रांची : घरेलू कामगारों के लिए जल्द बने राष्ट्रीय कानून : अंथोनी

Updated at : 17 Jun 2019 6:18 AM (IST)
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रांची : घरेलू कामगारों के लिए जल्द बने राष्ट्रीय कानून : अंथोनी

रांची : राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन और झारखंड घरेलू कामगार यूनियन से जुड़ी महिला कामगारों ने अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर रविवार को जिला स्कूल से राजभवन तक रैली निकाली़ केंद्र सरकार से मांग की गयी कि घरेलू कामगारों के लिए समुचित राष्ट्रीय कानून बनाया जाये और केंद्र सरकार आइएलओ सी-189 का समर्थन करे़ इस […]

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रांची : राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन और झारखंड घरेलू कामगार यूनियन से जुड़ी महिला कामगारों ने अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर रविवार को जिला स्कूल से राजभवन तक रैली निकाली़ केंद्र सरकार से मांग की गयी कि घरेलू कामगारों के लिए समुचित राष्ट्रीय कानून बनाया जाये और केंद्र सरकार आइएलओ सी-189 का समर्थन करे़ इस मुद्दे पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया़
राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन के फादर अंथोनी ने कहा कि लाखों लोग निजी घरों में काम करते हैं, जिसमें अधिकतर महिलाएं हैं. ज्यादातर घरेलू कामगार निरक्षर हैं और अति संवेदनशील समुदाय व पिछड़े इलाकों से आते है़ं
काम के बदले कम पैसे दिये जाते हैं और कई बार कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार और यौन शोषण के शिकार भी होते हैं. उन्होंने कहा कि 16 जून 2011 को 100वें अंतरराष्ट्रीय श्रमिक महासम्मेलन में घरेलू कामगारों के मर्यादापूर्ण कार्य की सिफारिशों को स्वीकारा गया.
भारत सहित अधिकतर देशों ने इसके पक्ष में मतदान किया़ लेकिन केंद्र सरकार ने आइएलओ सी-189 के पक्ष में मतदान करने और इसे देश में लागू करने की पुष्टि करने के नौ साल बाद भी आज तक इसे लागू नहीं किया है. सभा में पूनम होरो, सिराज दत्ता, राजन सिंह, रेणु लिंडा, लिक्स रोज व अन्य मौजूद थे़
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