चैनपुर प्लस टू उवि भवन में केंद्रीय विद्यालय संचालित होने से शिक्षण कार्य प्रभावित

Published by : Akarsh Aniket Updated At : 12 Feb 2026 8:41 PM

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1600 छात्र नामांकित, मानक के अनुसार 40 शिक्षक चाहिए, पर 29 से चल रहा विद्यालय

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1600 छात्र नामांकित, मानक के अनुसार 40 शिक्षक चाहिए, पर 29 से चल रहा विद्यालय रामनरेश तिवारी, मेदिनीनगर पलामू जिले के चैनपुर स्थित श्री सदगुरु प्रतापहरि प्लस टू उच्च विद्यालय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. एक ओर कमरों का अभाव है, तो दूसरी ओर सरकारी गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों की भारी कमी है. इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है. विद्यालय के प्राचार्य द्वारा विभाग को कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. विद्यालय भवन की मरम्मत नहीं होने से छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है. प्राचार्य कक्ष की छत कई बार टूटकर गिर चुकी है, जिसमें प्राचार्य व शिक्षक बाल-बाल बच चुके हैं.विद्यालय संचालन के दौरान हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है. यह प्लस टू विद्यालय वर्ग नौवीं से बारहवीं तक संचालित होता है, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार न तो पर्याप्त कमरे हैं और न ही शिक्षक. विद्यालय में 1600 विद्यार्थी नामांकित चैनपुर स्थित सदगुरु प्रतापहरि प्लस टू उच्च विद्यालय में कुल 1600 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 40 प्रतिशत छात्राएं हैं। विद्यालय में कुल 29 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें एक प्रधानाध्यापक शामिल हैं. इससे पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होती है. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है.इस हिसाब से विद्यालय में कम से कम 40 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन कम संसाधनों में शिक्षक किसी तरह बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं. कमरों का भारी अभाव विद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुसार कमरे उपलब्ध नहीं हैं. विद्यालय भवन का एक हिस्सा केंद्रीय विद्यालय को आवंटित कर दिया गया है. शेष भाग में प्लस टू विद्यालय संचालित हो रहा है, लेकिन वहां भी कमरों की स्थिति जर्जर है. प्रधानाध्यापक कक्ष की छत का प्लास्टर गिरता रहता है, जिससे शिक्षक व छात्र भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. लोगों का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय को दो वर्षों के लिए भवन आवंटित किया गया था, लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी उसका भवन निर्माण पूरा नहीं हुआ. यह स्थिति संवेदक व भवन निर्माण विभाग की लापरवाही को दर्शाती है. सवाल उठ रहा है कि जिला प्रशासनिक पदाधिकारी आखिर कब तक चुप्पी साधे रहेंगे. 10 लाख की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया : डीइओ जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने बताया कि विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये का प्राक्कलन बनाकर जेपीसी को पत्र भेजा गया है. साथ ही 10 कमरों के नए भवन का भी प्राक्कलन तैयार किया गया है. डीइओ ने कहा कि भवन काफी पुराना हो चुका है और तत्काल मरम्मत की जरूरत है। जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

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