फोरी जुंगाटोली नदी में पुल नहीं, सड़क भी जर्जर है

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फोरी जुंगाटोली नदी में पुल नहीं, सड़क भी जर्जर है

गुमला प्रखंड के फोरी जुंगाटोली जाने वाले मार्ग पर स्थित नदी में पुल नहीं है. मजबूरी में लोग नदी में घुसकर आवागमन कर रहे हैं.

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6 गुम 43 में नदी में पुल नहीं है 6 गुम 44 में नदी के बीच से होकर पार करते लोग प्रतिनिधि, गुमला गुमला प्रखंड के फोरी जुंगाटोली जाने वाले मार्ग पर स्थित नदी में पुल नहीं है. मजबूरी में लोग नदी में घुसकर आवागमन कर रहे हैं. इससे नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी में बहने का भी डर है. परंतु, आवागमन के लिए लोगों को जान हथेली पर रखकर नदी पार करना पड़ रहा है. यहां तक कि गांव आने जाने वाली सड़क भी जर्जर हो गयी है. आदिवासी नेता महावीर उरांव ने कहा है कि नदी में पुल व सड़क बनाने की मांग को लेकर गुमला विधायक भूषण तिर्की को ज्ञापन सौंपा गया है. जिसमें फोरी गांव से सड़क फोरी आश्रम उच्च विद्यालय तक जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पथ है. जहां से होकर टोटो, मुर्गू, बरवा टाली, अरंगी होते हुए आगे सिसई, घाघरा प्रखंड मुख्यालय को जोड़ता है. खटवा नदी से हमारे गांव होते हुए फोरी जाने वाला मोरम पथ अत्यंत दयनीय अवस्था में है. ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर इसे कुछ हद तक चलने योग्य बनाया है. नदी में पुल नहीं होने से बरसात में गांव टापू बन जाता है. गुमला जाने के लिए मोकरो, कांशीटोली होते हुए या फिर फोरी नदी टोली होते हुए जाना पड़ता है. जो कि काफी असुविधाजनक एवं दूर पड़ता है. अतः अगर इस सड़क का कालीकरण पक्का हो जाता है और खटवा नदी में पुल का निर्माण हो जाता है. तो हमारे गांव सहित इर्द-गिर्द के कई गांवों को आवागमन में काफी सुविधा होगी. इससे कृषि व व्यवसाय का विकास होगा. क्षेत्र समृद्ध होगा. इस निमित ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम फोरी के कब्रिस्तान से कठिया टोली, जुंगा टोली होते हुए खटवा नदी तक पक्का कालीकरण सड़क एवं नदी में पुल निर्माण हेतु अनुशंसा करने की कृपा प्रदान की जाये.

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विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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