पर्व-त्योहार को संरक्षित करने को लेकर बुद्धिजीवियों की बैठक

पर्व-त्योहार को संरक्षित करने को लेकर बुद्धिजीवियों की बैठक
रामगढ़. कोठार के निर्मल महतो चौक स्थित ओहदार क्लिनिक में डॉ बालकृष्ण महतो की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई. बैठक के मुख्य अतिथि रामगढ़ जिला बुद्धिजीवी के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार कश्यप थे. डॉ कश्यप ने कहा कि झारखंड के सभी पर्व-त्योहार प्रकृति पर आधारित हैं. इसमें सोहराय, करम, जितिया, सरहुल, टुसू त्योहार मुख्य रूप से शामिल हैं. इस पर्वों में क्षेत्रीय गीतों का महत्वपूर्ण स्थान है. यही गीत झारखंड के विभिन्न जिलों में मंत्र के रूप में गायन किया जाता है. इन पर्व -त्योहार को समय-समय पर प्रबुद्ध व बुद्धिजीवियों का सहयोग जरूरी है. बुद्धिजीवियों के सहयोग से ही हमारी भाषा संस्कृति की अस्मिता बच सकती है. बैठक में निर्णय लिया गया कि अपनी परंपरा व उपासना को आनेवाली पीढ़ी तक सुरक्षित करना है. बैठक में दिवाकर महतो, जागेश्वर नागवंशी, डॉ अनिल कुमार महतो, हजारी महतो, राजू महतो, कैलाश महतो मौजूद थे.
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