रांची : तीन ग्राउंड ब्रेकिंग पर 3.17 करोड़ खर्च, सिर्फ जर्मन हैंगर पर ही लग गये 1.80 करोड़ रुपये

Published at :30 Jun 2018 4:43 AM (IST)
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रांची : तीन ग्राउंड ब्रेकिंग पर 3.17 करोड़ खर्च, सिर्फ जर्मन हैंगर पर ही लग गये 1.80 करोड़ रुपये

7.80 लाख के पत्थर पर खुदाई का खर्च 10 लाख रुपये रांची : सरकार की ओर से आयोजित तीन ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रम के शीला पट्ट के लिए 7.80 लाख रुपये के ग्रेनाइट व मार्बल खरीदे गये. इन पर लिखने के लिए की गयी खुदाई पर 10.09 लाख रुपये खर्च हुए. रांची, जमशेदपुर और बोकारो में […]

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7.80 लाख के पत्थर पर खुदाई का खर्च 10 लाख रुपये
रांची : सरकार की ओर से आयोजित तीन ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रम के शीला पट्ट के लिए 7.80 लाख रुपये के ग्रेनाइट व मार्बल खरीदे गये. इन पर लिखने के लिए की गयी खुदाई पर 10.09 लाख रुपये खर्च हुए. रांची, जमशेदपुर और बोकारो में आयोजित तीनों ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रमों पर कुल 3.17 करोड़ रुपये खर्च हुए. इसमें से सिर्फ जर्मन हैंगर पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कुल खर्च का करीब 57 प्रतिशत है.
18 मई 2017 को पहला ग्राउंड ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने ग्लोबल इंवेस्टर समिट(जीआइएस) के बाद उद्योगपतियों को जमीन देने के साथ ही शिलान्यास कार्यक्रमों के लिए कुल चार ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया.
रांची, जमशेदपुर और बोकारो में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रम पर 3.17 करोड़ खर्च किये गये. रांची के होटवार में 18 मई 2017 को आयोजित कार्यक्रम पर 79.23 लाख रुपये खर्च हुए. जमशेदपुर में 19 अगस्त 2017 को आयोजित समारोह पर 1.12 करोड़ और 20 दिसंबर 2017 को बोकारो के कार्यक्रम पर 1.25 करोड़ खर्च हुए.
स्वास्तिक टाइल्स को खुदाई का काम : इन समारोह में सबसे ज्यादा खर्च जर्मन हैंगर लगाने पर किया गया. जमशेदपुर में विज क्राफ्ट ने जर्मन हैंगर लगाया था.
इस पर सरकार के 84.37 लाख रुपये खर्च हुए. बोकारो में अजमानी इंफ्रास्ट्रक्टर ने जर्मन हैंगर लगाया. इस पर 96.17 लाख रुपये खर्च हुए.
ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रमों में शामिल होनेवाले उद्योपतियों व अतिथियों के खाने-पीने पर 46.74 लाख रुपये खर्च हुए. कावेरी को 30.07 लाख और दि सोनेट के 16.66 लाख रुपये का भुगतान किया गया. इन ग्राउंड ब्रेकिंग कार्यक्रमों के लिए शिलापट्ट पर खुदाई का काम स्वास्तिक टाइल्स को दिया गया था. रांची ग्रेनाइट और एलएल ग्रेनाइट व मार्बल से ग्रेनाइट और मार्बल खरीदे गये थे. दून टेंट हाउस ने मोटर चालित पर्दा आदि लगाने का काम किया था.
7.80 लाख के पत्थर पर खुदाई का खर्च 10 लाख रुपये
संस्था खर्च (लाख रु में)
विजक्राफ्ट 84.37
अजमानी इंफ्रास्ट्रक्चर 96.17
स्वास्तिक टाइल्स 1.40
रांची ग्रेनाइट 9.91
संस्था खर्च
दानिया इंटरप्राइजेज 5.00
आरएस इंटरप्राइजेज 1.00
कावेरी 30.07
दून टेंट हाउस 64.98
संस्था खर्च
दि सोनेट 16.66
एसएस ग्रेनाइट 2.97
लालमनी इंटरप्राइजेज 0.78
अंजोला मार्बल 3.60
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