रांची : 9.54 करोड़ के गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज

Updated at : 21 Dec 2018 6:47 AM (IST)
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रांची : 9.54 करोड़ के गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज

रांची : सीबीआइ (आर्थिक अपराध शाखा) रांची ने बैंक ऑफ इंडिया की रामगढ़ शाखा में हुई जालसाजी के मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की है. जालसाजी करनेवालों ने रामगढ़ के बेरोजगार युवकों को लालच देकर उनके नाम पर आयल टैंकर खरीदने के लिए कर्ज लिया. इसके बाद फर्जी बॉडीबिल्डर के अलावा एक छोटे डेंटर-पेंटर के […]

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रांची : सीबीआइ (आर्थिक अपराध शाखा) रांची ने बैंक ऑफ इंडिया की रामगढ़ शाखा में हुई जालसाजी के मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की है.
जालसाजी करनेवालों ने रामगढ़ के बेरोजगार युवकों को लालच देकर उनके नाम पर आयल टैंकर खरीदने के लिए कर्ज लिया. इसके बाद फर्जी बॉडीबिल्डर के अलावा एक छोटे डेंटर-पेंटर के माध्यम से आयल टैंकर का बॉडी बनाने के नाम पर दिसंबर 2016 से मई 2017 के बीच बैंक से कर्ज लिया व इसका दुरुपयोग किया.
सीबीआइ द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी में जालसाजी कर टैंकर खरीदने और बॉडी बनाने के नाम पर 6.23 करोड़ रुपये कर्ज लेने का आरोप लगाया गया है.
दूसरी प्राथमिकी में छोटे डेंटर-पेंटर के नाम पर जालसाजी कर 3.315 करोड़ कर्ज लेने का आरोप लगाया गया है. सीबीआइ द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी में कहा गया है कि मुकेश साह (भारत लॉजिस्टिक और शिव ट्रांसपोर्ट का मालिक) ने बैंक ऑफ इंडिया से बेरोजगार युवकों के नाम पर टैंक खरीदने के लिए कर्ज की मांग की. इसके लिए उसने बैंक में रिलायंस, बीपीसीएल और एचपीसीएल से तेल की ढुलाई का आदेश मिलने से संबंधित फर्जी दस्तावेज जमा किया.
चेसिस के अधिकृत विक्रेता ने बेरोजगारों को ठगा
चेसिस के अधिकृत विक्रेता रविकांत प्रसाद (मैनेजर मेसर्स इनार इंडस्ट्रियल इंटरप्राइजेज) ने बेरोजगार युवकों से संपर्क पर उन्हें लालच दिया. उन्हें इस बात का आश्वासन दिया कि टैंकर खरीदने के बाद इसे मुकेश साह के शिव ट्रांसपोर्ट के माध्यम से चलाया जायेगा. इससे उन्हें प्रतिमाह छह से 10 हजार रुपये तक की आमदनी होगी.
रविकांत प्रसाद ने साजिश रच कर टैंकर के चेसिस का गलत कोटेशन दिया. मुकेश साह के भाई संजय साह ने सिद्धि विनायक नामक कागजी फर्म बना का बॉडी बिल्डिंग का दावा किया. बॉडी बिल्डिंग की लागत 3-4 लाख रुपये तक होती है, लेकिन संजय ने 7.50-10.90 लाख रुपये तक की लागत पर बॉडी बिल्डिंग का कोटेशन दिया. इस तरह इन लोगों ने मिल कर सुनियोजित साजिश रची और जालसाजी कर बैंक से 6.23 करोड़ रुपये कर्ज लेने में कामयाबी हासिल की. कर्ज की इस रकम को एनपीए घोषित कर दिया गया है.
बॉडी बिल्डिंग के नाम पर 3.315 करोड़ की जालसाजी
दूसरी प्राथमिकी में भी इन अभियुक्तों पर बॉडी बिल्डिंग के नाम पर भीम राणा नामक एक छोटे डेंटर-पेंटर के साथ साजिश रच कर बॉडी बिल्डिंग के नाम पर 3.315 करोड़ रुपये कर्ज लेने का आरोप लगाया गया है. भीम राणा ने मेसर्स भीम बॉडी बिल्डर्स के नाम पर टैंकर का बॉडी बनाने का कोटेशन दिया.साथ ही बैंक से कर्ज लेकर उसका दुरुपयोग किया.
अभियुक्तों का ब्योरा
संजय साह, मेसर्स सिद्धि विनायक
मुकेश साह, मेसर्स भारत लॉजिस्टिक, मेसर्स शिव ट्रांसपोर्ट
रविकांत प्रसाद, मैनेजर मेसर्स इनार इंडस्ट्रियल इंटरप्राइजेज, रामगढ़
भीम राणा, मेसर्स भीम बॉडी बिल्डर्स, रामगढ़
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