रांची : सरना समितियों की अनुशंसा के बाद जारी हो एसटी सर्टिफिकेट : समिति

Updated at : 10 Jul 2018 6:40 AM (IST)
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रांची : सरना समितियों की अनुशंसा के बाद जारी हो एसटी सर्टिफिकेट : समिति

सरना समितियों की अनुशंसा के बाद जारी हो एसटी सर्टिफिकेट : समिति रांची : केंद्रीय सरना समिति के सदस्यों ने मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देकर धर्मांतरित आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के लाभ से वंचित करने की मांग की़ इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने व […]

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सरना समितियों की अनुशंसा के बाद जारी हो एसटी सर्टिफिकेट : समिति
रांची : केंद्रीय सरना समिति के सदस्यों ने मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देकर धर्मांतरित आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के लाभ से वंचित करने की मांग की़
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने व आदिवासी धर्म-संस्कृति से छेड़छाड़ बंद करने की मांग भी की़ समिति के महासचिव संजय तिर्की ने कहा कि सरकार सिर्फ खतियान के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत न करे, बल्कि उनकी रूढ़ि-परंपरा, पूजा पद्धति व संस्कृति की जांच भी करे़ जाति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले गांव-टोला, मुहल्ले की सरना समितियों की अनुशंसा ली जाये.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जल्द लागू करें : महासचिव संजय तिर्की ने कहा कि सरकार ने धर्म स्वतंत्र विधेयक बिल लागू कर सुरक्षा कवच देने का प्रयास किया है़ सरना, मसना, हड़गड़ी की घेराबंदी करायी जा रही है़
मूल सरना आदिवासियों को उनका हक मिले इसके लिए धर्मांतरित आदिवासियों को मिलने वाले अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ बंद करने पर विचार किया जा रहा है़ समिति मांग करती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जल्द लागू किया जाये़ जगलाल पाहन ने कहा कि ईसाई मिशनरी आदिवासियों का शोषण कर रहे है़ं वे जनजाति आरक्षण का 90 प्रतिशत लाभ उठा रहे है़ं सरकार ऐसे धर्मांतरित आदिवासियों को जनजाति आरक्षण का लाभ देना बंद करे़ मेघा उरांव ने कहा कि ईसाई महासंघ कहता है कि सरना आदिवासियों का कोई धर्म नहीं है़ यह आदिवासी समाज के लिए एक गाली की तरह है़
सरना समाज आदि काल से अपने पुरखों की रूढ़िवादी परंपरा, संस्कृति पर आज भी चल रहा है़ जबकि मिशनरी रोम, जर्मनी, इटली, फ्रांस की धर्म संस्कृति को मानते है़ं ऐसे लोगों को जल्द ही रोम, जर्मनी, इटली, फ्रांस भगाया जायेगा़ कार्यक्रम में डबल्यू मुंडा, मनित हेमरोम, अमर मुंडा, आकाश मुंडा, गौतम मुुंडा, रवि उरांव, संदीप उरांव, रामेश्वर सिंह मुंडा, ललित कच्छप, नीरा टोप्पो, सहित धुर्वा, कांके, खूंटी, गुमला व अन्य जगहों से आये लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे़
धर्म-संस्कृति पर मंडरा रहा है खतरा
अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना आदिवासियों की धर्म-संस्कृति, परंपराओं, हक-अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है़ इन्हें लूटा जा रहा है़ ईसाई मिशनरी सरना आदिवासी समाज में घुसपैठ कर चुके हैं और आदिवासी का ढोंग कर सरना समाज को तोड़ने का काम कर रहे है़ं
सरना- ईसाई भाई-भाई का नारा लगा कर सरना आदिवासियों को दिग्भ्रमित कर उन्हें सरना धर्म, रीति-रिवाजाें व परंपराओं से दूर कर रहे है़ं खुद आदिवासी बन कर आदिवासियों को मिलने वाला अनुसूचित जनजाति का आरक्षण ले रहे है़ं कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि ईसाई मिशनरी का असली चेहरा सामने आ रहा है़ रोजाना नये खुलासे हो रहे है़ं
मिशनरीज ऑफ चैरिटी सेवा के नाम पर बच्चाें को बेच रहा है, तो कहीं ऐसे लोग दुष्कर्म करा रहे है़ं खूंटी क्षेत्र में गलत तरह से पत्थलगड़ी करा आदिवासियों की पवित्र पत्थलगड़ी परंपरा का अपमान कर रहे है़ं पत्थलगड़ी कराने वाले नेताओं ने भोलेे-भाले आदिवासियों को मार खाने के लिए छोड़ दिया और खुद उन गरीबों के पैसा हड़प कर भाग गये.
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