रांची : प्रदेश में एससी-एसटी के 658 मामले लंबित
Updated at : 13 Nov 2018 9:11 AM (IST)
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सीआइडी एडीजी की समीक्षा में रांची, हजारीबाग, देवघर व गिरिडीह में एससी-एसटी के 33 से ज्यादा मामले लंबित पाये गये रांची : एससी-एसटी से जुड़े 658 केस प्रदेश के 24 जिलों में लंबित हैं. 33 और इससे ज्यादा केस रांची, हजारीबाग, देवघर और गिरिडीह जिले में लंबित हैं. सोमवार को सीआइडी एडीजी अजय कुमार सिंह, […]
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सीआइडी एडीजी की समीक्षा में रांची, हजारीबाग, देवघर व गिरिडीह में एससी-एसटी के 33 से ज्यादा मामले लंबित पाये गये
रांची : एससी-एसटी से जुड़े 658 केस प्रदेश के 24 जिलों में लंबित हैं. 33 और इससे ज्यादा केस रांची, हजारीबाग, देवघर और गिरिडीह जिले में लंबित हैं. सोमवार को सीआइडी एडीजी अजय कुमार सिंह, गृह विभाग की विशेष सचिव तदाशा मिश्रा और सीआइडी आइजी रंजीत कुमार प्रसाद द्वारा जिलों के एसपी के साथ की गयी वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान यह बातें सामने आयी.
इस दौरान सीआइडी एडीजी ने सभी एसपी को निर्देश दिया कि वे एससी-एसटी के वर्ष 2000 से 2014 तक के लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर एक माह में करें. वहीं वर्ष 2015 से 2017 तक के मामलों का निष्पादन हर हाल में दो माह में पूरा करें. बता दें कि लंबित मामलों को लेकर कुछ माह पहले रांची में हुई समीक्षा के दौरान संसदीय कमेटी ने नाराजगी जाहिर की थी. साथ ही लंबित मामलों के निपटारे को लेकर दिशा-निर्देश दिया था. मामले में सीआइडी द्वारा संसदीय कमेटी को रिपोर्ट भी भेजी जानी है.
एफआइअार के बाद पीड़ित को मिलेगा 25 फीसदी मुआवजा : सभी एसपी को सीआइडी एडीजी ने निर्देश दिया है कि नये प्रावधान के तहत एससी-एसटी के पीड़ित को प्राथमिकी के बाद तय मुआवजा का 25 फीसदी राशि दिया जाना है.
इसके लिए जरूरी है कि थानों में एससी-एसटी का मामला दर्ज होने के बाद पीड़ित को मुआवजा दिये जाने संबंधी प्रस्ताव जिला कल्याण विभाग को भेजें, ताकि पीड़ित को 25 फीसदी मुआवजा मिल सके. नये प्रावधान के तहत पुलिस द्वारा चार्जशीट किये जाने के बाद ही पीड़ित को शेष मुआवजा राशि दिये जाने की बात कही गयी है.
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