रांची : पीड़ित अल्पसंख्यकों को दिलायेंगे मुफ्त कानूनी मदद

Updated at : 17 Dec 2018 10:07 AM (IST)
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रांची : पीड़ित अल्पसंख्यकों को दिलायेंगे मुफ्त कानूनी मदद

रांची : राज्य के अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन के मुद्दे पर संत पॉल स्कूल सभागार में रविवार को जन सुनवाई हुई़ निर्णय लिया गया कि इसे रोकने व पीड़ितों को तुरंत इंसाफ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को नागरिकों द्वारा तैयार मांग पत्र दिया जायेगा़ साथ ही प्रताड़ना के शिकार लोगों के परिजनों को […]

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रांची : राज्य के अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन के मुद्दे पर संत पॉल स्कूल सभागार में रविवार को जन सुनवाई हुई़ निर्णय लिया गया कि इसे रोकने व पीड़ितों को तुरंत इंसाफ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को नागरिकों द्वारा तैयार मांग पत्र दिया जायेगा़ साथ ही प्रताड़ना के शिकार लोगों के परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए मुफ्त कानूनी मदद भी मुहैया करायी जायेगी़ इसके अलावा उन्हें उचित मुआवजा व नौकरी दिलाने के लिए सरकार पर दबाव भी बनाया जायेगा़ वहीं, बालूमाथ में पीड़ित परिवारों को धमका रहे अभियुक्तों की बेल रद्द कराने के लिए कोर्ट जाने का निर्णय लिया गया़
पीड़ित परिवार के लोगों ने रखी अपनी बात : इस अवसर पर पीड़ित परिवार के लोगों ने भी अपनी-अपनी बात रखी़ इनमें बालूमाथ कांड के पीड़ित के परिजनों में सायरा व मजलूम अंसारी, हाजत में पुलिस पिटाई से जेल में मारे गये इस्लाम नगर, आजाद बस्ती के जलील अंसारी की पत्नी नूरजहां खातून व बेटे मो सज्जाद अंसारी सहित कई पीड़ित शामिल थे़
समरसता पसंद बहुसंख्यकों का सहयोग जरूरी : इससे पूर्व झारखंड बार काउंसिल के एडवोकेट एके रशीदी ने कहा कि ऐसी बातों को रोकने के लिए राज्य के समरसता पसंद बहुसंख्यकों का सहयोग अनिवार्य है़
उन्होंने पीड़ित परिवारों को अपने संगठन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स से मुफ्त कानूनी सहायता देने की घोषणा की और झालसा को भी पूरी तरह सक्रिय बनाने पर बल दिया़ जज पैनल की ओर से पूर्व आइपीएस हेमंत टोप्पो ने कहा कि अल्पसंख्यक विरोधी माहौल बनाया जा रहा है और इसका खामियाजा सबको उठाना पड़ रहा है़
हमें ऐसा माहौल बनाना है, जिसमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो़ नदीम खान ने कहा कि अल्पसंख्यकों में पनपती भय व असुरक्षा की भावना गंभीर चुनौती है़ वक्ताओं ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर सत्ता संरक्षित हमलों के खिलाफ व्यापक जन एकता व जागरूकता बढ़ाना होगा़ भय और दबाव की राजनीति का एकजुट प्रतिकार जरूरी है़
ऐसे मामलों पर लोगों की कानूनी जानकारी भी बढ़ानी होगी़ कार्यक्रम को अधिवक्ता एनसी गर्ग, अधिवक्ता मुख्तार अहमद, सिस्टर बसंती बेसरा, मो जियाउल्ला, उदय कुल्लू, जेरोम जेराल्ड कुजूर, मो इकबाल, शम्स कमर खान व अन्य ने भी संबोधित किया़ इस जन सुनवाई कार्यक्रम में जज पैनल में पूर्व आइपीएस हेमंत टोप्पो, बार काउंसिल के एडवोकेट एके रशीदी, पूर्व श्रमायुक्त एमए हक, वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी बशीर अहमद, अधिवक्ता फादर महेंद्र पीटर तिग्गा, एआईपीएफ के अनिल अंशुमन, एडवोकेट उदय कुल्लू , ईसाई समाज के बासिल किड़ो व एवं दीपक तिर्की शामिल थे़
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