ePaper

मॉब लिंचिंग : संगठनों का धरना, गवर्नर को ज्ञापन

Updated at : 27 Jun 2019 8:57 AM (IST)
विज्ञापन
मॉब लिंचिंग : संगठनों का धरना, गवर्नर को ज्ञापन

सामाजिक संगठनों ने की तबरेज हत्या के दोषियों को सजा देने की मांग रांची : सरायकेला खरसावां के धातकीडीह में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा की गयी हत्या अौर मॉब लिंचिंग की अन्य घटनाअों के खिलाफ बुधवार को सामाजिक संगठनों अौर दलों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया़ इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. […]

विज्ञापन
सामाजिक संगठनों ने की तबरेज हत्या के दोषियों को सजा देने की मांग
रांची : सरायकेला खरसावां के धातकीडीह में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा की गयी हत्या अौर मॉब लिंचिंग की अन्य घटनाअों के खिलाफ बुधवार को सामाजिक संगठनों अौर दलों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया़ इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान राज्यपाल को आठ बिंदुअों पर आधारित ज्ञापन सौंपा गया.
ज्ञापन में मांग की गयी कि तबरेज हत्याकांड के दोषियों को कड़ी सजा दी जाये. वहीं, जहां कहीं भी मॉब लिंचिंग हो उसके लिए जिले के डीसी व एसपी को जवाबदेह बनाने, संप्रदाय विशेष के लोगों के द्वारा घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कानून बनाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने, ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका पर विशेष ध्यान देने की मांग भी गयी.
साथ ही धार्मिक अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों व कमजोर तबके के लोगों पर संप्रदाय विशेष द्वारा किये जा रहे हमले अौर उन्हें सत्ता के द्वारा संरक्षण दिये जाने पर भी रोक लगाने की मांग की गयी है. अन्य मांगों में मॉब लिंचिंग की अन्य घटनाअों के दोषियों को सजा देने, राज्य में भयमुक्त माहौल बनाने अौर मॉब लिंचिंग के पीड़ितों के भरण-पोषण अौर जीवनयापन के लिए समुचित रोजगार की व्यवस्था करना शामिल है.
ऐसी घटनाओं का होना दुख की बात है
सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि अल्पसंख्यक समुदायको लेकर न प्रेम भाव बचा है अौर न ही सहानुभूति. ऐसी घटनाओं का होना दुख की बात है. प्रशासन भी ऐसे मामले में चुप रहता है.
राजनीतिज्ञ भी प्रतिवाद नहीं करते हैं. लगता है जैसे शासक वर्ग मॉब लिंचिंग से सहमत है. यूपी के मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है. सरकार को इस मामले की सीबीआइ जांच करानी चाहिए. पूर्व सांसद डॉ अली अनवर ने कहा कि कुछ समय में एक नया शब्द मॉब लिंचिंग का ईजाद हुआ है.
केरल से आये नेयाज अहमद फारुकी ने कहा कि सरकार इसे हत्या मान ही नहीं रही है. इसलिए सीबीआइ जांच जरूरी है.पत्रकार विनोद कुमार ने कहा कि मॉब लिंचिंग के सबसे ज्यादा मामले सिंहभूम क्षेत्र से हैं जो भाजपा के शीर्ष नेताअों का गढ़ है. कैसर इमाम ने कहा कि तबरेज अंसारी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है. इसके खिलाफ आवाज उठाना जारी रखेंगे. इसके अलावा पत्रकार श्रीनिवास, झामुमो की महुआ माजी, कांग्रेस के अजयनाथ शाहदेव, जेवीएम के खालिद अंसारी, माले के शुभेंदु सेन, भुवनेश्वर केवट, एस अली, नदीम सहित अन्य ने भी संबोधित किया.
मुख्य सचिव और डीजीपी को सौंपा मांग पत्र
रांची़ मॉब लिंचिंग की घटना पर रोक लगाने के लिए बुधवार को लोक सेवा समित के सदस्यों ने मुख्य सचिव और डीजीपी को मांग पत्र सौंपा है.
तबरेज अंसारी की मौत पर समिति के सदस्यों ने मुख्य सचिव और डीजीपी को बताया है कि पुलिस ने उसे सही चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण उसकी मौत हो गयी. डायन प्रथा के नाम पर भी 560 हत्या हो चुकी है. इन घटनाओं पर रोक लगाने की आवश्यकता है.
इसके साथ ही मॉब लिंचिंग की घटना पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को सख्ती से लागू किया जाये. मांगे पूरी नहीं होने पर 30 जून को रांची बंद की चेतावनी दी गयी है. मामले में डीजीपी ने समिति के सदस्यों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मांग पत्र सौंपने वालों में समिति अध्यक्ष नौशाद खान, महफूज आलम सुनीता खाका, जेम्मा टोप्पो सहित अन्य लोग शामिल थे.
तबरेज की मौत में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो
रांची़ सरायकेला में हुए तबरेज अंसारी की पिटाई के बाद हुई मौत मामले में सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को डीजीपी केएन चौबे से पुलिस मुख्यालय में मुलाकात की. मॉब लिंचिंग की घटना दोबारा ना हो इसको लेकर डीजीपी से आग्रह किया. साथ ही तबरेज मामले में जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ चार्जशीट कराने का आग्रह भी किया. वहीं मृतक के परिजनों को सरकारी स्तर पर उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की. प्रतिनिधिमंडल में डॉ असलम परवेज, शहर ए काजी कारी जान मोहम्मद मुस्तफाई, मंजर इमाम, मोइज अख्तर आदि शामिल थे.
मुआवजा और नौकरी दे सरकार
रांची़ झारखंड प्रदेश जमीअतुल कुरेश का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मुजीब कुरैशी के नेतृत्व में मृतक तबरेज अंसारी के घर खरसावां गया. वहां पूरी स्थिति की जानकारी ली गयी. उन्हें बताया गया कि दो माह पूर्व ही उसकी शादी हुई थी.
घटना के बाद से उसकी पत्नी बदहवास है. घर की हालत भी ठीक नहीं है. परिवार का पालन पोषण करने का एक मात्र आधार तबरेज ही था. जमीअतुल कुरेश ने मांग की कि सरकार मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और तबरेज की पत्नी शाइस्ता को सरकारी नौकरी दे. प्रतिनिधिमंडल में गुलाम जावेद, अकबर कुरैशी, राजू खान, गुलाम गौस कुरैशी, कैला अंसारी, जाकिर भाई, फरहाद कुरैशी, मो तौफिक पप्पू सहित अन्य लोग शामिल थे.
सीबीआइ जांच की मांग करनेवाली याचिका पर सुनवाई का आग्रह
रांची. झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को राज्य में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाअों की सीबीआइ जांच की मांग करनेवाली जनहित याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने का आग्रह किया गया.
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस दीपक राैशन की खंडपीठ में शीघ्र सुनवाई करने का आग्रह किया. खंडपीठ ने प्रार्थी को याचिका की त्रुटियों को दूर करने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी जनसभा पलामू की ओर से पंकज कुमार यादव ने जनहित याचिका दायर की है. उन्होंने सरायकेला मॉब लिंचिंग सहित राज्य में हुई 18 घटनाअों की सीबीआइ से जांच कराने के लिए उचित आदेश देने की मांग की है.
रांची़ : तबरेज अंसारी की पत्नी ने इंसाफ दिलाने की मांग की
रांची़ : प्रदेश महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह के नेतृत्व में बुधवार को सरायकेला-खरसावां जिला के लादमडीह में जाकर मॉब लिंचिंग की घटना में मारे गये तबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता से मिल कर सांत्वना दिया.
तबरेज के परिजनों ने प्राथमिकी की कॉपी सौंपते हुए प्रतिनिधिमंडल से जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने की मांग की. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला-खरसावां के आरक्षी अधीक्षक से मिल कर हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने व फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये जल्द सजा दिलाने का आग्रह किया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola