जर्जर हो गया है सीएची साइडिंग का लोहा पुल

Published at :06 Dec 2015 7:38 PM (IST)
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जर्जर हो गया है सीएची साइडिंग का लोहा पुल

जर्जर हो गया है सीएची साइडिंग का लोहा पुल 1930-40 के बीच बना था पुल6 बीएचयू-7-इस तरह जर्जर हो रहा पुल के नीचे का भाग, 8-लोहा पुल.भुरकुंडा. भुरकुंडा कोयलांचल के सभी प्रमुख पुल-पुलिया जर्जर हाल में पहुंच गये हैं. भुरकुंडा कोलियरी के सीएचपी साइडिंग पर वर्ष 1930-40 के बीच बना लोहा पुल भी जर्जर हो […]

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जर्जर हो गया है सीएची साइडिंग का लोहा पुल 1930-40 के बीच बना था पुल6 बीएचयू-7-इस तरह जर्जर हो रहा पुल के नीचे का भाग, 8-लोहा पुल.भुरकुंडा. भुरकुंडा कोयलांचल के सभी प्रमुख पुल-पुलिया जर्जर हाल में पहुंच गये हैं. भुरकुंडा कोलियरी के सीएचपी साइडिंग पर वर्ष 1930-40 के बीच बना लोहा पुल भी जर्जर हो चुका है. इस पुराने पुल का यह हाल इस पर चलने वाले भारी वाहनों के कारण हुआ है. बताया गया कि जब पुल का निर्माण हुआ था, तब चलन में भारी वाहन नहीं थे. तब के वाहनों को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण अंगरेजी शासनकाल में हुआ था. लेकिन कोलियरियों के खुलने व कोयला ट्रांसपोर्टिंग में बड़े वाहनों के आने के बाद धीरे-धीरे पुल खराब होने लगा. अब इस पुल पर दिन-रात बड़े वाहन दौड़ते हैं. कोयला लदे इन ट्रकों का वजन 30-35 टन तक होता है. इसके वजन से पुल तेजी से जर्जर हो रहा है. पुल के नीचले हिस्से में छड़ निकल गये हैं. पुल का एक पिलर भी कुछ महीनों पहले डैमेज हो गया था. बाद में किसी तरह इसकी मरम्मत की गयी. लोगों का कहना है कि यदि इस पर भारी वाहनों के चलने पर रोक नहीं लगायी गयी, तो पुल जल्द ही टूट जायेगाकोयला ट्रांसपोर्टिंग में प्रमुख योगदान है पुल का.सीएचपी साइडिंग में बने इस लोहा पुल का कोयला ट्रांसपोर्टिंग के दृष्टिकोण से काफी महत्व है. विभिन्न कोलियरियों से कोयला लेकर ट्रक पुल के बगल में बने कोयला बंकर में कोयला डंप करने पहुंचते हैं. कोयला को बाद में रेलवे रैक के माध्यम से बाहर भेजा जाता है. कोयला ट्रांसपोर्टिंग के अलावा प्रत्येक रविवार व पर्व-त्योहारों के मौके पर इसी पुल के माध्यम से कोयलांचल की यातायात व्यवस्था को डायवर्ट कर दिया जाता है. कोयलांचल की अन्य पुलें भी जर्जर : भुरकुंडा कोयलांचल के विभिन्न मार्गों पर पड़नेवाले पुल भी जर्जर हाल में है. भुरकुंडा में नलकारी नदी पर बना पुल तेजी से कमजोर हो रहा है. पुल का छड़ व जैकेटिंग का लोहा उखड़ गया है. नलकारी नदी पर ही बना दोमुहान पुल भी अत्यंत जर्जर हाल में है. रिवर साइड-गिद्दी के बीच दामोदर नदी पर बना पुल भी जर्जर हाल में है. भुरकुंडा-रामगढ़ मार्ग पर कनकनी नदी पर बने पुल की भी यही कहानी है.

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