रांची : स्थायी वारंट के निष्पादन के लिए 10 दिनों का दिया टास्क

Updated at : 05 Nov 2018 6:18 AM (IST)
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रांची : स्थायी वारंट के निष्पादन के लिए 10 दिनों का दिया टास्क

डीजीपी ने एसपी, रेंज डीआइजी व आइजी के साथ की बैठक रांची : हाइकोर्ट के निर्देश पर स्थायी वारंट के निष्पादन की समीक्षा के लिए रविवार को डीजीपी डीके पांडेय ने पुलिस मुख्यालय में सभी जिलों के एसपी, रेंज डीआइजी और जोनल आइजी के साथ बैठक की. पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी को बताया कि करीब […]

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डीजीपी ने एसपी, रेंज डीआइजी व आइजी के साथ की बैठक
रांची : हाइकोर्ट के निर्देश पर स्थायी वारंट के निष्पादन की समीक्षा के लिए रविवार को डीजीपी डीके पांडेय ने पुलिस मुख्यालय में सभी जिलों के एसपी, रेंज डीआइजी और जोनल आइजी के साथ बैठक की. पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी को बताया कि करीब 60 प्रतिशत स्थायी वारंट का तामिला हो चुका है. इनमें वैसे अपराधी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी था और उनकी मौत हो गयी थी. अभियान के दौरान उनके परिजनों से संपर्क कर मृत्यु प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया गया है.
डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को बचे वारंट के निष्पादन के लिए 10 दिनों का टास्क दिया है, ताकि अधिक- अधिक संख्या में स्थायी वारंट का निष्पादन किया जा सके. 14 नवंबर को मामले में सभी लोग शपथपत्र देंगे. खासकर जिन जिलों में स्थायी वारंट के निष्पादन की गति धीमी है, उन्हें तेजी लाने को कहा गया है.
सीआइडी एडीजी को सौंप दें रेगुलर हथियार:बैठक के हाइकोर्ट के निर्देश पर राज्य में जब्त हथियार के निष्पादन को लेकर भी समीक्षा की गयी.
सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे मालखाना का निरीक्षण कर जब्त हथियार की सूची तैयार करायें. अगर किसी थाना में मालखाना का प्रभार वर्तमान थानेदार के पास नहीं है, तब मालखाना का प्रभार संबंधित थानेदार को लेने का निर्देश दें.
हथियार को नष्ट करने के लिए योजना तैयार की गयी है. अगर किसी थाने के मालखाना में रेगुलर हथियार जब्त है, तो संबंधित जिला के एसपी उसे सीआइडी एडीजी के पास सौंप दें. रेगुलर हथियार के संबंध में वही निर्णय लेंगे. वहीं जब्त देसी हथियार जिसमें न्यायालय से केस का निष्पादन हो चुका है. उन हथियारों को नष्ट करने के लिए पुलिस कोर्ट से अनुमति लेगी.
इसके बाद हथियार को नष्ट करके मजिस्ट्रेट से इसका प्रमाणपत्र लेगी. अधिकारियों के अनुसार नक्सलियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ इनाम का प्रस्ताव तैयार करने, नक्सल अभियान को कारगर तरीके से चलाने, नक्सलियों और उग्रवादियों को सरेंडर कराने कीदिशा में चर्चा की गयी. इसके साथ ही पूर्व में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का बकाया भुगतान के संबंध में निर्देश दिया गया है.
बैठक में एडीजी सीआइडी अजय कुमार, आइजी नवीन कुमार, आइजी रंजीत प्रसाद, डीआइजी रांची रेंज एवी होमकर, डीआइजी कोल्हान कुलदीप द्विवेदी, डीआइजी दुमका राज कुमार लकड़ा, जमशेदपुर एसएसपी अनूप बिरथरे, धनबाद एसएसपी मनोज रतन चाैथे के अलावा सभी जिलों के एसपी बैठक में शामिल थे.
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