जीव कल्याण से बड़ा कोई धर्म नहीं : संत रामपाल

Updated:
विज्ञापन
जीव कल्याण से बड़ा कोई धर्म नहीं : संत रामपाल

जीव कल्याण से बड़ा कोई धर्म नहीं : संत रामपाल

विज्ञापन

दुलमी. दुलमी प्रखंड के ढुठुवा गांव में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सत्संग का आयोजन किया. सत्संग में बताया गया कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्म कल्याण और परमात्मा की सच्ची भक्ति है. संत रामपाल जी ने बताया कि यदि एक भी जीव को भक्ति मार्ग पर लगाकर उसका कल्याण करा दिया जाये, तो वह करोड़ों अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य माना जाता है. बताया गया कि पूर्ण परमेश्वर की शरण में जाने से ही मोक्ष और स्थायी शांति संभव है. संत रामपाल जी महाराज ने समझाया कि परमात्मा कबीर साहेब ही सभी आत्माओं का उद्धार करने में समर्थ हैं. कबीर वाणी यह तन विष की बेलरी गुरु अमृत की खान सुना कर सच्चे गुरु की महिमा समझायी गयी. सत्संग में कहा गया कि धन, संतान और पद की चाह अंततः दुख का कारण बनती है. परमात्मा की भक्ति ही स्थायी सुख देती है. कार्यक्रम में अंधविश्वास छोड़ कर भक्ति अपनाने का संदेश दिया गया.

विज्ञापन
Saroj Tiwary

लेखक के बारे में

By Saroj Tiwary

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola