मलेशिया में फंसे झारखंड के 10 श्रमिकों की हुई सुरक्षित वतन वापसी, शेष 20 को भी लाने के हो रहे प्रयास

Updated at : 28 Apr 2022 6:09 PM (IST)
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मलेशिया में फंसे झारखंड के 10 श्रमिकों की हुई सुरक्षित वतन वापसी, शेष 20 को भी लाने के हो रहे प्रयास

मलेशिया में फंसे झारखंड के 30 श्रमिकों में से 10 की सुरक्षित वतन वापसी गुरुवार को हुई. रांची पहुंचने के बाद सभी श्रमिकों ने हेमंत सरकार के प्रयास को सराहते हुए शुक्रिया अदा किया. दूसरी ओर, राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने शेष 20 श्रमिकों के भी जल्द वतन वापसी के प्रयास की बात कही.

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Jharkhand news: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर मलेशिया में फंसे झारखंड के 30 श्रमिकों में से 10 की सकुशल वतन वापसी गुरुवार को हुई. रांची पहुंचने के सभी 10 श्रमिक अपने-अपने घर के लिए रवाना हो गये. गुरुवार को गिरिडीह जिला के छह और हजारीबाग एवं बोकारो जिले के दो-दो श्रमिक सकुशल रांची पहुंचे. शेष 20 श्रमिकों की वापसी के लिए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष, हाई कमीशन ऑफ इंडिया, मलेशिया और मलेशिया के जिस कंपनी में श्रमिक काम कर रहे थे उसके प्रबंधन से लगातार संपर्क किया जा रहा है. उम्मीद है शेष 20 श्रमिक भी जल्द सकुशल वतन पहुंचेंगे.

काम करने 30 श्रमिक गये मलेशिया

बता दें कि झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 30 श्रमिक काम करने मलेशिया गये थे. लेकिन, कुछ समय बाद ही कंपनी प्रबंधन के व्यवहार से त्रस्त होकर ये सभी श्रमिक अपने वतन लौटना चाह रहे थे. पिछले दिनों इन श्रमिकों ने राज्य सरकार से अपनी सुरक्षित वापसी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को सभी कामगारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आदेश दिया था.

2019 से कर रहे थे काम

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए कार्य करना शुरू किया, तो पता चला कि सभी कामगार 30 जनवरी, 2019 से लीड इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन एसडीएन बीएचडी में लाइनमैन के रूप में कार्यरत हैं. 30 सितंबर, 2021 को सभी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया और अक्टूबर 2021 से जनवरी 2022 तक उन्होंने कंपनी के कहने पर बिना कॉन्ट्रैक्ट के 4 माह तक काम किया, जिसका पेमेंट उन्हें नहीं मिला. राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने कार्रवाई करते हुए कामगारों से मामले से संबंधित दस्तावेज साझा करने को कहा. श्रम विभाग द्वारा मेल के माध्यम से हाई कमीशन ऑफ इंडिया, मलेशिया को घटना पर संज्ञान लेने को कहा गया.

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मलेशिया में हाई कमीशन ऑफ इंडिया ने दिया आदेश

मलेशिया की पुलिस ने मौकास्थल लूनस में जाकर घटना का सत्यापन किया एवं कंपनी से बात कर कामगारों की समस्या को सुलझाने को कहा. इसके बाद कंपनी के मालिक ने कामगारों के बकाया वेतन भुगतान एवं टिकट की व्यवस्था के लिए कुछ समय की मांग की. हाई कमीशन ऑफ इंडिया, मलेशिया ने कंपनी को आदेश दिया है कि जल्द सभी के बकाया वेतन का भुगतान करें और सभी को कुआलालंपुर स्थानांतरण करते हुए 15 दिन के अंदर सभी का टिकट एवं उनके भोजन की व्यवस्था करें.

पारिश्रमिक का हुआ भुगतान

झारखंड राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की सक्रियता और हाई कमीशन ऑफ इंडिया, मलेशिया के आदेश के बाद कंपनी ने सात अप्रैल को सभी के खाते में एक महीने का वेतन कुल 50,000 रिन्ग्गिट (8,93,565 INR) दिया गया है. ये श्रमिक 14 मार्च को ही राज्य वापस आ जाते, लेकिन कोविड जांच में सभी 10 कामगार पॉजिटिव पाये गए, जिसके कारण उनका भारत आना स्थगित किया गया था.

Posted By: Samir Ranjan.

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