CM ने कहा, एडवांस प्लानिंग नहीं होने के कारण जितना होना था, उतना विकास नहीं हुआ, 2021 तक 50% बढ़ेग‍ी ग्रामीणों की आय

Updated at : 05 Oct 2018 7:16 AM (IST)
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CM ने कहा, एडवांस प्लानिंग नहीं होने के कारण जितना होना था, उतना विकास नहीं हुआ, 2021 तक 50% बढ़ेग‍ी ग्रामीणों की आय

झारखंड का नये भारत के निर्माण में क्या योगदान होगा, इसकी रूपरेखा तय की गयी राइट टू सर्विस एक्ट अब तक सही तरीके से लागू नहीं हो पाया है, उसे लागू करायें रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विकास के लिए एडवांस प्लानिंग नहीं होने की वजह से झारखंड का जितना विकास होना […]

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झारखंड का नये भारत के निर्माण में क्या योगदान होगा, इसकी रूपरेखा तय की गयी
राइट टू सर्विस एक्ट अब तक सही तरीके से लागू नहीं हो पाया है, उसे लागू करायें
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विकास के लिए एडवांस प्लानिंग नहीं होने की वजह से झारखंड का जितना विकास होना चाहिए था, उतना नहीं हो पाया है.
राज्य के विकास हेतु तीन वर्ष की कार्य योजना बनाने के लिए पद्मश्री अशोक भगत व सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी टी नंदकुमार की अगुवाई में जिम्मा सौंपा गया है. वर्ष 2022 में जब देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मनायेगा, तो झारखंड का नये भारत के निर्माण में क्या योगदान होगा, इसकी रूपरेखा तय की गयी है.
अब हम सबको मिल जुल कर इसे धरातल पर उतारना है. श्री दास गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में राज्य विकास परिषद की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बैठक में सांसद, विधायक समेत अन्य जन प्रतिनिधियों के द्वारा जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उनको भी इसमें शामिल किया जायेगा.
आकांक्षी जिलों को विकसित जिलों की श्रेणी में लायें : मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन के कारण झारखंड का अलग राज्य के रूप में गठन किया गया था. आज भी 24 में से 19 जिले आकांक्षी जिलों की सूची में है. इनमें से भी छह जिले अति पिछड़े हैं. हमें उन्हें विकसित जिलों की श्रेणी में लाना है. राज्य सरकार ने इन जिलों के लिए विशेष तौर पर 50 करोड़ रुपये दिये हैं.
हमें आइटी का अधिक से अधिक उपयोग कर समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ पहुंचाना है. अभी भी राज्य में राइट टू सर्विस एक्ट सही तरीके से लागू नहीं हो पाया है, उसे लागू कराना है. हमारा राज्य स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ था. हालांकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के मामले में झारखंड अग्रणी राज्यों में शुमार है. इसी प्रकार क्वालिटी एजुकेशन के सुधार के मामले में झारखंड को काफी सराहना मिल रही है. पोषण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है.
विकास योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभायें जनप्रतिनिधि : सीएम
श्री दास ने जनप्रतिनिधियों से विकास योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया. उनके क्षेत्र में सरकार की हर योजना का क्रियान्वयन हो और हर लाभुक तक योजना पहुंचे, इसका विशेष ध्यान दें.
खनिज बाहुल्य राज्य के खनन क्षेत्र में लोग दूषित जल पीने को मजबूर थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार खनन से मिलने वाली रॉयल्टी में से 30 प्रतिशत की राशि उसी क्षेत्र के विकास में खर्च कर रही है. राज्य सरकार ने इस राशि से इन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम शुरू किया है. पांच अक्तूबर को रामगढ़ में 300 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया जायेगा. वहीं 300 करोड़ रुपये की योजना पहले से चल रही है.
कृषि पर विशेष फोकस करने की जरूरत : जय प्रकाश भाई पटेल
झामुमो विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने राज्य विकास परिषद के गठन के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी. कहा कि दलगत भावना से ऊपर उठ कर विकास की कार्ययोजना बनाने में सभी को स्थान दिया है.
उन्होंने कृषि पर विशेष फोकस करने का सुझाव दिया. झाविमो विधायक प्रकाश राम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छह माह का भोजन मिलता है. वन पट्टे का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. विकास आयुक्त डीके तिवारी ने झारखंड विजन एवं कार्य योजना 2021 की कार्य योजना पेश की. बैठक में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय, पर्यटन व खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी, राज्य के सांसद-विधायक व अन्य जन प्रतिनिधि, सभी विभागों के प्रधान सचिव, सचिव व अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने किया.
2021 तक 50% बढ़ जायेगी ग्रामीण परिवारों की आय
रिपोर्ट. राज्य विकास परिषद ने झारखंड के लिए पेश किया विजन 2021
रांची : झारखंड के ग्रामीण परिवारों की आय में वर्ष 2021 तक 50 फीसदी की वृद्धि हो जायेगी. राज्य विकास परिषद ने राज्य के विकास, क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने और वंचित वर्गों के लिए तैयार की गयी त्रिवर्षीय कार्ययोजना में व्यवस्था सुदृढ़ करने, सरकारी सेवा में सुधार करने और प्रशासन को बेहतर करने का विजन पेश किया है.
इसमें शहरों के साथ गांवों के विकास, बिजली-पानी तक सबकी पहुंच बनाने, गरीबों का जीवन स्तर उठाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ आधारभूत संरचना बेहतर करने पर भी बल दिया गया है. सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी टी नंदकुमार की अध्यक्षता में गठित समिति ने विभिन्न वर्गों से विमर्श करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया है.
कार्ययोजना को झारखंड विजन एंड एक्शन प्लान 2021 नाम दिया गया है. गुरुवार को हुई राज्य विकास परिषद की बैठक में कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया. समिति द्वारा तैयार की गयी कार्ययोजना सामाजिक-आर्थिक विकास के 15 पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की गयी है. इनमें ग्रामीण समृद्धि और जीवन की गुणवत्ता, कृषकों की आय को दोगुना करना, समावेशी विकास, बेहतर शहरी जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच आदि शामिल है. कार्ययोजनाओं के अनुश्रवण की समय सारिणी भी निर्धारित की गयी है.
2021 के लिए निर्धारित कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्य
18 लाख ग्रामीण परिवारों की आय में कम से कम 50 फीसदी की वृद्धि
2019 के पहले सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना
2020 तक 80 फीसदी परिवारों को पक्का घर
सभी घरों के लिए कम से कम 22 घंटे रोज बिजली की आपूर्ति
सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना
वर्ष 2020 तक गांवों में बैंकों की 1600 नयी शाखाएं
सिंचाई क्षमता के वर्तमान उपयोग को 5.03 लाख हेक्टेयर से बढ़ा कर आठ लाख हेक्टेयर करना
10 लाख हेक्टेयर परती भूमि को कृषि योग्य भूमि के रूप में रूपांतरण
कृषकों के बाजारों का सुदृढ़ीकरण
सभी के लिए आवास
सभी शहरी परिवारों तक सुरक्षित पेयजल की पहुंच
2020 तक ठोस कचरे का शत-प्रतिशत संग्रह व सुरक्षित निपटान
सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को रूपांतरित करना
साक्षरता दर 68 प्रतिशत से बढ़ा कर 90 फीसदी तक लाना
दो से सात किलोमीटर के अंदर सभी स्कूली शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना
छात्र-शिक्षक अनुपात को घटा कर 45 करना
आठ इंजीनियरिंग कॉलेज, आठ पॉलिटेक्निक व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
2020 तक 8.5 लाख युवाओं का कौशल प्रशिक्षण
24 उद्यमिता हब स्थापित करना
राज्य के प्रत्येक प्रखंड में आइटीआइ
18000 एचएमवी और 84000 एलएमवी ड्राइवर का प्रशिक्षण
शिशु मृत्यु दर 32 से घटा कर 25 प्रति हजार लाइव बर्थ करना
मातृ मृत्यु दर 208 से घटा कर 175 प्रति लाख लाइव बर्थ करना
बच्चों में कुपोषण की दर 40 प्रतिशत से कम करना
8010 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ पर्याप्त बिजली उत्पादन
अक्षय स्रोतों के कम से कम 28 प्रतिशत की स्थापित क्षमता के माध्यम से सतत ऊर्जा में पहुंच
2600 किमी सड़क का विकास
2100 किमी सड़कों को मल्टीलेनिंग बनाना
छह अतिरिक्त हवाई अड्डों का निर्माण
सड़क दुघर्टनाओं में मृत्यु की दर 50 फीसदी कम करना
150 पुल और सात बाइपास का निर्माण
25000 बुनकरों को रोजगार देने के लिए मेगा हथकरघा कलस्टर की स्थापना
दुमका और राजनगर में दो खादी पार्कों का विकास
गेतलसूद में मेगा फूड पार्क के संचालन और राज्य में तीन अतिरिक्त फूड पार्क स्थापित करना
कार्य योजना की प्रत्येक तीन माह में होगी समीक्षा : सुखदेव सिंह
रांची : योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि राज्य विकास परिषद की बैठक में सब कमेटी की ओर से तैयार तीन वर्षीय कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया. कमेटी ने 13 सेक्टरों में विभक्त कर तीन वर्ष की कार्य योजना तैयार की है. कार्य योजना की प्रत्येक तीन माह में समीक्षा होगी. श्री सिंह गुरुवार को राज्य विकास परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.
कहा कि परिषद की बैठक छह माह के अंदर होगी. सदस्यों ने कार्य योजना पर सुझाव देने के लिए दो माह का समय मांगा है बैठक में सदस्यों ने कहा कि पहले भी विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया, लेकिन व सिर्फ संचिकाओं में सिमट कर रह गयी. इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया गया कि योजना पर क्रियान्वयन होगा. कार्यकारी समिति के सीइओ अनिल स्वरूप इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि त्रिस्तरीय कमेटी ने विजय डॉक्यूमेंट तैयार किया है.
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