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रांची : बिष्टुपुर की 200 करोड़ की जमीन मामले की सुनवाई से कोर्ट का इंकार

Updated at : 31 Oct 2018 9:51 AM (IST)
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रांची : बिष्टुपुर की 200 करोड़ की जमीन मामले की सुनवाई से कोर्ट का इंकार

रांची : हाइकोर्ट में मंगलवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर की 200 करोड़ से अधिक की 5.25 एकड़ जमीन को लेकर दायर अपील याचिका पर आंशिक सुनवाई हुई. हालांकि, जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. अब इस मामले की सुनवाई किसी अन्य सक्षम बेंच में […]

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रांची : हाइकोर्ट में मंगलवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर की 200 करोड़ से अधिक की 5.25 एकड़ जमीन को लेकर दायर अपील याचिका पर आंशिक सुनवाई हुई. हालांकि, जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. अब इस मामले की सुनवाई किसी अन्य सक्षम बेंच में होगी. इससे पूर्व सरकार की अोर से महाधिवक्ता अजीत कुमार ने खंडपीठ को जानकारी दी, लेकिन खंडपीठ ने सुनवाई से अपने को अलग कर लिया.
आज मामले की अंतिम सुनवाई होनी थी. पिछली सुनवाई के दाैरान खंडपीठ ने कहा था कि सभी पक्षों द्वारा लंबी बहस की जा चुकी है. अब इस मामले में आैर बहस की जरूरत नहीं रह गयी है. आप चाहें, तो पूर्व में हो चुकी बहस को संक्षेप में पुन: अगली सुनवाई को रख सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी टाटा स्टील लिमिटेड ने याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी है. एकल पीठ ने 23 अप्रैल 2012 को जमीन के पूर्व रैयतों के पक्ष में फैसला सुनाया था. इसी मामले में वर्ष 2003 में सरकार की अोर से जमशेदपुर उपायुक्त ने शपथ पत्र दायर की थी.इसमें पूर्व रैयत अलुमनी कुम्हारिन व अन्य के पक्ष का समर्थन किया गया. यह भी कहा गया था कि उक्त जमीन पर टाटा स्टील का अधिकार नहीं बनता है. इसके बाद टाटा स्टील ने एकल पीठ के फैसले को चुनाैती दी. बाद में वर्तमान सरकार द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर कर सर्किट हाउस के समीप स्थित 5.25 एकड़ जमीन पर अपना दावा प्रस्तुत किया गया. कहा गया है कि टाटा स्टील द्वारा पूर्व रैयत से 1944 में वापस लिये जाने तथा जमींदारी खत्म होने के बाद संबंधित जमीन राज्य सरकार में निहित हो गयी थी. उक्त जमीन टाटा लीज का अंश है तथा यह सरकार की संपत्ति है.
संबंधित प्रतिवादियों या उनके वंशजों का भूमि पर कोई अधिकार नहीं रह गया है. प्रतिवादी पटना हाइकोर्ट में हार चुके हैं. हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने भी कंफर्म किया था. सरकार की अोर से पूर्व की बहस काे रिपीट करते हुए लिखित वक्तव्य, महत्वपूर्ण तिथि व घटनाअों की सूची साैंपी गयी है.
पूर्व सीएमडी की याचिका पर सुनवाई आज
रांची. बीसीसीएल के सीएमडी पद से हटाये जाने संबंधी केंद्र सरकार के आदेश को चुनाैती देनेवाली याचिका पर हाइकोर्ट में 31 अक्तूबर को सुनवाई होगी.
प्रार्थी की अोर से कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी पूर्व सीएमडी अजय कुमार सिंह ने याचिका दायर की है. याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गयी है, जिसमें उन्हें सीएमडी पद से हटाते हुए पूर्व के मूल पद इसीएल के जीएम के पद पर भेजा गया है.
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