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दो महीने पहले ही एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट कर चुका नगर निगम, मंत्री जी को पता ही नहीं

Updated at : 30 May 2019 1:02 AM (IST)
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दो महीने पहले ही एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट कर चुका नगर निगम, मंत्री जी को पता ही नहीं

रांची : शहर की सफाई व्यवस्था में लगी कंपनी एस्सेल इंफ्रा को रांची नगर निगम दो महीने पहले ही टर्मिनेट कर चुके है. लेकिन, राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को इसकी जानकारी नहीं है. वह भी तब, जब नगर निगम टर्मिनेशन का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेज चुका है. बुधवार को नगर […]

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रांची : शहर की सफाई व्यवस्था में लगी कंपनी एस्सेल इंफ्रा को रांची नगर निगम दो महीने पहले ही टर्मिनेट कर चुके है. लेकिन, राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को इसकी जानकारी नहीं है. वह भी तब, जब नगर निगम टर्मिनेशन का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेज चुका है. बुधवार को नगर निगम सभागार में नगर विकास मंत्री नगर निगम की विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे.

बैठक में राजधानी की सफाई और जलापूर्ति समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान पत्रकारों से मंत्री से सवाल किया कि जब नगर निगम बोर्ड दो महीने पहले ही एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेटशन प्रस्ताव को स्वीकृति दे चुकी है, तो अब तक कंपनी को हटाया क्यों नहीं गया?सवाल मंत्री ने कहा : मैं न तो रांची नगर निगम का कर्मचारी हूं, न पदाधिकारी, न पार्षद, न ही मेयर-डिप्टी मेयर. इसलिए मुझे अब तक इसकी जानकारी नहीं है. अगर आप लोग बता रहे हैं, तो हो सकता है कि नगर निगम ने विभागीय सचिव को कंपनी को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव भेजा होगा. मैं उस प्रस्ताव को सचिव से मंगवा कर देखूंगा.

लगातार प्रकाशित हो रही है एस्सेल इंफ्रा के टर्मिनेशन की खबरें
रांची नगर निगम ने 08 मार्च 2019 को निगम बोर्ड की बैठक में सर्व सम्मति से एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव पारित किया था. हफ्ते भर पहले यह प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भी भेजा जा चुका है. इस बीच अखबारों में कई बार इससे संबंधित खबरें भी प्रकाशित होती रही हैं. ऐसे में नगर विकास मंत्री का यह कहना कि उन्हें एस्सेल इंफ्रा के टर्मिनेशन की जानकारी नहीं है, अचंभित करने वाली है.
नगर निगम को अपनी ओर से पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए
जब मंत्री को एस्सेल इंफ्रा के टर्मिनेशन के प्रस्ताव की जानकारी दी गयी, तो उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और पदाधिकारियों को नसीहत देना शुरू कर दिया. कहा : अगर कंपनी को हटाने का प्रस्ताव विभाग को भेजा है, तो आपको भी अपनी ओर से पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि जब कंपनी काम छोड़े, तो सफाई व्यवस्था बेपटरी न हो पाये.मंत्री ने निर्देश दिया कि 10 जून से पहले राजधानी के सभी बड़े नालों की सफाई कर ली जाये, ताकि बरसात में जलजमाव नहीं हो. बैठक में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त मनोज कुमार, उप नगर आयुक्त शंकर यादव आदि मौजूद थे.
टैंकरों की संख्या बढ़ाये नगर निगम
पानी के मुद्दे पर नगर विकास मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में आमलोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. प्रतिदिन सैकड़ों लोगों द्वारा इसकी प्रकार की सूचना हमें दी जाती है. नगर निगम वर्तमान में 50 टैंकरों से प्रतिदिन जलापूर्ति कर रहा है.लेकिन यह भी नाकाफी है. आमलोगों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए निगम टैंकरों की संख्या बढ़ाये. इसके बाद भी अगर आमलोगों तक पानी नहीं पहुंचता है, तो नगर निगम सीसीएल सहित अन्य पीएसयू के टैंकरों को कुछ दिनों के लिए किराये पर ले ले. मंत्री ने कहा कि पानी पिलाने के इस काम में किसी प्रकार से फंड की कमी नहीं होने दी जायेगी.
इन मुद्दों पर भी बोले मंत्री
  • जब तक डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती है, तब तक शहर के किसी भी घर से यूजर चार्ज न वसूला जाये.
  • नगर निगम के अधिकारी बेहतर काम करके दिखाएं. अगर टाइम पास करना है, तो वे रांची में रहने का सपना छोड़ दें.
  • उदघाटन के छह माह बाद भी वेंडर मार्केट में एक भी फुटपाथ दुकानदार शिफ्ट नहीं हुआ. मतलब कहीं न कहीं निगम ने कुछ गड़बड़ी की है.
  • नगर निगम द्वारा एचवाइडीटी या मिनी एचवाइडीटी ऐसे जगहों पर लगाये जायें, जहां के लोग वाकई में पेयजल की किल्लत
  • से जूझ रहे हैं. ऐसा नहीं हो कि पार्षद अपने चहेते लोगों के घर के सामने इसे लगा दे, जहां इसकी जरूरत ही नहीं है.
  • निगम भवन के सामने की सड़क और नाली ऐसी, तो पूरे शहर का क्या होगा : सीपी सिंह
  • रांची. नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बुधवार को रांची नगर निगम भवन के समीप बनी सड़क और नाली का निरीक्षण किया. सड़क और नाली का जायजा लेने के लिए मंत्री नगर निगम कार्यालय से पैदल ही निकले पड़े.
इस क्रम में उन्होंने नगर निगम के अभियंताओं से पूछा
क्या यह सड़क पूरी तरह बन गयी है? इस पर अभियंताओं ने कहा : हां! यह सड़क पूरी तरह बन गयी है. जेइ ने बताया कि काम लगभग पूरा हो गया है, केवल नाली का काम अधूरा है. इतना सुनते ही मंत्री भड़क गये.उन्होंने कहा कि रोड पर बिटुमिन कंक्रीट चढ़ाकर व्हाइट मार्किंग कर दी गयी, लेकिन सील कोट नहीं किया गया. सील कोट का पूरा पैसा ठेकेदार और इंजीनियर खुद गटक गये. उन्होंने कहा कि जनता का पैसा किसी की जेब भरने के लिए नहीं है. उन्होंने नगर आयुक्त को इस मामले पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही सड़क और नाली की खराब स्थिति को ठीक करने को कहा.
मंत्री ने चीफ इंजीनियर से कहा कि आखिर इतने सीनियर पदाधिकारी होकर आप क्या देखते हैं? जब नगर निगम भवन के सामने की सड़क का यह हाल है, तो बाकी शहर के सड़कों का क्या हाल होगा? मंत्री ने कहा कि कुछ भी हो जाये, वे गुणवत्ता के साथ काेई समझाैता नहीं करेंगे.
बेतरतीब स्लैब ढप-ढप करने लगे
मंत्री सड़क किनारे बने नाली के ऊपर लगाये गये स्लैब पर भी कुछ दूर पैदल चले. इस पर बेतरतीब ढंग से लगे स्लैब से ढप-ढप की आवाज आने लगी. इस पर मंत्री ने अभियंताओं से कहा कि क्या इसलिए ही आपलोगों को फंड दिया जाता है. इस दौरान कई जगह नाली की दीवारें भी दरकी हुई मिलीं.
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