अब तक झारखंड के एक भी मदरसे ने संबद्धता के लिए नहीं दिया आवेदन

Updated at : 17 Sep 2018 7:56 AM (IST)
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अब तक झारखंड के एक भी मदरसे ने संबद्धता के लिए नहीं दिया आवेदन

वर्ष 2019 से रांची विवि को लेना है आलिम-फाजिल की परीक्षा, पर रांची : मदरसा के आलिम-फाजिल की परीक्षा वर्ष 2018-19 से रांची विश्वविद्यालय लेगा. सरकार के निर्णय के अनुरूप विश्वविद्यालय ने पठन-पाठन के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किया है. पाठ्यक्रम को स्वीकृति भी मिल गयी है, पर पढ़ाई के लिए अब तक एक भी […]

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वर्ष 2019 से रांची विवि को लेना है आलिम-फाजिल की परीक्षा, पर
रांची : मदरसा के आलिम-फाजिल की परीक्षा वर्ष 2018-19 से रांची विश्वविद्यालय लेगा. सरकार के निर्णय के अनुरूप विश्वविद्यालय ने पठन-पाठन के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किया है. पाठ्यक्रम को स्वीकृति भी मिल गयी है, पर पढ़ाई के लिए अब तक एक भी मदरसा ने रांची विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं ली है. मदरसा ने संबद्धता के लिए आवेदन भी जमा नहीं किया है.
अल्पसंख्यक आयोग की बैठक में मदरसा की परीक्षा का मामला उठा था. रांची विश्वविद्यालय की ओर से बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि विश्वविद्यालय मदरसा के आलिम-फाजिल की परीक्षा तभी ले सकता है, जब मदरसा विवि से संबद्ध हो. संबद्धता के लिए मदरसा को संबद्ध कॉलेज के अनुरूप संसाधन युक्त होना होगा. इसके लिए मदरसा के पास कम से कम पांच एकड़ जमीन होनी चाहिए. इसके अलावा अन्य संसाधन भी कॉलेज के अनुरूप होने चाहिए.
संसाधन के साथ-साथ शिक्षक की योग्यता भी विवि के मापदंड के अनुरूप होना आवश्यक होगा. अब तक मदरसा के आलिम-फाजिल की परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा ली जाती थी. मदरसा का संसाधन कॉलेज के अनुरूप नहीं था. ऐसे में मदरसा को पहले अपना संसाधन बढ़ाना होगा. इसके बाद ही विवि से संबद्धता मिल सकती है. विवि ने आलिम की पढ़ाई में सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) लागू किया है. आलिम परीक्षा विवि में प्रभावी स्नातक की परीक्षा के अनुरूप होगी. तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए छह सेमेस्टर होंगे.
डिग्री को नहीं मिलती थी मान्यता
राज्य में आलिम व फाजिल की परीक्षा अब तक झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा ली जाती थी. मदरसा में कक्षा आठ से लेकर एमए तक की परीक्षा जैक द्वारा ली जाती थी. जैक केवल इंटर स्तर तक की परीक्षा लेने के लिए अधिकृत है, ऐसे में स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री जैक द्वारा नहीं दी जा सकती है. इस कारण आलिम-फाजिल की डिग्री को मान्यता नहीं मिलती थी.
इस वजह से विद्यार्थी न तो दूसरे राज्यों में नामांकन ले पाते हैं और न ही स्नातक व पीजी स्तर की नौकरी के लिए आवेदन जमा कर पाते हैं. इसके बाद सरकार ने इसकी परीक्षा विवि स्तर से कराने का निर्णय लिया था.
नियमावली में करना होगा बदलाव : मदरसा को संबद्धता की शर्त में छूट देने के लिए संबद्धता के लिए बनायी गयी नियमावली में बदलाव करना होगा. नियमावली में बिना बदलाव किये मदरसा को संबद्धता की शर्त में छूट नहीं दी जा सकती. मदरसा की ओर से यह मांग की गयी थी कि उन्हें पूर्व के संसाधन पर ही मान्यता दे दी जाये.
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