फोटो नोटिस से बढ़ी बेचैनी, वकीलों संग अंचल कार्यालय पहुंचे दुकानदारों ने रखा पक्ष

छिन्नमस्तिके मंदिर के सर्वांगीण विकास को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर प्रक्षेत्र के लगभग 254 दुकानदारों को हटाने के नोटिस से क्षेत्र में बेचैनी बढ़ गयी है.
चितरपुर. छिन्नमस्तिके मंदिर के सर्वांगीण विकास को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर प्रक्षेत्र के लगभग 254 दुकानदारों को हटाने के नोटिस से क्षेत्र में बेचैनी बढ़ गयी है. रोजगार पर संकट को देखते हुए बुधवार को दर्जनों दुकानदार वकीलों के साथ चितरपुर प्रखंड मुख्यालय सह अंचल कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष लिखित जवाब सौंपते हुए अपना पक्ष रखा. लगभग तीन घंटे तक अंचलाधिकारी दीपक मिंज का इंतजार करने के बाद उनके अनुपस्थित रहने पर दुकानदारों ने अपना जवाब कार्यालय के प्रधान लिपिक को सौंप दिया. इस दौरान रजरप्पा मंदिर परिसर सर्वांगीण विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप साव ने कहा कि 25 मार्च को मिले नोटिस का सम्मान करते हुए विधिवत जवाब तैयार कर जमा किया गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी का कार्यालय में उपस्थित नहीं रहना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में भी इसी तरह दुकानों को हटाया गया था, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था. अधिवक्ता डॉ. राजेंद्र कुमार और आर.के. गुप्ता ने नोटिस को कानून के विरुद्ध बताते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने का प्रावधान है, लेकिन रैयती और मंदिर की जमीन पर बने दुकानों को हटाने का नोटिस देना न्यायसंगत नहीं है. मौके पर अधिवक्ता पिंकी साव, ट्रस्ट के सचिव छोटू पंडा, कोषाध्यक्ष विक्रम पंडा, अरुप पंडा, बंशी केवट, हीरालाल दत्ता, मनोज महतो, परिमल महतो, चरका यादव, सुबोध पंडा, जितेंद्र यादव, राकेश पंडा, इंद्रजीत महतो सहित कई दुकानदार मौजूद थे.
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