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झारखंड की राजनीति में खड़ी हो गयी है दलबदलुओं की बड़ी फौज, चुनाव से पहले मौके की नजाकत भांपकर पाला बदल लेते हैं नेताजी

Updated at : 04 Apr 2019 7:50 AM (IST)
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झारखंड की राजनीति में खड़ी हो गयी है दलबदलुओं की बड़ी फौज, चुनाव से पहले मौके की नजाकत भांपकर पाला बदल लेते हैं नेताजी

सतीश कुमार रांची : झारखंड की राजनीति में दलबदलुओं की बड़ी फौज खड़ी हो गयी है. लोकसभा व विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर नेता पाला बदलते हैं. हालांकि यह परंपरा कमोबेश देश के सभी राज्यों में देखने को मिलती है. टिकट की आस में नेता अपनी पुरानी पार्टी के खिलाफ ताल ठोक कर […]

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सतीश कुमार
रांची : झारखंड की राजनीति में दलबदलुओं की बड़ी फौज खड़ी हो गयी है. लोकसभा व विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर नेता पाला बदलते हैं. हालांकि यह परंपरा कमोबेश देश के सभी राज्यों में देखने को मिलती है.
टिकट की आस में नेता अपनी पुरानी पार्टी के खिलाफ ताल ठोक कर खड़ा हो जाते हैं. झारखंड के कई बड़े नेताओं ने दल बदल कर चुनाव लड़ा. इसमें कई नेता जीते, तो कई को हार का सामना करना पड़ा है. झारखंड में इस बार दो राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष ने ही पाला बदल कर अपनी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया. इसमें जदयू के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो व राजद की तत्कालीन अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी शामिल हैं.
जलेश्वर महतो ने कांग्रेस, तो अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा का दामन थामा है. इससे पहले जय भारत समानता पार्टी की विधायक गीता कोड़ा ने कांग्रेस का दामन थामा था. कांग्रेस ने गीता कोड़ा को चाईबासा से उम्मीदवार बनाया है.
झाविमो की नीलम देवी, प्रभात भुइंया ने भी पाला बदलते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है. राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गिरिनाथ सिंह व राजद नेता जनार्दन पासवान ने भी भाजपा का दामन थामा है. झारखंड दिशोम पार्टी के संरक्षक सालखन मुर्मू भी पाला बदलते हुए जदयू में शामिल हुए हैं. इससे पहले भी वे कई दलों में रह चुके हैं.
झामुमो, भाजपा व कांग्रेस में रहने वाले दुलाल भुइंया पाला बदल कर बसपा के हो गये हैं. श्री भुइंया इससे पहले झामुमो से विधायक भी रह चुके हैं. इनसे पहले भी कई बड़े नेता हैं, जिन्होंने पाला बदल कर दूसरे दल का दामन थामा और वे आज उस दल के प्रमुख नेता हैं. झारखंड में अब भी पाला बदलने का खेल खत्म नहीं हुआ है. टिकट नहीं मिलने की स्थिति में कई नेता फिर से दूसरे दल का दामन थाम सकते हैं.
झाविमो के छह विधायक भाजपा में हुए थे शामिल
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद झाविमो के छह विधायक पाला बदलते हुए भाजपा में शामिल हो गये थे. इसमें से फिलहाल रणधीर सिंह व अमर बाउरी मंत्री हैं. वहीं जानकी यादव झारखंड आवास बोर्ड, गणेश गंझू झारखंड कृषि विपणन पर्षद व विधायक आलोक चौरसिया झारखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हैं. इनके अलावा नवीन जायसवाल को भाजपा में प्रदेश मंत्री का दायित्व सौंपा गया है.
झाविमो छोड़ कांग्रेस आये अजय कुमार बने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
आइपीएस अधिकारी डॉ अजय कुमार ने राजनीति की शुरुआत झाविमो से की थी. झाविमो की टिकट पर जमशेदपुर से सांसद बने. फिर कांग्रेस का दामन थामा. पहले उन्हें कांग्रेस में राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया. इसके बाद उन्हें झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गयी. फिलहाल वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं.
झामुमो से भाजपा में आने के बाद अर्जुन मुंडा बने मुख्यमंत्री
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपनी राजनीति की शुरुआत झामुमो से की थी. झामुमो की टिकट पर वे पहली बार 1995 में विधायक बने. इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए. भाजपा में विधायक बनने के बाद तीन बार मुख्यमंत्री बने. फिलहाल वे भाजपा की टिकट पर खूंटी लोकसभा से चुनाव लड़ रहे हैं.
झामुमो से विधायक रहे भाजपा में अाने पर सांसद बने विद्युत वरण
विद्युत वरण महतो ने भी राजनीति का पाठ झामुमो से ही पढ़ा. झामुमो की टिकट पर ही विधायक बने. इसके बाद वर्ष 2014 में इन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और जमशेदपुर सीट से चुनाव लड़ा. फिलहाल वे सांसद हैं और एक बार फिर से भाजपा की टिकट पर जमशेदपुर से चुनाव लड़ रहे हैं.
कांग्रेस से सिंबल लेने के बाद भाजपा से चुनाव लड़े और हारे अनंत प्रताप
पिछले विधानसभा चुनाव में अनंत प्रताप देव कांग्रेस के विधायक थे. उन्होंने भवनाथपुर से चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस का सिंबल तक ले लिया था. लेकिन इसी दौरान दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली और उसी के टिकट पर चुनाव लड़े. लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा.
भाजपा से झाविमो गये फिर लौटे भाजपा और बने प्रदेश अध्यक्ष
सांसद रवींद्र राय भाजपा में विधायक थे. इसके बाद बाबूलाल मरांडी ने झाविमो का गठन किया. रवींद्र राय ने भाजपा छोड़ कर झाविमो का दामन थामा. दो वर्ष तक झाविमो में रहे और फिर भाजपा लौट आये. भाजपा ने इन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कोडरमा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ कर सांसद बने.
हाल में दल बदलने वाले प्रमुख नेता
किस दल में थे कहां गये
अन्नपूर्णा देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजद भाजपा
गिरिनाथ सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजद भाजपा
जनार्दन पासवान, राजद भाजपा
जलेश्वर महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जदयू कांग्रेस
गीता कोड़ा, विधायक जभासपा कांग्रेस
नीलम देवी, झाविमो भाजपा
प्रभात भुईंया, झाविमो भाजपा
दुलाल भुईंया, कांग्रेस बसपा
सालखन मुर्मू, झारखंड दिशोम पार्टी जदयू
दल-बदलने वाले प्रमुख नेता
इंदर सिंह नामधारी, आभा महतो, शैलेंद्र महतो, लालचंद महतो, रामचंद्र केसरी, हेमलाल मुर्मू, साइमन मरांडी, स्टीफन मरांडी, राधा कृष्ण किशोर, नागमणि व अन्य.
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