राची : मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिक राशि देने की उठी मांग

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Aug 2018 6:30 AM

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वित्त आयोग के साथ शहरी स्थानीय निकाय व ग्रामीण स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों की बैठक राची : 15वें वित्त आयोग के साथ शहरी स्थानीय निकाय व ग्रामीण स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों की हुई बैठक हुई. इसमें दोनों संस्थाअों की अोर से मूलभूत सुविधाअों के लिए आयोग की अनुशंसा के आलोक में मिली राशि को कम […]

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वित्त आयोग के साथ शहरी स्थानीय निकाय व ग्रामीण स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों की बैठक
राची : 15वें वित्त आयोग के साथ शहरी स्थानीय निकाय व ग्रामीण स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों की हुई बैठक हुई. इसमें दोनों संस्थाअों की अोर से मूलभूत सुविधाअों के लिए आयोग की अनुशंसा के आलोक में मिली राशि को कम बताया गया. साथ ही और अधिक राशि की मांग की गयी. शहरी निकायों के साथ हुई बैठक में 10 व ग्रामीण निकायों की बैठक में 11 चुने हुए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने नगर निगम, नगरपालिका क्षेत्रों की समस्याअों को उठाया. मुख्य तौर पर सभी प्रतिनिधियों ने पेयजल, स्वच्छता व सीवरेज ड्रेनेज की स्थिति के बारे में अपनी राय व्यक्त की और इन बुनियादी सुविधाअों के लिए और अधिक धन देने की मांग की. हालांकि शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों ने लिखित तौर पर कोई मांग नहीं दिया, जबकि ग्रामीण प्रतिनिधियों ने लिखित मांगें सौंपी. उन्होंने विभिन्न समस्याअों व उसके निदान पर अपनी बातें रखी.
ग्रामीण निकायों के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि 14वें वित्त आयोग द्वारा जिला परिषद व पंचायत समिति को अनुदान के रूप में कोई भी राशि उपलब्ध नहीं कराया गयी थी, जिसका राज्य के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा है. वहीं बीआरजीएफ की तर्ज पर उग्रवाद प्रभावित तथा संबंधित जिलों के बुनियादी सुविधाअों के समग्र विकास के लिए भी विशेष राशि की जरूरत है, जिसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए. प्रतिनिधियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के लिए त्रिस्तरीय पंचायती निकायों को 15वें वित्त आयोग से राशि उपलब्ध करायी जाये.
शहरी स्थानीय निकाय से ये उपस्थित हुए
आशा लकड़ा, मेयर रांची नगर निगम
चंद्र शेखर अग्रवाल, मेयर धनबाद नगर निगम
भोलू पासवान, चास नगर निगम
प्रकाश राम, मेयर गिरिडीह नगर निगम
सीतामणी तिर्की, अध्यक्ष लातेहार नगर पंचायत
मिथिलेश कुमार ठाकुर, अध्यक्ष, चाईबासा नगर परिषद
ओम प्रकाश साहू, उपाध्यक्ष सिमडेगा नगर परिषद
सुनील सिन्हा, उपाध्यक्ष, पाकुड़ नगर परिषद
विनोद कुमार तिवारी, वार्ड पार्षद रामगढ़ नगर परिषद
संदीप आनंद, वार्ड पार्षद, खूंटी नगर पंचायत
ग्रामीण स्थानीय निकाय के मौजूद प्रतिनिधि
शालिनी गुप्ता, जिला परिषद अध्यक्ष कोडरमा
रेणुका मुर्मू, जिला परिषद अध्यक्ष साहेबगंज
संजय सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष पलामू
श्याम सुंदर कच्छप, जिला परिषद उपाध्यक्ष
विकास महतो, मुखिया धनबाद
अजय सिंह, मुखिया पेटरवार
दीपांतरी सरदार, मुखिया पोटका
मीसफीका, मुखिया पाकुड़
अमुख प्रियदर्शी, प्रमुख तरासी पलामू
टी खाखा, प्रमुख सदर सिमडेगा
रुकमिला देवी, प्रमुख खूंटी सदर
नगर विकास विभाग ने 20039 करोड़ रुपये अनुदान की मांग की
रांची : 15वें वित्त आयोग की बैठक में नगर विकास विभाग ने मूलभूत सुविधाअों के लिए कुल 20039.75 करोड़ रुपये अनुदान की मांग की. आयोग के साथ हुई बैठक के बाद नगर विकास सचिव ने बताया कि आयोग के समक्ष मुख्यत: पेयजल, सिवरेज ड्रेनेज आदि से संबंधित मांग की गयी थी. आयोग ने मांगों को गंभीरता से लिया. शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सामने आये मुद्दों को भी आयोग ने सकारात्मक रूप से लिया. पंचायती राज ने भी पावर प्वाइंट के माध्यम से अपने कार्यों की जानकारी दी.
विभाग की अोर से पावर प्वाइंट प्रेजेेंटेशन के माध्यम से 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में अब तक मिली राशि का ब्योरा पेश किया गया.
इसके हिसाब से बेसिक ग्रांट के रूप में 2015-16 में 169.60 करोड़, 2016-17 में 222.41 करोड़ रुपये मिले. हालांकि 2015-16 व 2017-18 में परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में पैसा नहीं मिला. सिर्फ 2016-17 में 69.58 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में मिले. विभाग ने 15वें वित्त आयोग से पेयजल की सुविधाओं के लिए 3742.78 करोड़, सीवरेज ड्रेनेज एवं फुटपाथ के लिए 5551.89 करोड़ रुपये, शहरी सड़कों के लिए 2834.23 करोड़, रिंग रोड के लिए 1236.00, सिटी बस के लिए 674.85 करोड़ रुपये की मांग की. इसके अलावा शहरी स्थानीय निकायों के लिए अनुदान के रूप में 6000 करोड़ रुपये की मांग की गयी है.
पंचायती राज विभाग की अोर से पावर प्वाइंट के माध्यम से पंचायतों को दी गयी शक्तियों की जानकारी दी गयी. विभाग की अोर से आयोग को बताया गया कि 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 में से 22 विषयों की शक्तियां पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गयी हैं. 14 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में मिले 2707.95 करोड़ में से 1868.41 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुके हैं.
वित्तीय वर्ष 2015-16 में 12852, 2016-17 में 47026, 2017-18 में 74769 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं. इन योजनाअों में पेयजल, स्वच्छता, सड़कों की मरम्मत, ग्रामीण विद्युतीकरण सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं. विभाग ने आयोग को यह जानकारी दी कि 2018-19 में बेसिक ग्रांट के मद में 1208.24 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं. परफाॅर्मेंस ग्रांट के रूप में 152.38 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं, हालांकि इसमें कोई भी राशि विमुक्त नहीं हुई है.
वित्तीय वर्ष 2017-18 का भी परफाॅर्मेंस ग्रांट के 134.18 करोड़ रुपये नहीं मिले हैं. विभाग ने जिला पंचायत व पंचायत समिति को भी अनुदान देने की मांग की. साथ ही पैसे के उपयोग के लिए कम से कम शर्त लगाने का अनुरोध किया है. पंचायत स्थापना मद के अलावा आर्टिकल 244(1) के दायरे में आनेवाले जिलों को बेसिक सर्विस में और अधिक धन देने की मांग की गयी.
किस काम के लिए कितना अनुदान मांगा
काम राशि (करोड़ में)
शहरी निकायों के लिए 6000
जलापूर्ति 3742.78
सीवरेज ड्रेनेज एवं फुटपाथ 5551.89
शहरी सड़क 2834.23
रिंग रोड 1236
सिटी बस 674.85
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