रांची़ : जमानत रद्द करने के खिलाफ योगेंद्र साव ने सुप्रीम कोर्ट में की अपील
Updated at : 10 Apr 2019 8:45 AM (IST)
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रांची़ : जमानत की शर्त का उल्लंघन करने की वजह से जेल भेजे जाने के आदेश के खिलाफ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. बीते गुरुवार को जमानत की शर्तों का उल्लंघन किये जाने के बाद जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ […]
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रांची़ : जमानत की शर्त का उल्लंघन करने की वजह से जेल भेजे जाने के आदेश के खिलाफ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. बीते गुरुवार को जमानत की शर्तों का उल्लंघन किये जाने के बाद जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि वे इस बात से संतुष्ट हैं कि साव ने दिसंबर, 2017 में लगायी गयी शर्तों का उल्लंघन किया और वह अनधिकृत रूप से झारखंड में मौजूद थे.
दरअसल, शीर्ष अदालत ने साव को भोपाल में रहने का आदेश दिया था. पीठ ने इसके साथ ही साव और इसी तरह के मामलों में आरोपी उनकी विधायक पत्नी निर्मला देवी के खिलाफ लंबित तकरीबन 18 मामले हजारीबाग की अदालत से झारखंड के रांची जिला जज की अदालत में स्थानांतरित कर दिये. हालांकि पीठ ने निर्मला देवी की जमानत रद्द करने का राज्य सरकार का अनुरोध यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उनके मामले में जमानत की शर्तों का मामूली हनन हुआ है.
साथ ही पीठ ने निर्मला देवी का यह अनुरोध ठुकरा दिया किउन्हें भोपाल की बजाय पटना में रहने की अनुमति दी जाये. राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र देकर तीन बिंदुओं पर एतराज जताया गया था. कहा गया था कि साव दंपती गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं. अनुसंधानकर्ता और पीपी को धमकी दे रहे है. लेकिन इस बात को अदालत ने खारिज कर दिया.
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