रांची : अपनी छात्रा की बीमारी नहीं पकड़ पाये रिम्स के डॉक्टर परिजन उसे मेदांता ले गये
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Aug 2018 9:21 AM
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रांची : रिम्स के एमबीबीएस (थर्ड ईयर) की छात्रा कौन सी बीमारी से पीड़ित है, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पायी है. रिम्स के डॉक्टर इंसेफलाइटिस, ब्रेन मलेरिया और सेप्सिस तीनों बिंदुओं को ध्यान रखकर इलाज कर रहे थे, लेकिन रविवार शाम साढ़े पांच बजे छात्रा के परिजन ने उसे मेदांता अस्पताल में शिफ्ट […]
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रांची : रिम्स के एमबीबीएस (थर्ड ईयर) की छात्रा कौन सी बीमारी से पीड़ित है, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पायी है. रिम्स के डॉक्टर इंसेफलाइटिस, ब्रेन मलेरिया और सेप्सिस तीनों बिंदुओं को ध्यान रखकर इलाज कर रहे थे, लेकिन रविवार शाम साढ़े पांच बजे छात्रा के परिजन ने उसे मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करा दिया.
छात्रा के इलाज के लिए रिम्स प्रबंधन ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया था. टीम की बैठक शाम छह बजे होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही परिजन ने निदेशक से आग्रह कर छात्रा को मेदांता ले गये. रिम्स में भर्ती होने के बाद छात्रा की एमआरआइ, सीटी स्कैन सहित सभी महत्वपूर्ण जांच की गयी. रविवार को माइक्रोबॉयाेलॉजी विभाग को खोलकर छात्रा के जापानी इंसेफलाइटिस से पीड़ित हाेने की जांच की गयी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पायी.
रिम्स के डॉक्टरों का अलग-अलग मंतव्य
छात्रा की बीमारी को लेकर रिम्स के डॉक्टरों का अलग-अलग मंतव्य है. एमआरआइ रिपोर्ट के आधार पर कोई ब्रेन में सूजन की बात कर रहा है, तो किसी को इंसेफलाइटिस जैसा लगा है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं दे रहा है. सूत्रों की मानें, तो रिम्स के डॉक्टरों के इलाज से ज्यादा सुधार नहीं होने के बाद परिजन मेदांता ले जाने को विवश हो गये.
हालांकि, रिम्स प्रबंधन, डॉक्टर व छात्र-छात्राओं का सहयोग बीमार छात्रा व उसके परिजनों को मिल रहा था. रिम्स प्रबंधन ने शुक्रवार रात को छात्रा के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं की खरीदारी की थी. विद्यार्थियों ने छात्रा के लिए रक्तदान भी किया था.
बेहोश है छात्रा, रुक-रुक कर आ रहे हैं झटके
रिम्स में छात्रा का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि रविवार शाम तक छात्रा को होश नहीं आया था. अब भी उसे रुक-रुक झटके आ रहे हैं. लेकिन, पैर और हाथ में मूवमेंट बरकरार है.
इंसेेफलाइटिस और ब्रेन मलेरिया को ध्यान में रखते हुए इलाज चल रहा है. छात्रा की हर तरह की आवश्यक जांच करायी गयी थी. मेडिकल टीम भी गठित की गयी थी, लेकिन रविवार शाम परिजन ने उसे यहां से ले जाने का आग्रह किया. उसे मेदांता ले जाने की सूचना है.
डॉ आरके श्रीवास्तव, निदेशक, रिम्स
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