निजी विद्यालयों के 6,198 शिक्षकों की नौकरी खतरे में

Updated at : 26 Jun 2019 1:23 AM (IST)
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निजी विद्यालयों के 6,198 शिक्षकों की नौकरी खतरे में

रांची : राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के 7,578 शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी. इसमें सबसे अधिक प्राइवेट स्कूलों के 6,198 शिक्षक हैं. सरकार के निर्देश के अनुरूप 31 मार्च 2019 तक सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा कर लेने का निर्देश दिया गया था. इसके लिए एनआइओएस के माध्यम से […]

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रांची : राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के 7,578 शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी. इसमें सबसे अधिक प्राइवेट स्कूलों के 6,198 शिक्षक हैं. सरकार के निर्देश के अनुरूप 31 मार्च 2019 तक सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा कर लेने का निर्देश दिया गया था. इसके लिए एनआइओएस के माध्यम से शिक्षकों का प्रशिक्षण कराया गया.

प्रशिक्षण परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों में से 45,200 शिक्षक सफल हुए हैं. इन सफल शिक्षकों में 38,350 निजी स्कूलों के, 1,858 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय और 4,992 पारा शिक्षक हैं. परीक्षा में फेल होनेवाले शिक्षकों में 1,053 पारा शिक्षक, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय के 327 शिक्षक और निजी विद्यालयों के 6,198 शिक्षक हैं.
इन शिक्षकों की सेवा भारत सरकार के पत्र के अनुरूप समाप्त हो गयी है. प्रशिक्षण परीक्षा में असफल शिक्षकों की सेवा लेनेवाले निजी विद्यालयों पर भी कार्रवाई की जायेगी. विद्यालयों में अब अप्रशिक्षित शिक्षक पठन-पाठन का कार्य नहीं करेंगे. सरकार ने अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए 31 मार्च 2019 तक क समय दिया था.
गिरिडीह में सबसे अधिक 681 शिक्षक
राज्य के निजी विद्यालयों में सबसे अधिक 681 अप्रशिक्षित शिक्षक गिरिडीह में हैं. धनबाद के निजी स्कूलों में 555 शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा में फेल हो गये. सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय के कुल 327 शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी. इसमें सबसे अधिक 39 शिक्षक रांची के हैं. सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय में बोकारो के 06, देवघर के 03, धनबाद के 05, दुमका के 08, गढ़वा के 09, गिरिडीह के 23 और गोड्डा के 10 शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी.
शिक्षा परियोजना ने मांगी जानकारी
शिक्षा परियोजना ने सभी डीइओ और डीएसइ से शिक्षक प्रशिक्षण लेनेवाले शिक्षकों की जानकारी मांगी है. पारा शिक्षक व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय के शिक्षकों को सरकार मानदेय देती है. ऐसे में इन स्कूलों के शिक्षकों का मानदेय एक अप्रैल से बंद हो जायेगा. वहीं निजी विद्यालय के शिक्षकों पर विद्यालय प्रबंधन के स्तर से कार्रवाई होगी. निजी विद्यालयों के बारे में भी प्रबंधन से जानकारी मांगी जायेगी. प्रथम चरण में सभी जिलों से पारा शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी गयी है.
फेल पारा शिक्षकों के लिए फिर से परीक्षा लेने की मांग
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा में सफल नहीं होने वाले पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का विरोध किया है. मोर्चा के संजय दूबे ने कहा है कि असफल पारा शिक्षकों की परीक्षा फिर से ली जाये. उन्होंने सरकार ने पारा शिक्षकों को हटाने से संबंधित पत्र तत्काल वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि एनओआइएस की लापरवाही का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है. 31 मार्च 2019 तक डीएलएड का कोर्स पूरा नहीं किया जा सका, इसके लिए शिक्षक दोषी नहीं हैं. मोर्चा ने पारा शिक्षकों के बकाया मानदेय के जल्द भुगतान की मांग की है.
जिला अप्रशिक्षित शिक्षक
बोकारो 284
चतरा 279
देवघर 228
धनबाद 575
दुमका 214
गढ़वा 306
गिरिडीह 859
गोड्डा 157
गुमला 349
हजारीबाग 719
जामताड़ा 170
खूंटी 112
कोडरमा 262
लातेहार 119
लाेहरदगा 157
पाकुड़ 79
पलामू 559
पूर्वी सिंहभूम 421
पश्चिमी सिंहभूम 182
रामगढ़ 375
रांची 645
साहेबगंज 115
सरायकेला 290
सिमडेगा 122
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