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Monday, February 26, 2024

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झारखंड : राज्य में 11 हजार आदिम जनजाति परिवार के लोगों को मिलेगा आवास

आदिम जनजातियों के संरक्षण व संर्वद्धन हेतू सरकार के स्तर से कई योजना चलायी जा रही है. योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है.

रांची : राज्य में 11 हजार आदिम जनजाति परिवारों के लिए आवास योजना का लाभ दिया जायेगा. इसका सर्वे कराया लिया गया है. वहीं इसमें से 6000 परिवारों का निबंधन करा लिया गया है. 5200 परिवारों को पहली किस्त की राशि दे दी गयी है. पहली किस्त के रूप में हर परिवार को 30 हजार रुपये दिये गये हैं. कुल चार किस्तों में दो लाख रुपये दिये जायेंगे. पीएम जन मन योजना के तहत यह लाभ दिया जायेगा.

झारखंड में 20 हजार आवास देने का निर्णय : मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पीएम जन मन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवार के लिए आवास योजना को स्वीकृति दी है. इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में आवास योजना दी जा रही है. झारखंड में कुल 20 हजार आवास देने का फैसला लिया गया है. इसके लिए झारखंड में सर्वे भी करा लिया गया है. इस दिशा में राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से काम किया जा रहा है. केंद्र ने चालू वित्तीय वर्ष में कुल 11 हजार आवास देने का निर्णय लिया है. इसके तहत योजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है. फिलहाल राज्य में पीएम आवास योजना से योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिली है. वहीं राज्य सरकार के पैसे से अबुआ आवास योजना की शुरुआत की जा रही है. इस बीच पीएम जन मन योजना से पीवीटीजी परिवारों को आवास देने के फैसले से राज्य को राहत मिली है.

पीएम आवास की तर्ज पर बनेगा : पीएम जन मन योजना से आवासों का निर्माण पीएम आवास योजना ग्रामीण की तर्ज पर होगा. इसके लिए दो लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार किया गया है. इसमें करीब 25 वर्ग मीटर का आवास होगा, जो दो कमरों का होगा. इसमें एक बरामदा और एक किचेन होगा. इसकी राशि चार किस्तों में दी जायेगी.

आदिम जनजातियों की स्थिति पर जिलों से मांगी गयी रिपोर्ट

आदिम जनजातियों के संरक्षण व संर्वद्धन हेतू सरकार के स्तर से कई योजना चलायी जा रही है. योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है. दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की परिधि में आने वाले जिलों में योजनाओं की क्या स्थिति है, किन योजनाओं से अब तक आदिम जनजातियों को लाभान्वित किया गया है, इस संदर्भ में जिलों से आयुक्त कार्यालय द्वारा विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है. ज्ञात हो कि राज्य के साथ केंद्र सरकार के स्तर से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की गयी है. इसके तहत आवास निर्माण के बाद लाभुकों को उज्ज्वला आवास योजना, नल जल, बिजली कनेक्शन आदि का भी लाभ देना है. इसके अलावा कल्याण विभाग द्वारा भी आदिम जनजाति बहुल टोला में पीसीसी पथ, तालाब, आहार, सामुदायिक भवन आदि का निर्माण करना है. इसे लेकर प्रखंड स्तर से जिला को प्रस्ताव भेजा जाता है. समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया है कि प्रखंडों से ससमय प्रस्ताव नहीं आ रहा है. इस कारण परेशानी हो रही है. पूरी स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी.

Also Read: रांची के बड़ा तालाब सहित राज्य में 121 नये पर्यटन स्थल चिह्नित

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आदिम जनजातियों के संरक्षण व संर्वद्धन हेतू सरकार के स्तर से कई योजना चलायी जा रही है. योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है.

रांची : राज्य में 11 हजार आदिम जनजाति परिवारों के लिए आवास योजना का लाभ दिया जायेगा. इसका सर्वे कराया लिया गया है. वहीं इसमें से 6000 परिवारों का निबंधन करा लिया गया है. 5200 परिवारों को पहली किस्त की राशि दे दी गयी है. पहली किस्त के रूप में हर परिवार को 30 हजार रुपये दिये गये हैं. कुल चार किस्तों में दो लाख रुपये दिये जायेंगे. पीएम जन मन योजना के तहत यह लाभ दिया जायेगा.

झारखंड में 20 हजार आवास देने का निर्णय : मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पीएम जन मन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवार के लिए आवास योजना को स्वीकृति दी है. इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में आवास योजना दी जा रही है. झारखंड में कुल 20 हजार आवास देने का फैसला लिया गया है. इसके लिए झारखंड में सर्वे भी करा लिया गया है. इस दिशा में राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से काम किया जा रहा है. केंद्र ने चालू वित्तीय वर्ष में कुल 11 हजार आवास देने का निर्णय लिया है. इसके तहत योजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है. फिलहाल राज्य में पीएम आवास योजना से योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिली है. वहीं राज्य सरकार के पैसे से अबुआ आवास योजना की शुरुआत की जा रही है. इस बीच पीएम जन मन योजना से पीवीटीजी परिवारों को आवास देने के फैसले से राज्य को राहत मिली है.

पीएम आवास की तर्ज पर बनेगा : पीएम जन मन योजना से आवासों का निर्माण पीएम आवास योजना ग्रामीण की तर्ज पर होगा. इसके लिए दो लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार किया गया है. इसमें करीब 25 वर्ग मीटर का आवास होगा, जो दो कमरों का होगा. इसमें एक बरामदा और एक किचेन होगा. इसकी राशि चार किस्तों में दी जायेगी.

आदिम जनजातियों की स्थिति पर जिलों से मांगी गयी रिपोर्ट

आदिम जनजातियों के संरक्षण व संर्वद्धन हेतू सरकार के स्तर से कई योजना चलायी जा रही है. योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है. दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की परिधि में आने वाले जिलों में योजनाओं की क्या स्थिति है, किन योजनाओं से अब तक आदिम जनजातियों को लाभान्वित किया गया है, इस संदर्भ में जिलों से आयुक्त कार्यालय द्वारा विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है. ज्ञात हो कि राज्य के साथ केंद्र सरकार के स्तर से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की गयी है. इसके तहत आवास निर्माण के बाद लाभुकों को उज्ज्वला आवास योजना, नल जल, बिजली कनेक्शन आदि का भी लाभ देना है. इसके अलावा कल्याण विभाग द्वारा भी आदिम जनजाति बहुल टोला में पीसीसी पथ, तालाब, आहार, सामुदायिक भवन आदि का निर्माण करना है. इसे लेकर प्रखंड स्तर से जिला को प्रस्ताव भेजा जाता है. समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया है कि प्रखंडों से ससमय प्रस्ताव नहीं आ रहा है. इस कारण परेशानी हो रही है. पूरी स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी.

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