ट्रेन का माल भाड़ा बढ़ा, रांची से जम्मू को कुंदरी की आपूर्ति बंद
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Dec 2018 8:49 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : सब्जियों की खेती और उत्पादन के लिए रांची मशहूर है. दरअसल, रांची व अन्य जिलों की सब्जियां बहुत पहले से दूसरे राज्य में भेजी जाती रही हैं. आसनसोल, कोलकाता व दुर्गापुर जैसे शहरों में रांची की सब्जी काफी पसंद की जाती है. पर व्यापारियों के अनुसार माल भाड़ा बढ़ने से ट्रेन से सब्जियां […]
विज्ञापन
रांची : सब्जियों की खेती और उत्पादन के लिए रांची मशहूर है. दरअसल, रांची व अन्य जिलों की सब्जियां बहुत पहले से दूसरे राज्य में भेजी जाती रही हैं. आसनसोल, कोलकाता व दुर्गापुर जैसे शहरों में रांची की सब्जी काफी पसंद की जाती है. पर व्यापारियों के अनुसार माल भाड़ा बढ़ने से ट्रेन से सब्जियां कम भेजी जा रही हैं.
चुटिया के रहनेवाले सब्जी व्यापारी भोला के अनुसार कोलकाता थोक बाजार में तो रांची से ट्रक पहुंचते ही रांची का फूलगोभी आ गया…रांची का फूलगोभी…..का शोर शुरू हो जाता है. पहले फूलगोभी ओड़िशा के संबलपुर भी भेजी जाती थी. वहीं, रांची व आसपास की कुछ सब्जियां जम्मू-हैदराबाद तक भेजने का सिलसिला भी अब बंद हो गया है.
चुटिया निवासी सब्जी व्यापारी भोला तब हर रोज करीब 30 क्विंटल कुंदरी जम्मू भेजते थे. झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की कुंदरी 50-50 किलो के पैकेट में हर रोज 60-70 पैकेज तक राउरकेला-जम्मूतवी एक्सप्रेस से वहां भेजी जाती थी. भोला ने बताया कि झारखंड में कुंदरी खानेवाले कम हैं, लेकिन जम्मू में इसे काफी पसंद किया जाता है.
पर गत एक वर्ष से कुंदरी जम्मू नहीं भेजी जा रही. रेल भाड़ा बढ़ने से व्यापारी अब हैदराबाद और जम्मू जैसे लंबी दूरी वाले शहरों में सब्जियां भेजने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे. उधर सिल्ली, झालदा व तोरांग से कच्चू (अरबी) पहले रांची ला कर इसे विशाखापत्तनम व हैदराबाद भेजा जा रहा था. यह भी बंद हो गया है. भोला नवंबर-दिसंबर में हर रोज करीब 100 क्विंटल फ्रेंचबिन ट्रेन से दिल्ली भेजते थे. अब इसमें कमी आयी है. अब सड़क मार्ग से सब्जियां पं. बंगाल व दिल्ली भेजी जा रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




