ePaper

दुमका में जीत का चौका लगाने के लिए तैयार झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन

Updated at : 15 Mar 2019 12:10 PM (IST)
विज्ञापन
दुमका में जीत का चौका लगाने के लिए तैयार झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन

रांची : झारखंड अलग राज्य बनने के बाद दुमका (सुरक्षित) संसदीय सीट पर कब्जा रहा है झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का. हर बार यहां से दिशोम गुरु और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन जीतते रहे हैं. बड़े अंतर से जीतते रहे हैं. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार […]

विज्ञापन

रांची : झारखंड अलग राज्य बनने के बाद दुमका (सुरक्षित) संसदीय सीट पर कब्जा रहा है झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का. हर बार यहां से दिशोम गुरु और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन जीतते रहे हैं. बड़े अंतर से जीतते रहे हैं. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार गुरुजी दुमका से ही चुनाव लड़ेंगे और रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे. इस तरह दुमका से जीत का चौका लगाने के लिए झामुमो और शिबू सोरेन ने कमर कस ली है.

इसे भी पढ़ें :Lok Sabha Elections 2019 : दुमका से ही चुनाव लड़ेंगे दिशोम गुरु शिबू सोरेन

अलग राज्य बनने के बाद इस सीट पर अब तक तीन बार चुनाव हुए हैं. तीनों चुनावों में झामुमो अजेय रहा है. वर्ष 2004, 2009 और 2014 में. किसी भी चुनाव में झामुमो प्रत्याशी नहीं हारा. हर बार शिबू सोरेन यहां से जीते हैं. झामुमो को मिले मत प्रतिशत में वर्ष 2004 की तुलना में वर्ष 2014 में 17.13 फीसदी की भारी गिरावट आयी, लेकिन शिबू सोरेन को जीतने से यहां कोई नहीं रोक पाया. भाजपा हर बार यहां दूसरे नंबर की पार्टी रही. हालांकि, झामुमो के मत प्रतिशत में 2009 की तुलना में 2014 में 3.67 फीसदी का सुधार देखा गया.

इसे भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव 2019 : झारखंड में चार चरणों में होंगे मतदान, मतगणना 23 मई को

मत प्रतिशत में गिरावट और सुधार का यह क्रम भाजपा के साथ भी बना रहा. वर्ष 2004 में 35.92 फीसदी मत पाने वाली भाजपा को वर्ष 2009 में 30.50 और वर्ष 2014 में 32.86 फीसदी मत हासिल किये. हर बार भाजपा दूसरे स्थान पर रही.

बाबूलाल मरांडी संथाल परगना के कद्दावर नेता हैं, लेकिन उनकी झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) कभी सीधे मुकाबले में नहीं रही. उनकी पार्टी हर बार तीसरे स्थान पर रही. पहली बार उनकी पार्टी ने वर्ष 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ा. दुमका सीट पर उनकी पार्टी को 10.37 फीसदी मत मिले, जबकि वर्ष 2014 में यह बढ़कर 17.51 फीसदी हो गया.

इसे भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटका, तृणमूल नेता अर्जुन सिंह भाजपा में शामिल

दिलचस्प बात यह है कि अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित दुमका सीट पर अन्य दलों को सबसे ज्यादा मत मिले. सभी तीन चुनावों में. यह और बात है कि उनको मिलने वाले मत प्रतिशत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. वर्ष 2004 में अन्य दलों को 42.51 फीसदी मत मिले थे, जबकि वर्ष 2009 में उन्हें 44.78 फीसदी और 2014 में 41.05 फीसदी मत मिले.

जीत का अंतर घटा

वर्ष 2009 और 2014 के आम चुनावों में गुरुजी ने दुमका में अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुनील सोरेन को क्रमश: 18,812 और 39,030 मतों से पराजित किया. इसके पहले वर्ष 2004 के चुनावों में झामुमो सुप्रीमो ने भाजपा के सोने लाल हांसदा को 1,15,015 मतों के अंतर से हराया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola