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रांची : मुख्य सचिव ने कहा, सोचें वही, जो बहुत कम लोग सोचते हैं

Updated at : 23 Jun 2019 6:43 AM (IST)
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रांची : मुख्य सचिव ने कहा, सोचें वही, जो बहुत कम लोग सोचते हैं

दो दिवसीय झारखंड स्टार्टअप हैकाथन 2019 का उद्घाटन, रांची : देखें वो, जो सभी देखते हैं, लेकिन सोचें वही, जो बहुत कम लोग सोचते हैं. जीवन के हर क्षेत्र में यही आपको दूसरे से अलग करेगा. यह बात मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने शनिवार को होटल बीएनआर चाणक्या में सूचना प्रौद्योगिकी की ओर से […]

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दो दिवसीय झारखंड स्टार्टअप हैकाथन 2019 का उद्घाटन,
रांची : देखें वो, जो सभी देखते हैं, लेकिन सोचें वही, जो बहुत कम लोग सोचते हैं. जीवन के हर क्षेत्र में यही आपको दूसरे से अलग करेगा.
यह बात मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने शनिवार को होटल बीएनआर चाणक्या में सूचना प्रौद्योगिकी की ओर से आयोजित दो दिवसीय झारखंड स्टार्टअप हैकाथन 2019 के उद्घाटन के मौके पर कही. उन्होंने स्टार्टअप को समय की मांग बताया. उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में ऋषि-मुनियों की चिंतन परंपरा से हमें जीवन को आसान बनाने के टिप्स मिलते थे.
आज के डिजिटल युग की समस्याएं और आवश्यकताएं अलग हैं. इसलिए उसका समाधान भी अलग होगा और समाधान की राह रिसर्च, इनोवेटिव आइडिया और वैल्यू एडिशन से होकर निकलेगी. स्टार्टअप का मूल फंडा भी यही है. मुख्य सचिव ने कहा कि अस्पताल, ट्रैफिक, बिजली, पानी, प्रदूषण, कचरा प्रबंधन जैसे तमाम सरकारी सेवा के क्षेत्र हैं, जहां राज्य को इनोवेटिव अइडिया के साथ स्टार्टअप की जरूरत है.
मुख्य सचिव ने बताया कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार की पॉलिसी साफ है. इसके तहत ग्रुप के हर सदस्य को 8500 रुपये स्टाइपेंड दी जाती है. साथ ही प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए 10 लाख रुपये तक, रेंटल रिइंबर्समेंट का 50 फीसदी, पेटेंट के लिए आवेदन देने का सौ फीसदी तथा एसजीएसटी के लिए सौ फीसदी सहायता का प्रावधान है.
हैकाथन में हिस्सा ले रहे प्रतियोगियों को कुल छह क्षेत्रों में झारखंड सरकार को इनोवेटिव सॉल्यूशन देना है. इसमें निबंधित 400 प्रविष्टियों में से 50 को झारखंड सरकार ने चुना है. इसमें से चयनित सबसे अच्छे प्रोजेक्टों को एक लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जायेगा. वहीं स्कूलों के वर्ग नौ से 12 तक के जूनियर इनोवेटर को 50 हजार का रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा.
नया क्षेत्र खोजें युवा
मुख्य सचिव ने कहा कि इसके अलावा भी अनेक क्षेत्र हैं, जहा अभी तक कोई काम नहीं हुआ है, ऐसे क्षेत्र और विषय को युवा खोजें और स्टार्टअप करें. झारखंड सरकार उन्हें अपनी पॉलिसी के तहत प्रोत्साहन देगी.
उन्होंने कहा कि एक झारखंडी युवा ने साइकिल में मोटर को सोलर पैनल से जोड़कर मोटरसाइकिल बनायी है. उन्होंने हैकाथन में देशभर से जुटे युवाओं से अपील की कि वे भी कुछ ऐसे ही आइडिया के साथ स्टार्टअप की दुनिया में प्रवेश करें.
डिजिटल एज में पहुंच गये
आइटी सचिव विनय कुमार चौबे ने कहा कि आज हम स्टोन एज से डिजिटल एज में पहुंच गये हैं. झारखंड का आइटी विभाग इनोवेशन और आइडिया को प्रमोट कर रहा है.
अपनी पॉलिसी के तहत इंसेन्टिव और ग्रांट दे रहे हैं. हैकाथन में अमेजन के सचिन पुनयानी, नासकॉम के निरूपम चौधरी, लेट्सवेंचर के संजय कुमार झा और इनट्इट के विशी रंगनाथ, आइआइएम के अनिश सुगाथम तथा आइटी डायरेक्टर उमेश साह ने भी स्टार्टअप को लेकर अपने विचार रखे.
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