रांची : जेपीएससी के स्ट्रांग रूम से कई दस्तावेज हैं गायब
Author Prabhat khabar digital desk
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शकील अख्तर, रांची : झारखंड राज्य लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के स्ट्रांग रूम से सिविल परीक्षा के इंटरव्यू बोर्ड में शामिल विशेषज्ञों का नाम और पता गायब हैं. जेपीएससी ने इस सिलसिले में सीबीआइ को पत्र लिख कर संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज के स्ट्रांग रूम में नहीं होने की जानकारी दी है. आयोग की ओर से […]
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शकील अख्तर, रांची : झारखंड राज्य लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के स्ट्रांग रूम से सिविल परीक्षा के इंटरव्यू बोर्ड में शामिल विशेषज्ञों का नाम और पता गायब हैं. जेपीएससी ने इस सिलसिले में सीबीआइ को पत्र लिख कर संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज के स्ट्रांग रूम में नहीं होने की जानकारी दी है.
आयोग की ओर से दी गयी इस सूचना के बाद सीबीआइ को नियुक्ति घोटाले की जांच में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सीबीआइ जांच के दौरान प्रथम सिविल सेवा परीक्षा की कॉपियों में काट-छांट और ओवर राइटिंग का मामला पकड़ में आया था. इसके साथ ही कॉपियों में पहले दिये गये नंबरों के काट कर उसे बढ़ाने के मामले भी मिले थे.
जांच के दौरान यह भी पता चला कि इंटरव्यू में भी भारी गड़बड़ी हुई है.साथ ही मनपसंद लोगों को मनमाने तरीके से नंबर दिये गये हैं. इसके बाद सीबीआइ ने इंटरव्यू से जुड़े दस्तावेज की जांच का फैसला किया. इसके तहत आयोग को पत्र लिख कर इससे जुड़े दस्तावेज की मांग की.
सीबीआइ ने आयोग को पत्र लिख कर आयोग के तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह और राधा गोविंद नागेश की अध्यक्षता में गठित इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किये गये विशेषज्ञों का नाम और पता से संबंधित जानकारी और इससे संबंधित दस्तावेज की मांग की. इसके करीब तीन माह बाद जेपीएससी ने सीबीआइ को एक पत्र भेजा.
आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से भेजे गये इस पत्र में यह कहा गया कि आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सिंह और राधा गोविंद नागेश की अध्यक्षता में 18 मार्च 2006 से 21 मार्च 2006 की अवधि में गठित इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किये गये विशेषज्ञों का नाम और पता से संबंधित दस्तावेज की खोज स्ट्रांग रूम में करायी गयी. लेकिन स्ट्रांग रूम में संबंधित दस्तावेज नहीं मिले.
सीबीआइ ने दो अफसरों से पूछताछ की
जेपीएससी घोटाले की जारी जांच के दौरान सीबीआइ ने शुक्रवार को दो अधिकारियों से पूछताछ की. इन अधिकारियों में धनबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज साव और पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे प्रवीण रोहित कुजूर शामिल हैं.
इन दोनों ने भी परीक्षा में उनकी सफलता और कॉपियों में काट-छांट आदि से जुड़े सवालों को टालने की कोशिश की और गड़बड़ी के मामले में अनभिज्ञता जतायी. सीबीआइ ने प्रथम जेपीएससी नियुक्ति घोटाले में राज्य प्रशासनिक सेवा के 14 अधिकारियों से पूछताछ पूरी कर ली है.
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