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चितरपुर के युवाओं ने दिखायी रक्तदान के प्रति तत्परता, कई लोगों की बचायी जिंदगी

Updated at : 13 Jun 2025 11:05 PM (IST)
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चितरपुर के युवाओं ने दिखायी रक्तदान के प्रति तत्परता, कई लोगों की बचायी जिंदगी

चितरपुर के युवाओं ने दिखायी रक्तदान के प्रति तत्परता, कई लोगों की बचायी जिंदगी

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सुरेंद्र कुमार / शंकर पोद्दार, चितरपुर हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है. यह दिन उन सभी रक्तदाताओं के सम्मान में समर्पित होता है, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए अपना खून दान करते हैं. विश्व रक्तदाता दिवस एक ऐसा दिन है, जो हमें यह याद दिलाता है कि रक्तदान महादान है. रजरप्पा कोयलांचल क्षेत्र में कुछ ऐसे युवा भी हैं, जिन्होंने जितनी उम्र उतनी बार रक्तदान कर चुके हैं . कई लोगों का जीवन बचा चुके हैं. ऐसे ही शख्स हैं चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के सुकरीगढ़ा निवासी विनय मुन्ना. उन्होंने 34 वर्ष की उम्र में 32 बार रक्तदान किया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 से लगातार रक्तदान कर रहे हैं. रक्तदान से काफी खुशी महसूस होती है, क्योंकि इससे जरूरतमंद लोगों की जान बचायी जा सकती है. रक्तदान से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है. चितरपुर रजरप्पा मोड़ निवासी डब्लू साहू भी 35 वर्ष की उम्र में अब तक 26 बार रक्तदान कर चुके हैं. इनका कहना है कि जरूरतमंद लोगों को रक्त देने से कभी पीछे नहीं हटेंगे. इससे बड़ा पुण्य का कार्य कुछ नहीं हो सकता है. चितरपुर किसान टोला निवासी शिव कुमार दांगी 35 वर्ष के उम्र में 20 बार रक्तदान कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि सभी योग्य रक्तदाताओं को स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए, ताकि ब्लड बैंक में खून की कमी ना हो. मुस्कुराहटें संस्था ने रक्तदान में दिया है सहयोग : मुस्कुराहटें संस्था के अध्यक्ष विवेकानंद वर्मा 32 वर्ष की उम्र में 27 बार रक्तदान कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की उम्र से ही रक्तदान कर रहे हैं. रक्त की कमी से लोगों को हो रही समस्या को देखते हुए उन्होंने संस्था का गठन किया. इसमें सामाजिक कार्यों के साथ – साथ रक्तदान को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया. उन्होंने बताया कि संस्था के माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक यूनिट रक्तदान किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि समय – समय पर अलग – अलग जगहों पर रक्तदान शिविर लगाकर ब्लड बैंक को रक्त दिया जाता है. दिल की बीमारियों से दूर रखता है रक्तदान : डॉ सक्सेना डॉ एसके सक्सेना ने कहा कि रक्तदान महादान है. यह खुद को दिल की बीमारियों से दूर रखने का आसान माध्यम भी है. रक्तदान कर जहां खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है, वहीं दूसरों की जान भी बचायी जा सकती है. रक्तदान करने के महज दो घंटे के बाद ही शरीर में खून बन जाता है. इसलिए रक्तदान के प्रति मन में कोई शंका ना रखें और साल में कम से कम एक बार रक्तदान अवश्य करें. ब्लड डोनेट से हार्ट अटैक में आती है कमी : ब्लड बैंक प्रभारी रामगढ़ के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक प्रभारी डॉ रेणु कुमारी ने बताया कि रक्तदान से लोगों को कई फायदा होता है. जागरूकता के अभाव में लोग रक्तदान करने से कतराते हैं. उन्होंने बताया कि एक बार रक्तदान से तीन जिंदगियों को मदद पहुंचाया जा सकता है. रक्तदान से बीपी, शुगर नियंत्रित रहता है. 90 फीसदी हार्ट अटैक का खतरा कम होता है. उन्होंने लोगों से रक्तदान करने की अपील की. उन्होंने बताया कि 1000 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में महज 30 यूनिट ब्लड स्टॉक में है. इसमें ए नेगेटिव एवं एबी नेगेटिव ग्रुप का ब्लड एक यूनिट भी नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SAROJ TIWARY

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