#NationalGirlChildDay. : 0-6 वर्ष के आयु वर्ग में लिंगानुपात प्रति एक हजार पर 940

आज राष्ट्रीय बालिका दिवस है. इस दिवस की प्रासंगिकता इसलिए भी बहुत है क्योंकि आज भी हमारे देश में बालिकाओं के साथ भेदभाव किया जाता है और उन्हें लड़कों से कमतर माना जाता है. स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बच्ची को कोख में मारने की कवायद […]
आज राष्ट्रीय बालिका दिवस है. इस दिवस की प्रासंगिकता इसलिए भी बहुत है क्योंकि आज भी हमारे देश में बालिकाओं के साथ भेदभाव किया जाता है और उन्हें लड़कों से कमतर माना जाता है. स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बच्ची को कोख में मारने की कवायद हमारे देश में बदस्तूर जारी है. यहां तक कि जन्म के बाद उसके साथ खानपान, शिक्षा और यहां तक कि स्वास्थ्य के मामलों में भी भेदभाव किया जाता है. सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए कई योजनाएं बनायी हैं और बालिकाओं को कई अधिकार भी दिये हैं, बावजूद इसके हमारे देश में बालिकाओं की स्थिति बहुत बेहतर नहीं कही जा सकती.
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