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सिमडेगा में बच्ची की मौत पर सियासत तेज, केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट, अपनी टीम भेजेगा

Updated at : 18 Oct 2017 3:05 PM (IST)
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सिमडेगा में बच्ची की मौत पर सियासत तेज, केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट, अपनी टीम भेजेगा

रांची :झारखंड के सिमडेगा में 11 साल की बच्ची संतोषी की कथित रूप से भूख से मौत पर सियासत तेज हो गयी है. इस मामले को मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से लिया है. केंद्र ने झारखंड सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, […]

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रांची :झारखंड के सिमडेगा में 11 साल की बच्ची संतोषी की कथित रूप से भूख से मौत पर सियासत तेज हो गयी है. इस मामले को मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से लिया है. केंद्र ने झारखंड सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, राज्य सरकार की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकारमामले की जांच के लिए अपनी एक टीम झारखंड भेजेगी. ANI के मुताबिक, केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान ने खाद्य आपूर्ति सचिव को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.

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उधर, राज्य की विभिन्न पार्टियों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के कारीमाटी गांव जाकर मृतक बच्ची के परिवार के साथ भेंट की और सरकार को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि राज्य की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है. सिस्टम को दुरुस्त करना सरकार का काम है और इस काम में रघुवर दास की सरकार पूरी तरह फेल है. उन्होंने सरकार को नाकारा सरकार करार दिया.

झारखंड की मुख्य विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रघुवर दासकी सरकार की आलोचना की है.विधानसभा में विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री की निवेश के लिए विदेश यात्राओं पर सवाल उठाया है और उन्हें बहुराष्ट्रीय मुख्यमंत्री कहा है. उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार का जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है. मुख्यमंत्री और मंत्री विदेशों में घूम रहे हैं, राज्य में गरीब भूख से मर रहे हैं. किसान आत्महत्या कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गरीबों को राशन दुकानों से अनाज नहीं मिल रहा है, जबकि गोदामों में अनाज सड़ रहा है.

वहीं, झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड में कोई आत्महत्या करे या भूख से मरे, सरकार उसके कारणों को जानने की जगह उसकी लीपापोती करने में लग जाती है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि राज्य में लोग भूख से मर रहे हैं. सरकार को इसकी परवाह नहीं है. सिमडेगा में बच्ची की मौत के कारणों की भी जांच के नाम लीपापोती शुरू कर दी गयी है.

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एक समाचार चैनल से बातचीत में राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि एक गरीब को राशन नहीं मिला, यह सिस्टम के दोष को दर्शाता है. सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है. इससे एक दिन पहले, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने भी व्यवस्था पर सवाल खड़े किये थे.उन्होंनेकहा था कि जिस अधिकारी ने उस परिवारका राशन कार्ड रद्द किया होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा था कि आधार कार्ड के बिना राशन देने से मना करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है.

इधर, बच्ची की मौत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सिमडेगा के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री को इस मामले की त्वरित जांच करनेऔर 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा था. मीडिया से बातचीत में भजंत्री ने तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बच्ची की मौत भूख की वजह से नहीं,मलेरिया के कारण हुई.

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है. सिमडेगा के डीसी को पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच करने के आदेश दिये गये हैं. इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भविष्य में फिर ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए जो भी जरूरी कदम उठाना पड़े, उठायें.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पिछले दिनों सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के बारामाटी गांव में एक 11 साल की बच्ची संतोषी की मौत हो गयी थी. राष्ट्रीय मीडिया में इस संबंध में खबरें छपीं कि बच्ची की मौत भूख से हुई. बताया गया कि चूंकि दुर्गा पूजा में स्कूल में छुट्टी थी, बच्ची को 8 दिन तकस्कूल में मध्याह्न भोजन बंद होने के कारण भोजन नहीं मिला. इससे वह बीमार पड़ गयी. बीमार बच्ची ने मां की गोद में कथित तौर पर ‘भात-भात’ करते हुए दम तोड़ दिया.

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