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..फंड नहीं मिलने से उरीमारी में अधूरी रह गयी नल-जल योजना

Updated at : 08 Apr 2025 10:12 PM (IST)
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..फंड नहीं मिलने से उरीमारी में अधूरी रह गयी नल-जल योजना

हर साल गर्मी में पानी किल्लत झेलनेवाली उरीमारी पंचायत के ग्रामीणों की इस वर्ष राहत नहीं मिलेगी.

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सुरेंद्र प्रसाद. 8बीएचयू0001-किया गया बोरिंग, 0002-मुखिया कमला देवी, 0003-परमेश्वर सोरेन, 0004-सोलेन हांसदा. गर्मी से पहले पूरा करना था प्रोजेक्ट, आठ महीने से बंद है सवा करोड़ की योजना का कामकाज उरीमारी. हर साल गर्मी में पानी किल्लत झेलनेवाली उरीमारी पंचायत के ग्रामीणों की इस वर्ष राहत नहीं मिलेगी. वर्षों से पानी की समस्या झेलने वाले इस पंचायत को नल-जल योजना से राहत पहुंचाने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हुआ था. इसके लिए करीब सवा करोड़ रुपये का टेंडर हुआ. काम भी तेजी से शुरू हुआ. पूरी योजना को गर्मी शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाना था. लेकिन अब फंड नहीं मिलने के कारण पूरी योजना रूक गयी है. इससे ग्रामीणों में मायूसी भी और गुस्सा भी है. पीएचइडी विभाग के माध्यम से इस कार्य का टेंडर नेहा कंस्ट्रक्शन को मिला था. कंंस्ट्रक्शन कंपनी ने पंचायत के रोहनगोड़ा, पिंडरा बस्ती, उरीमारी रोड साइड, उरीमारी बस्ती, हेसाबेड़ा बस्ती व थाना कॉलोनी में 25 जगहों पर बोरिंग का काम पूरा लिया. कुछ इलाके में पाइप लाइन भी बिछाया गया. लेकिन योजना के तहत किसी भी बोरिंग स्थल पर सोलर जलमीनार बनाने का काम नहीं हुआ. पिछले करीब आठ महीने से कामकाज पूरी तरह बंद है. इसे शुरू कराने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा है. पीएचइडी विभाग के प्रदीप तिर्की ने मामले पर कहा कि फंड की कमी के कारण काम रूका हुआ है. फंड मिलते ही काम शुरू हो जायेगा. जब इस मामले में नेहा कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि से संपर्क किया गया, तो कहा कि पीएचइडी विभाग से जितना फंड मिला था, उससे अधिक का काम किया जा चुका है. फंड मिलते ही अन्य कार्य किये जायेंगे. पुराने बिल का भी भुगतान लंबित है. नहीं सुन रहे गुहार : मुखिया. पंचायत की मुखिया कमला देवी ने कहा कि पंचायत में हमेशा पानी की दिक्कत रहती है. काफी संघर्ष के बाद यह योजना लायी गयी थी. लेकिन अब कामकाज रूका हुआ है. कई बार पीएचइडी विभाग से गुहार लगायी जा चुकी है, लेकिन मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. टूट गयी राहत की उम्मीद : परमेश्वर. विस्थापित नेता परमेश्वर सोरेन ने कहा कि आठ महीने पहले उनके घर के पास बोरिंग हुआ था. हमलोगों को इस वर्ष गर्मी में राहत की उम्मीद थी. लेकिन लगता है कि इस वर्ष भी पानी की किल्लत में गर्मी गुजरेगी. गोलबंद हो रहे ग्रामीण : सोलेन. स्थानीय ग्रामीण सोलेन हांसदा ने कहा कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण यह योजना अधूरी पड़ी है. ग्रामीण अब गोलबंद हो रहे हैं. यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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