक्त हैं, तो उनका वीअारएस तत्काल स्वीकृत कर दिया जायेगा. एसीबी जांच कराने का आदेश सरकार का है, वहीं हमारी ओर से नौ से पांच ड्यूटी की बात कही जा रही है.
डाॅ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक रिम्स
डॉ विद्यापति ने पहले ही वीआरएस का आवेदन दे दिया था, लेकिन विभाग में परीक्षा चल रही थी, जिसके कारण प्रबंधन को नहीं भेजा गया था. उन्होंने बुधवार को आकर प्रबंधन को भेजने का दोबारा आग्रह किया, जिसको प्रबंधन को भेज दिया गया है.
डॉ जेके मित्रा, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन
हेल्थ मैप को ट्रॉली उपलब्ध कराने का आदेश
रांची. रिम्स में संचालित निजी जांच एजेंसी हेल्थ मैप को निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने ट्रॉली उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि हेल्थ मैप में एक महिला मरीज को जांच के लिए लाया गया था. जांच के बाद दो महिला व एक पुरुष परिजन किसी तरह उठा कर इमरजेंसी तक लाये. वहां से उन्हें ट्रॉली से वार्ड में पहुंचाया गया. मामला निदेशक के पास पहुंचा, तो उन्होंने हेल्थ मैप को चार ट्रॉली रखने का निर्देश दिया.
नवनियुक्त दो डॉक्टरों ने योगदान देने से इनकार किया
रांची. रिम्स में ट्रॉमा क्रिटिकल यूनिट के लिए चयनित दो डॉक्टरों ने योगदान देने से मना कर दिया हैं. इनमें डॉ राजीव रंजन और डॉ प्रकाश दुबे शामिल हैं. डॉ रंजन रामप्यारी अार्थो हॉस्पिटल में कार्यरत हैं. गौरतलब है कि 14 जुलाई से रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में 30 बेड का संचालन होना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




