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Sunday, March 3, 2024

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Flyover in Ranchi: राजधानी को 10 फ्लाइओवर्स की सौगात, लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति

राजधानी रांची के लोगों को 10 फ्लाइओवर की सौगात मिलने वाली है. तीन बड़े फ्लाईओवर का काम इसी साल पूरा हो जाएगा. वहीं अन्य 6 फ्लाइओवर का डीपीआर तैयार हो रहा है. अब रांची में एक और फ्लाइओवर निर्माण की योजना तैयार की जा रही है.

Flyover in Ranchi: झारखंड में निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. ट्रैफिक को दुरुस्त करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार काम हो रहे हैं. पहले ही रांचीवासियों के तीन बड़े फ्लाईओवर की सौगात मिल रही है. इसके अलावा अन्य 6 फ्लाईओवर के निर्माण के लिए भी डीपीआर तैयार किया जा रहा है. अब राजधानी रांची में एक और फ्लाइओवर निर्माण की योजना तैयार की जा रही है. इसका निर्माण कांटाटोली से लेकर बूटी मोड़ तक किया जायेगा. इसके लिए डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी का चयन किया जायेगा. पथ निर्माण विभाग ने इच्छुक कंसल्टेंसी कंपनी से डीपीआर तैयार करने के लिए आवेदन मांगा है. कंपनी को 90 दिनों में डीपीआर तैयार करना होगा.

फ्लाइओवर बनने से कैसा होगा परिवहन

करीब पांच किमी लंबा फ्लाइओवर का निर्माण कराया जायेगा. इसमें भू-अर्जन प्रस्ताव से लेकर सारी चीजों को शामिल करना है. इस परियोजना पर क्या लागत आयेगी, इसका आकलन करने के बाद विभाग आगे बढ़ेगा. फिलहाल मेकन से सिरमटोली चौक तक और बहू बाजार से कांटाटोली तक फ्लाइओवर बन रहा है. कांटाटोली से बूटी मोड़ तक कनेक्टिंग फ्लाइओवर बनने से गाड़ियां मेकन चौक से सीधे कांटाटोली चौक होते हुए बूटी मोड़ तक आ-जा सकेंगी. ऐसे में यह सफल सिर्फ 10 से 15 मिनट का हो जायेगा.

जल्द ही मिलेगी तीन फ्लाइओवर की सौगात

राजधानी के लोगों को इसी साल तीन फ्लाइओवर की सौगात मिलेगी. तीनों फ्लाइओवर बनने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने में काफी मदद मिलेगी. लोगों को जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी. फिलहाल तीनों फ्लाइओवर का काम प्रगति पर है. यह प्रयास किया जा रहा है कि इन फ्लाइओवरों को जून 2024 के पहले पूरा कर जनता को सुपुर्द कर दिया जाये. ये तीनों फ्लाइओवर हैं-

  1. रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर

  2. सिरमटोली फ्लाइओवर

  3. कांटाटोली फ्लाइओवर

अन्य 6 फ्लाइओवर कौन-कौन से

  1. अरगोड़ा चौक के ऊपर हरमू की ओर से डिबडीह की ओर फ्लाइओवर का निर्माण होगा. यानी गाड़ियां हरमू से आकर सीधे फ्लाइओवर से डिबडीह की ओर निकल जायेंगी. वहीं, अशोक नगर और कटहल मोड़ की ओर आना-जाना नीचे से होगा.

  2. करमटोली चौक से रिम्स के आगे तक प्लाइओवर बनाने की योजना है. करमटोली चौक के पास लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए यह व्यवस्था की जायेगी. इसके बन जाने से गाड़ियां सीधे रिम्स के आगे निकल जायेंगी. वहीं, रिम्स की ओर से आने वाली गाड़ियां लोकायुक्त कार्यालय के आगे तक जायेंगी.

  3. करमटोली चौक से बोड़ेया तक फ्लाइओवर बनाया जायेगा. इससे मोरहाबादी इलाके में लोगों को जाम से निजात मिलेगी. करमटोली चौक के आगे से इसे बनाया जायेगा. इससे मोरहाबादी के बाजार क्षेत्र के आगे तक ऊपर ही ऊपर गाड़ियां जायेंगी और बोड़ेया के पास उतरेंगी.

  4. डीपीएस स्कूल के पास से बिरसा चौक होते हुए हिनू तक फ्लाइओवर बनाने की भी योजना है. इसका सर्वे पहले भी कराया गया है. इसका डीपीआर बनाया गया था. इसमें अंडर पास का भी प्रावधान किया गया था. अब फिर से डीपीआर बनाया जायेगा, ताकि हिनू या बिरसा चौक की ओर जाने वाले वाहन फ्लाइओवर से हिनू-एयरपोर्ट की ओर निकल जायें. वहीं, जिन्हें खूंटी रोड जाना है, वे बिरसा चौक से मुड़ जायेंगे.

  5. विकास से कांटाटोली होते हुए नामकुम तक फोरलेन सड़क का काम हो रहा है, ताकि ट्रैफिक की समस्या से निजात मिले. ट्रैफिक सिस्टम और बेहतर करने के लिए कांटाटोली से बूटी मोड़ तक फ्लाइओवर बनाया जायेगा. इसका सर्वे कराया गया है. इसके बनने से कोकर चौक, खेलगांव चौक आदि जगहों पर लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी.

  6. वहीं, प्रस्तावित हरमू फ्लाइओवर का विस्तार करके एलपीएन शाहदेव चौक से कांके (नगड़ी) में रिंग रोड तक जोड़ा जायेगा. इससे गाड़ियां सीएमपीडीआइ, चांदनी चौक, कांके चौक के जाम में नहीं फंसेंगी. बल्कि, ऊपर ही ऊपर रिंग रोड की ओर निकल जायेंगी. इससे जाम से मुक्ति मिलेगी.

वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का भी निर्माण

इन फ्लाइओवर्स के अलावा वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेसवे का झारखंड में करीब 210 किमी में निर्माण होना है. झारखंड में इस प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हो पा रहा है, इसमें कुछ समस्याएं आ रही हैं. दरअसल, भारतमाला परियोजना के तहत यहां से एक्सप्रेस-वे बनना है. इसके लिए चतरा, हजारीबाग और बोकारो में वन भूमि के बदले में जमीन उपलब्ध करानी है, क्योंकि एनएचएआई को सड़क परियोजना के लिए वन भूमि लेनी है. जितनी वन भूमि ली जायेगी, प्रावधान के तहत उसके एवज में उतनी ही गैर वन भूमि वन विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी. ऐसे में एनएचएआइ को राज्य सरकार गैर वन भूमि उपलब्ध करायेगी, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. बताया जा रहा है कि इन तीन जिलों यानी चतरा, हजारीबाग और बोकारो में इसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. इस मामले को लेकर मुख्य सचिव के स्तर पर एनएचएआइ के अधिकारियों की बात भी हुई थी. जल्द जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला था.

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