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रांची : रिनपास में दवा मद में खर्च अधिक, सचिव ने पूछा कैसे

Updated at : 01 Jan 2019 7:44 AM (IST)
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रांची : रिनपास में दवा मद में खर्च अधिक, सचिव ने पूछा कैसे

सुनील चौधरी रांची : कांके रिनपास में दवा की खरीदारी अधिक हुई है. इस वजह से बजटीय राशि भी कम पड़ गयी है. अब रिनपास निदेशक ने गैर योजना मद के फंड को डायवर्ट कर दवा मद में करने की अनुमति मांगी है. इस पर स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने रिनपास निदेशक को […]

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सुनील चौधरी
रांची : कांके रिनपास में दवा की खरीदारी अधिक हुई है. इस वजह से बजटीय राशि भी कम पड़ गयी है. अब रिनपास निदेशक ने गैर योजना मद के फंड को डायवर्ट कर दवा मद में करने की अनुमति मांगी है. इस पर स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने रिनपास निदेशक को पत्र भेजकर पूछा है कि दवा मद में इतनी अधिक राशि की आवश्यकता क्यों पड़ गयी है.
गौरतलब है रिनपास द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 4.15 करोड़ रुपये की मांग दवा मद में की गयी है, जबकि बजटीय प्रावधान 2.75 करोड़ का है. बजट की सारी राशि खत्म हो चुकी है. इधर, दवा आपूर्तिकर्ताओं का बकाया बढ़ कर 50 लाख से अधिक हो गया है. इस मामले को लेकर दवा आपूर्तिकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से भुगतान कराने की गुहार लगायी है.
इधर, राशि की कमी देखते हुए निदेशक रिनपास ने विभाग को 10.12.2018 को एक प्रतिवेदन भेजा, जिसमें बताया कि गैर योजना मद में रिनपास के पास 41.58 करोड़ रुपये हैं. इस राशि से दवा कंपनियों को भुगतान की अनुमति विभाग से मांगी गयी. इस पर सचिव ने पूछा है कि आखिर किन मदों में यह राशि बची हुई है और दवा में खर्च अधिक कैसे हुआ है. उन्होंने पूछा है कि वर्ष 2015-16 में दो करोड़, 2016-17 में 2.75 करोड़, 2017-18 में 2.75 करोड़ और 2018-19 में 2.75 करोड़ रुपये केवल दवा मद में आवंटित किये गये हैं.
मरीजों की संख्या बढ़ी
बताया गया कि रिनपास निदेशक ने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर एक प्रतिवेदन दिया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि रिनपास में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. रिनपास ओपीडी में वर्ष 2014-15 में 118026, 15-16 में 119715, 16-17 में 112849 और 18-19 में दिसंबर तक 109289 मरीज इलाज कराने आये हैं. वहीं, नये मरीज 14-15 में 14111, 15-16 में 14063, 17-18 में 14065 और 18-19 में 14507 आये हैं. इन मरीजों को दो माह तक की दवा दी जाती है, जिस कारण दवा की खपत बढ़ गयी है और हाल के दिनों में दवा कंपनियों ने अपनी कीमत भी बढ़ा दी है. दवा में अधिक राशि खर्च हो रही है. निदेशक ने आग्रह किया है कि रिनपास सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप मानसिक रोगियों की सेवा कर रहा है, इस नाते दवा मद में राशि दी जानी चाहिए. फिलहाल मामला सचिव के पास विचाराधीन है.
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