ePaper

बंद पड़े अपैरल पार्क को जल्द शुरू कराया जायेगा : डीडीसी

Updated at : 23 Apr 2025 9:32 PM (IST)
विज्ञापन
बंद पड़े अपैरल पार्क को जल्द शुरू कराया जायेगा : डीडीसी

चैनपुर प्रखंड कार्यालय के कैंपस में संचालित अपैरल पार्क को चालू कराने के लेकर बुधवार को डीडीसी शब्बीर अहमद ने निरीक्षण किया.

विज्ञापन

मेदिनीनगर. चैनपुर प्रखंड कार्यालय के कैंपस में संचालित अपैरल पार्क को चालू कराने के लेकर बुधवार को डीडीसी शब्बीर अहमद ने निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि कोयल आजीविका अपैरल पार्क की डेढ़ सौ मशीन है. इसके अलावा पाटन की 44 व लेस्लीगंज की 40 सिलाई मशीन शुरू करायी जायेगी. इससे स्थानीय स्तर पर करीब 500 महिलाएं रोजगार से जुड़ सकती हैं. जिले में संचालित स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों के लिए ड्रेस यहां से खरीद कर भेजा जायेगा, ताकि अपैरल पार्क में काम कर रहीं महिलाओं को हमेशा काम मिल सके. पहले भी यहां से ड्रेस स्कूलों में भेजा जाता था. लेकिन स्कूल ड्रेस के रंग में बदलाव होने के कारण करीब 10 लाख रुपये का तैयार स्कूली ड्रेस रखा हुआ है. इससे जुड़े लोगों को काफी नुकसान हुआ. इतना ही नहीं अपैरल पार्क पर बिजली विभाग का 20 लाख रुपया बकाया है. प्रत्येक महीने 35 हजार का बिजली बिल आ रहा है. जेएसएलपीएस के अधिकारियों से डीडीसी ने जानकारी ली कि इसे शुरू कराने में कितना खर्च होगा. मशीन शुरू करने में करीब पांच लाख बताया गया है. उन्होंने कहा कि इसे किसी स्टार्टअप कंपनी या किसी एमएसएमइ कंपनी को दिया जायेगा. उसके माध्यम से स्थानीय महिलाओं से काम लिया जायेगा. जिससे लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा. जिला प्रशासन उस कंपनी को सिलाई मशीन व जगह उपलब्ध करा रही है. डीडीसी ने कहा कि इसे भी जल्द चालू किया जायेगा. जितने भी सरकारी स्कूल व कॉलेज है. वहां निशुल्क सेनेटरी पैड दिया जायेगा. प्रत्येक महीने एक छात्रा को 10 सैनिटरी पैड मुफ्त दिया जायेगा. मालूम हो कि 2019 में जेएसएलपीएस की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा 10 लाख रुपये लोन लेकर अपैरल पार्क खोला गया था. कोरोना काल के समय यहां की महिलाएं मास्क बना कर बड़े सस्ते दामों में बेचा करती थीं. जिससे महिलाओं को भी आमदनी होती थी. लोगों को भी कम दाम पर मास्क उपलब्ध हो जाता था. इसके बाद 2022 में इस अपैरल पार्क से महिलाएं करीब 15 लाख झंडा बना कर बेची थी. अपैरल पार्क के अंदर ही सेनेटरी पैड भी बनाया जाता था. वह भी बंद हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATYAPRAKASH PATHAK

लेखक के बारे में

By SATYAPRAKASH PATHAK

SATYAPRAKASH PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola