रांची : झालको में गड़बड़ी की शिकायत, सरकार ने मांगा जवाब

Updated at : 05 Nov 2018 9:14 AM (IST)
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रांची : झालको में गड़बड़ी की शिकायत, सरकार ने मांगा जवाब

मुख्यमंत्री जनसंवाद में लगाये गये हैं कई गंभीर आरोप, नियम की हो रही है अनदेखी रांची : झालको में गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री जनसंवाद में की गयी है. इसके बाद झालको के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर लगे आरोप पर जवाब मांगा गया है. जनसंवाद में कहा गया था कि झालको में पदस्थापित अधिकारी मनमाने […]

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मुख्यमंत्री जनसंवाद में लगाये गये हैं कई गंभीर आरोप, नियम की हो रही है अनदेखी
रांची : झालको में गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री जनसंवाद में की गयी है. इसके बाद झालको के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर लगे आरोप पर जवाब मांगा गया है.
जनसंवाद में कहा गया था कि झालको में पदस्थापित अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं. इससे निगम का हालत खराब हो गयी है. कई वरीय पदाधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं. नियम-कानून को ताक पर रख कर काम हो रहा है. झालको को 2001-02 से 2017-18 तक कुल 151.85 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. इसमें कुल 9.47 करोड़ रुपये लाभांश प्राप्त हुआ है. सरकार द्वारा झालको के गठन के समय पांच करोड़ रुपये कैपिटल पूंजी दी गयी थी.
इस पर करीब छह करोड़ रुपये सूद प्राप्त हुअा है. सरकार द्वारा 2002 से लेकर 2017-18 तक कुल 35.18 करोड़ रुपये की राशि वेतन सहायता अनुदान में दी गयी है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी बंद पड़े लिफ्ट एरीगेशन की योजना को चालू करने के लिए 30 करोड़ रुपये दिये गये हैं. इसके बावजूद कर्मियों को समय पर वेतन व अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
रोक के बावजूद हो रही नयी नियुक्ति : जनसंवाद में लगाये गये आरोप के मुताबिक झालको गठन की अधिसूचना 26 अप्रैल 2005 में की गयी थी. इसमें जिक्र था कि झालको में नयी नियुक्ति नहीं की जायेगी. इसके बावजूद कई लोगों को नियुक्त किया गया है. यह प्रक्रिया अभी भी जारी है. वित्तीय अनियमितता के आरोपी कनीय अभियंता को अवर क्षेत्रीय प्रबंधक का प्रभार भी दे दिया गया है. एक ओर झालको के एमडी ने अभियंताओं की कमी का पत्र जल संसाधन विभाग को लिखा है, वहीं यहां पदस्थापित अभियंताओं को सहकारिता विभाग में भेज दिया है.
73 साल के आदमी से लिया जा रहा है काम
जानकारी के मुताबिक झालको, एचइसी से सेवानिवृत्त पीएन प्रसाद की सेवा अब तक ले रहा है. उनकी आयु करीब 73 साल है. वह 14 वर्षों से अनुबंध पर लेखा पदाधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. हाल में एक बार फिर उनकी अनुबंध की अवधि बढ़ा दी गयी है. जबकि, 28 अप्रैल 2016 में सरकार ने आदेश निकाला था कि सरकार या निगम में कोई भी कर्मी जिनकी उम्र 65 साल हो चुकी है, काम नहीं करेंगे.
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