ePaper

रांची : डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस की जांच एसीबी से कराने पर जतायी आपत्ति, बोले, प्रशासनिक अधिकारियों की भी जांच की जाये

Updated at : 30 Jun 2019 5:27 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस की जांच एसीबी से कराने पर जतायी आपत्ति, बोले, प्रशासनिक अधिकारियों की भी जांच की जाये

रांची : रिम्स के डॉक्टरों ने सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस की जांच एसीबी से कराने पर आपत्ति जतायी है. डॉक्टरों ने कहा कि क्या स्वास्थ्य विभाग व रिम्स प्रबंधन सक्षम नहीं है कि जांच एजेंसी से जांच करानी पड़ रही है. सिर्फ डॉक्टरों की क्यों, प्रशासनिक अधिकारियों की भी जांच की जाये. शनिवार को रिम्स […]

विज्ञापन
रांची : रिम्स के डॉक्टरों ने सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस की जांच एसीबी से कराने पर आपत्ति जतायी है. डॉक्टरों ने कहा कि क्या स्वास्थ्य विभाग व रिम्स प्रबंधन सक्षम नहीं है कि जांच एजेंसी से जांच करानी पड़ रही है.
सिर्फ डॉक्टरों की क्यों, प्रशासनिक अधिकारियों की भी जांच की जाये. शनिवार को रिम्स टीचर्स एसोसिएशन की बैठक में डॉक्टरों ने कहा कि एनपीए की राशि (जो सरकार द्वारा दी जा रही है) का जिक्र पे-स्लीप में नहीं है. वहीं एनपीए की राशि 20 फीसदी मिलनी चाहिए, जो नहीं दी जाती है. ड्यूटी के समय पर डॉक्टरों ने कहा कि एम्स में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक समय निर्धारित है, लेकिन 50 मिनट लंच का समय रहता है. रिम्स प्रबंधन इस पर ध्यान दे. विनम्र भाव से पुलिस का सहयोग करने का फरमान भी समझ से परे है. डॉक्टरों ने कहा कि वह बैठक के बाद एक मांग पत्र रिम्स प्रबंधन को सौंपेंगे. सरकार को भी इसकी जानकारी दी जायेगी.
उपकरण व ट्रॉली खरीदने के बजाय, मार्बल पर किया जा रहा खर्च : डॉक्टरों ने कहा कि रिम्स प्रबंधन द्वारा अस्पताल का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. पुराने मोजाइक को तोड़ कर मार्बल लगाया जा रहा है, जबकि उपकरण व ट्रॉली खरीदना ज्यादा जरूरी है. मार्बल भी गुणवत्तापूर्ण नहीं लगाया जा रहा है.
विभागाध्यक्ष मशीन ठीक करेंगे या इलाज करेंगे : बैठक में निदेशक द्वारा मशीन की देखरेख व उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी विभागाध्यक्षों को दिये जाने का विरोध किया गया. डाॅक्टरों ने कहा कि विभागाध्यक्ष मशीनों को ठीक करने मेें लगे रहेंगे, तो मरीजों का इलाज प्रभावित होगा.
वार्ड में ट्रॉली ले जाने पर रोक : वार्ड में लगाये गये मार्बल के टूटने पर रिम्स प्रबंधन ने खाना मुहैया करानेवाली एजेंसी को निर्देश दिया है कि वार्ड में ट्रॉली नहीं ले जायें. मार्बल टूटने पर जीर्णोद्धार का कार्य करा रही एजेंसी के कुछ कर्मचारी निदेशक से मिले. उन्हाेंने कहा कि ट्रॉली ले जाने के कारण मार्बल टूट रहा है. मीडिया को निदेशक डॉ डीके सिंह ने बताया कि यह कार्यादेश मेरे कार्यकाल का नहीं है.
रांची : रिम्स इमरजेंसी के सामने चल रही अवैध पार्किंग
रांची : रिम्स में सुरक्षा कारणों व जाम से निजात दिलाने के लिए इमरजेंसी के सामने पुलिस-प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर दी गयी है. फिर भी इमरजेंसी के सामने अवैध पार्किंग का संचालन किया जा रहा है.
यहां दो पहिया व चारपहिया वाहनों को लगाया जा रहा है. रिम्स प्रबंधन को भी अवैध रूप से संचालित इस पार्किंग की जानकारी है, लेकिन इसे हटाया नहीं जा रहा है. शनिवार को इमरजेंसी आनेवाले लोगों को वाहन लाने पर रोका जा रहा था. वहीं पार्किंग के लिए वाहनों को आने दिया जा रहा था. इस संबंध में रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन को दी गयी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola